योगी आदित्यनाथ का रक्षाबंधन पर तोहफा, तीन दिनों तक महिलाएं, बेटियां एक सहयात्री के साथ बसों में कर सकेंगी निःशुल्क यात्रा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ कर विशेष बसों को फ्लैग-ऑफ किया। इस योजना के तहत प्रदेश की 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की माताओं-बहनों को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी, शुभारंभ अवसर पर योगी ने महिलाओं , बहनों, बेटियों को एक बड़ा तोहफा भी दिया उन्होंने तीन दिन 27, 28 और 29 अगस्त को सभी महिलाओं के लिए एक सहयात्री के साथ निःशुल्क बस यात्रा की घोषणा की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी महिला स्वावलंबन की बात होती है, तो हम सब ‘लोकमाता’ अहिल्याबाई होल्कर का नाम बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण करते हैं, उन्होंने सिर्फ समाज की महिलाओं को सिर्फ जागृत ही नहीं किया बल्कि समाज में उनका सतना भी दिलाया, अहिल्या बाई ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया, आक्रान्ताओं द्वारा ध्वस्त कई मंदिरों का भी जीर्णोद्धार कर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। हमारी सरकार जब आई तो हमने प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के रहने के लिए अहिल्या बाई के नाम पर निःशुल्क छात्रावास बनाये, जिसमें आज हजारों बहने रह रही हैं।
राखी पर तीन दिन बसों में निःशुल्क यात्रा की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा हमने बुजुर्ग महिलाओं के लिए जब निःशुल्क बस सेवा योजना पर विचार किया तो योजना के नाम पर चर्चा हुई तो हमारे ध्यान में सिर्फ एक ही नाम आया वो लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का था और आज हम इस बस योजना का शुभारंभ कर रहे हैं, इसमें 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की माताओं-बहनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी, उनसे कोई भी शुल्क नहीं लिया जायेगा। योगी ने इस विशेष अवसर पर रक्षाबंधन का तोहफा देते हुए घोषणा की कि 27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन और माता अपने एक सहयात्री के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
पहले नारा गूंजता था- देख सपाई बिटिया घबराई
योगी ने समाजवादी अप्रती की सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा, 2017 के पहले हर बेटी, बहन और माता की जुबान पर ये नारा गूंजता था- देख सपाई बिटिया घबराई, मतलब ये नारा उस सरकार का मॉडल था जिसमें बेटी की सुरक्षा अपर संकट था जहाँ उनका कोई सम्मान नहीं था और जब सुरक्षा सम्मान ही नहीं तो स्वावलंबन कहाँ से होता, उस दौर में ना कोई महिला हेल्प डेस्क थी ना सीसीटीवी ना कोई महिला बीट सिस्टम, पेंशन और छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे पोषण आहार पर माफिया का कंट्रोल था उत्सव से पहले उपद्रव हो जाते थे और जब कर्यु लगता था तो सबसे ज्यादा परेशानी माताओं बहनों को होती थी।
सिर्फ अपने भाई को ही नहीं सैनिक और पुलिस के जवानों को भी बांधें राखी
योगी ने कहा प्रदेश की 25 करोड़ जनता में करीब साढ़े बारह करोड़ यानि आधी आबादी महिलाओं की है बेटी, बहन और माताओं की है, इतनी बड़ी आबादी को ये सुविधा उपलब्ध कराते हुए मुझे ख़ुशी हो रही है, उन्होंने कहा ये कार्यक्रम रक्षाबंधन के अवसर पर हो रहा है इसलिए मैं आप सभी को बधाई देता हूँ लेकिन एक अपील भी करता हूँ कि आप अपने भाई की कलाई पर तो रक्षा सूत्र बांधेंगी ही लेकिन आपकी सुरक्षा का दायित्व निभाने वाले सैनिक, पूर्व सैनिक और पुलिस के जवानों को भी रक्षा सूत्र बांधें।
27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन और माता अपने एक सहयात्री के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी… pic.twitter.com/3wOgV3vbwG
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 26, 2026
वर्ष 2017 के पहले हर बेटी, बहन और माता की जुबान पर ये नारा गूंजता था- देख सपाई बिटिया घबराई… pic.twitter.com/j7CMyVjnUe
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माताओं-बहनों और बेटियों से मेरी अपील… pic.twitter.com/2XWnMfxi2w
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विमेंस एशिया कप 2026 में आज भारत का पहला मैच, थाईलैंड की टीम होगी सामने, इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज विमेंस एशिया कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में थाईलैंड का सामना करेगी। दरअसल दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रात 8 बजे होने वाले इस मैच में भारत जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत करना चाहेगा। टीम के पास अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मजबूत स्पिन अटैक भी है, जो मुकाबले का रुख बदल सकता है।
कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा जैसी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। हालांकि जेमिमा रोड्रिग्स चोट के कारण बाहर हैं और उनकी जगह प्रतिका रावल को टीम में शामिल किया गया है। भारत का लक्ष्य पहले मैच से ही लय हासिल करना होगा ताकि ग्रुप चरण में बढ़त बनाई जा सके। दूसरी ओर थाईलैंड की टीम भी अपने अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के दम पर चुनौती पेश करने की कोशिश करेगी।
भारत बनाम थाईलैंड रिकॉर्ड पर नजर डालें
दरअसल भारत और थाईलैंड के बीच अब तक तीन महिला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले हुए हैं और हर बार भारतीय टीम विजेता रही है। इन मुकाबलों में भारत ने 66 रन, 9 विकेट और 74 रन के अंतर से जीत दर्ज की थी। यही रिकॉर्ड भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाता है, लेकिन टी-20 क्रिकेट में हर मैच नई चुनौती लेकर आता है। वहीं बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा उम्मीद शेफाली वर्मा से होगी, जिन्होंने हाल के मुकाबलों में लगातार रन बनाए हैं। स्मृति मंधाना से टीम को तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर मध्यक्रम को मजबूती देंगी। विकेटकीपर ऋचा घोष भी तेजी से रन बनाने की क्षमता रखती हैं। गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और श्री चरानी भारत की बड़ी ताकत हैं। चरानी हाल के मैचों में शानदार फॉर्म में रही हैं और टी-20 गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुकी हैं। राधा यादव और प्रेमा रावत जैसे स्पिन विकल्प भारत को अतिरिक्त मजबूती देते हैं। वहीं थाईलैंड की टीम में थिपाचा पुथावोंग सबसे बड़ा हथियार मानी जा रही हैं। उनकी किफायती गेंदबाजी विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बना सकती है। बल्लेबाजी में नन्नापत कोनचारोएनकाई अच्छी लय में हैं और भारत को उनके खिलाफ सावधानी बरतनी होगी।
दुबई की पिच कैसी रहेगी?
दरअसल दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को मदद दे सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाजों को टर्न मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। यही वजह है कि भारत का संतुलित स्पिन आक्रमण इस मुकाबले में बड़ा अंतर पैदा कर सकता है। रात में खेले जाने वाले इस मैच में शुरुआत में तेज गेंदबाजों को भी हल्की स्विंग मिल सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी पर विचार कर सकती है। मौसम की बात करें तो दुबई में आसमान साफ रहने का अनुमान है। दिन का तापमान करीब 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जबकि मैच के समय यह करीब 31 डिग्री तक आ सकता है। बारिश की कोई संभावना नहीं है, इसलिए पूरे 20 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरानी, रेणुका ठाकुर।
थाईलैंड: नन्नापत कोनचारोएनकाई, नत्थाकन चन्थम, नरूमोल चाईवाई (कप्तान), फन्निता माया, चनिदा सुत्थिरुआंग, सुलेपॉर्न लाओमी, ओननिचा कामचोम्फू, थिपाचा पुथावोंग, सुनीदा चतुरोंगरत्तना, अपिसरा सुवानचोनराठी, चयानिसा फेंगपैन।
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