How will the UK’s new government change the country? | BBC News
Prime Minister Andy Burnham has consistently talked about what he sees as the wrong direction the country has been taken over the last 40 years. So as the new Chancellor John Healey prepares a speech for tomorrow setting out his plans for growth, we look at whether this government will be as different as it is being presented as. The new Conservative shadow chancellor Andrew Griffith is also trying to distance himself from the past. We compare the two approaches. And after more difficult questions for Reform UK and Nigel Farage over money, we ask where he goes from here and whether can recover from the damage they’ve caused. CHAPTERS 00:00 Will the new government actually be different? 09:28 Who is Kemi Badenoch’s new shadow chancellor? 13:30 Will Labour bail out Jaguar Land Rover? 16:55 Does Nigel Farage’s donations defence help him? Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #AndyBurnham #UKPoliticsPodcast #ReformDonations #NigelFarage #JohnHealey #LabourParty #BBCNewscast #NewsPodcast #BBCNews
ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और दूत स्टीव विटकॉफ ने रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अहम बातचीत की। यह बातचीत रूस के साथ चल रहे युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए हुई। दोनों की यह कीव की पहली यात्रा थी। इससे एक दिन पहले उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। बैठक के बाद विटकॉफ ने कहा, हमने बहुत सार्थक और महत्वपूर्ण बातचीत की। यह काफी गंभीर चर्चा थी। हम इससे बहुत उत्साहित हैं और जब तक जरूरत होगी, बातचीत जारी रखेंगे। कुशनर ने कहा कि इस यात्रा से अमेरिकी डेलिगेशन को काफी कुछ सीखने को मिला है। उम्मीद है कि इससे शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के नए रास्ते मिलेंगे। मुलाकात की तस्वीरें… बैठक में यूरोपीय देशों का डेलिगेशन भी मौजूद रहा अमेरिकी दूतों की बातचीत के साथ ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई। जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों की मौजूदगी का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "हम आभारी हैं कि यूरोपीय देश आज हमारे साथ हैं और हम देशों के ऐसे गठबंधन का हिस्सा हैं। हम सभी एक ही पक्ष में हैं।" अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ट्रेन से कीव पहुंचा। वहां प्लेटफॉर्म पर ‘पीस एक्सप्रेस’ लिखा हुआ था। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन ने अमेरिकी दूतों के आने के लिए अपने एयरपोर्ट तैयार किए थे, लेकिन रूसी हमलों के कारण हवाई यात्रा संभव नहीं हो सकी। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी दूतों ने ठोस योजनाओं पर चर्चा की है। इन योजनाओं का ऐलान आने वाले हफ्तों में किया जाएगा। वहीं, रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने भी बताया कि अमेरिकी दूतों ने युद्ध खत्म करने के लिए कुछ विचार सामने रखे हैं, लेकिन उनकी जानकारी नहीं दी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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