Janmashtami 2026: बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं, सिर्फ 10 मिनट में घर पर बनाएं कान्हा की पसंदीदा माखन-मिश्री
जन्माष्टमी 2026 का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा। इस खास दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण यानी लड्डू गोपाल के लिए नए कपड़े, उनकी पसंद की चीजें और तरह-तरह के पकवान तैयार करते हैं। जन्माष्टमी के भोग की बात हो तो माखन-मिश्री का नाम सबसे पहले आता है।
मान्यता है कि कान्हा को माखन और मिश्री बहुत पसंद थी, इसलिए जन्माष्टमी पर उनके भोग में माखन-मिश्री जरूर शामिल की जाती है। हालांकि, कई लोगों को घर पर मक्खन निकालना काफी मेहनत वाला काम लगता है और वे बाजार से माखन-मिश्री खरीद लेते हैं। लेकिन ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आप घर पर ही करीब 10 मिनट में स्वादिष्ट माखन-मिश्री तैयार कर सकती हैं।
माखन-मिश्री बनाने के लिए सामग्री
घर पर माखन-मिश्री बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
250 ग्राम ताजी और ठंडी मलाई
8-10 बर्फ के टुकड़े
50 ग्राम मिश्री
3-4 केसर के धागे
5-6 पिस्ते
अन्य ड्राई फ्रूट्स, अगर चाहें
भोग के लिए 1-2 तुलसी के पत्ते
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सबसे पहले मलाई को मिक्सी में डालें
माखन-मिश्री बनाने के लिए सबसे पहले 3-4 दिन पुरानी ठंडी मलाई लें। इसे मिक्सी के जार में डाल दें। अब इसमें आधा गिलास ठंडा पानी या 8-10 बर्फ के टुकड़े डालें। ठंडे पानी या बर्फ की मदद से मलाई से मक्खन जल्दी अलग होने लगता है।
मिक्सी को रुक-रुककर चलाएं
अब मिक्सी को लगातार चलाने के बजाय रुक-रुककर करीब 1 से 2 मिनट तक चलाएं। कुछ ही देर में मलाई से मक्खन अलग होना शुरू हो जाएगा। मिक्सी बंद करके देखें। आपको ऊपर की तरफ सफेद मक्खन दिखाई देगा, जबकि नीचे छाछ रह जाएगी।
मक्खन को अलग कर लें
अब चम्मच या स्पैचुला की मदद से ऊपर जमा हुआ मक्खन धीरे-धीरे निकाल लें। मक्खन निकालते समय कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा छाछ नीचे ही रह जाए, ताकि आपको साफ और अच्छा मक्खन मिल सके।
मक्खन को ठंडे पानी से धोएं
निकाले हुए मक्खन को एक बर्तन में ठंडे पानी के अंदर रखें और हल्के हाथों से धो लें। इससे मक्खन में बची छाछ अलग हो जाएगी और मक्खन साफ हो जाएगा। इसके बाद मक्खन को पानी से निकालकर एक साफ कटोरी में रख दें।
अब डालें मिश्री और ड्राई फ्रूट्स
अब तैयार मक्खन में मिश्री का पाउडर डालें। मिश्री को साबुत डालने के बजाय पहले पीस लेना बेहतर रहेगा, ताकि वह मक्खन में अच्छी तरह मिल जाए। इसके बाद इसमें बारीक कटे हुए पिस्ते और अपनी पसंद के दूसरे ड्राई फ्रूट्स डालें। चाहें तो स्वाद और खुशबू के लिए 3-4 केसर के धागे भी डाल सकती हैं। सभी चीजों को हल्के हाथों से मिला लें। आपकी माखन-मिश्री तैयार है।
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तुलसी के पत्ते से करें भोग
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री का भोग लगाने के लिए इसके ऊपर ताजा तुलसी का पत्ता रख दें। अब आप इसे भगवान श्रीकृष्ण को भोग में अर्पित कर सकती हैं। घर पर बनी ताजी माखन-मिश्री न सिर्फ स्वादिष्ट लगेगी, बल्कि इसे बनाना भी काफी आसान है।
माखन-मिश्री बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
घर पर माखन-मिश्री बनाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से मक्खन आसानी से निकल आएगा।
मक्खन बनाने के लिए 3-4 दिन पुरानी, ताजी और अच्छी तरह ठंडी मलाई का इस्तेमाल करें।
मलाई में हमेशा ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े डालें।
माखन में सामान्य चीनी की जगह मिश्री का इस्तेमाल करें।
मिश्री को साबुत डालने के बजाय पीसकर मिलाएं।
मलाई से मक्खन निकलने के बाद उसे एक बार ठंडे पानी से जरूर धो लें।
भोग के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री ताजी और साफ होनी चाहिए।
जन्माष्टमी पर घर पर बनाएं कान्हा का पसंदीदा भोग
जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ-साथ भक्ति और उत्साह का पर्व भी है। इस दिन अगर आप लड्डू गोपाल के लिए घर पर कुछ खास बनाना चाहती हैं, तो माखन-मिश्री एक आसान और स्वादिष्ट विकल्प है। इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और इसके लिए बहुत ज्यादा सामग्री की भी जरूरत नहीं पड़ती।
चैट-जीपीटी, क्लाउड और ग्रोक एक साथ ठप:लॉगिन-सवालों के रिप्लाई में दिक्कत, तीनों प्लेटफॉर्म पर रोज करीब 20 करोड़ यूजर आते हैं
दुनिया के तीन बड़े AI प्लेटफॉर्म गुरुवार शाम तकनीकी खराबी के कारण अचानक एक साथ ठप पड़ गए। ओपनएआई के चैट-जीपीटी, एंथ्रोपिक के क्लाउड और एलन मस्क के ग्रोक AI में यूजर्स लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं। जवाब मिलने और पुरानी चैट लोड करने में परेशानी आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों AI प्लेटफॉर्म्स में दुनियाभर में हर दिन करीब 21.2 करोड़ यूजर्स आते हैं। यूजर्स इसकी शिकायत ‘डाउनडिटेक्टर’ पर कर रहे हैं। यह वेबसाइट एप और वेबसाइट को लगातार ट्रेक करती है और कोई परेशानी आने पर यूजर्स की शिकायतें तुरंत बताती है। तीनों प्लेटफॉर्म की समस्याओं एक-एक कर जानते हैं… 1. चैटजीपीटी में सर्च और इमेज जनरेशन जैसे फीचर ठप ओपन-एआई नए मॉडल 'अस्ट्रा' की कर रहा था तैयारी यह सर्वर क्रैश ऐसे समय में हुआ है जब ओपनएआई अपने नए एआई मॉडल 'अस्ट्रा' के लॉन्च का टीजर जारी कर रहा है। ओपनएआई ने कहा कि उसने सुधार के काम शुरू कर दिए हैं और रिकवरी पर नजर रख रहा है। 2. एंथ्रोपिक के क्लाउड AI पर भी बुरा असर भारतीय समय अनुसार रात 7:30 बजे क्लाउड चैटबॉट, क्लाउड कोड और API ठप हो गए। ओपस ने बताया कि मुख्य रूप से ओपस 4.8 और ओपस 5 पर ही असर है। डाउनडिटेक्टर पर अमेरिका में 37,000 से ज्यादा और भारत में 7,500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। प्रभावित यूजर्स में से 50% को 'क्लाउड कोड', 24% को 'क्लाउड चैट' और 19% को एप एक्सेस करने में दिक्कत आई। कंपनी बोली- इंफ्रास्ट्रक्चर में खराबी एंथ्रोपिक की टेक्निकल टीम ने X पर बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर में खराबी के कारण आंशिक परेशनी आई है। समस्या ठीक की जा रही है, लेकिन सेवाएं पूरी तरह कब बहाल होंगी, इसका सटीक समय अभी तय नहीं है। 3. ग्रोक पर ओवरलोड का मैसेज दिखा इलॉन मस्क का AI प्लेटफॉर्म ग्रोक भी ठप है। इसके एप और वेब वर्जन दोनों पर काम रुक गया। X पर सवाल पूछने पर यूजर्स को 'मॉडल ओवरलोड' का एरर मैसेज मिला। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, अमेरिका में 1,200+ और भारत में 84 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। प्रभावित यूजर्स में से 50% को एप, 18% को AI जेनरेशन और 8% को वेबसाइट में दिक्कत आई। xAI की टीम सेवा जल्द बहाल करने में जुटी है। सवाल-जवाब में जानिए तीनों प्लेटफॉर्म अलग, फिर भी एक साथ क्यों ठप हुए… 1. सवाल: चैटजीपीटी, क्लॉड और ग्रोक एक साथ ठप क्यों? जवाब: तीनों अलग कंपनियों के AI हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए सर्वर, क्लाउड, नेटवर्क और दूसरे तकनीकी सिस्टम की जरूरत होती है। इनमें से किसी साझा सिस्टम में दिक्कत आए, तो एक से ज्यादा AI सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 2. सवाल: माइक्रोसॉफ्ट एज्योर इसकी वजह हो सकता है? जवाब: रिपोर्ट्स में माइक्रोसॉफ्ट एज्योर को संभावित वजह हो सकता है। अभी किसी कंपनी ने यह नहीं कहा है कि एज्योर की खराबी के कारण तीनों एआई ठप हुए। माइक्रोसॉफ्ट एज्योर एक क्लाउड सेवा है, जो कंपनियों को इंटरनेट के जरिए सर्वर, डेटा स्टोरेज और दूसरी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। 3. सवाल: क्या तीनों का पूरा तकनीकी ढांचा एक ही है? जवाब: नहीं। तीनों कंपनियों के एआई मॉडल और अपने सिस्टम अलग हैं। लेकिन इनके पीछे इस्तेमाल होने वाली कुछ क्लाउड और इंटरनेट सेवाएं एक जैसी हो सकती हैं। 4. सवाल: क्या यह सिर्फ सर्वर की खराबी हो सकती है? जवाब: हां। AI सेवा के पीछे सिर्फ सर्वर नहीं होते। लॉगिन, नेटवर्क, एपीआई, डेटा सेंटर और दूसरे सिस्टम भी काम करते हैं। इनमें से किसी एक में खराबी आने पर पूरी सेवा प्रभावित हो सकती है। 5. सवाल: क्या तीनों की खराबी आपस में जुड़ी हैं? जवाब: तीनों में लगभग एक ही समय पर दिक्कत आई, लेकिन कंपनियों ने इनके बीच किसी एक पुष्टि नहीं की है। 6. सवाल: इस आउटेज से सबसे ज्यादा नुकसान किसका हुआ? जवाब: रोज के काम, API इंटीग्रेशन और ऑटोमेशन के लिए AI पर निर्भर डेवलपर्स, रिसर्चर्स और कंपनियों का काम ठप हो गया। कोडिंग रुकने और ऑटोमेटेड सिस्टम क्रैश होने से कई व्यावसायिक गतिविधियां बाधित हुईं। 7. सवाल: इस तरह की स्थिति में यूजर्स और डेवलपर्स के लिए क्या विकल्प हैं? जवाब: टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों को सिर्फ एक AI के भरोसे रहने के बजाय बैकअप सिस्टम रखना चाहिए। किसी एक AI के ठप होने पर गूगल जेमिनी या परप्लेक्सिटी जैसे चालू टूल्स का इस्तेमाल विकल्प के तौर पर किया जा सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है आउटेज? आउटेज एक ऐसी स्थिति होती है जब कोई सर्विस जैसे इंटरनेट, एप, वेबसाइट अचानक काम करना बंद कर देती है या उपलब्ध नहीं रहती। यह कुछ समय के लिए हो सकता है। जैसे कुछ मिनट से लेकर घंटों तक। इसका कारण सर्वर फेल होना, नेटवर्क समस्या, रखरखाव, मौसम की मार, हार्डवेयर खराबी या ज्यादा लोड पड़ना हो सकता हैं। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… देश में बना सबसे तेज ड्रोन, 500Kmph रफ्तार: मिसाइलों को मार गिराएगा, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज देश का सबसे तेज रफ्तार इंटरसेप्टर ड्रोन बनकर तैयार हो गया है, जो दुश्मन मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। हैदराबाद के स्टार्टअप अपोलियन डायनेमिक्स ने गुरुवार को बताया कि उनकी कंपनी ने आहुति Mk-II बनाया है, इसकी स्पीड करीब 500 किलोमीटर प्रति घंटा है। 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' ने इसकी रफ्तार 498 किमी./ घंटा दर्ज की है। पूरी खबर पढ़ें…
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