IAS Transfer: एक साथ 7 आईएएस अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी, तबादले का आदेश जारी, देखें पूरी लिस्ट
गुजरात की ब्यूरोक्रेसी में फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक साथ 7 भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का स्थानांतरण (IAS Transfer) किया है। मैनेजिंग डायरेक्टर, सचिव और अयुक्त समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव हुआ है। तबादले और नियुक्ति से संबन्धित आदेश समान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को जारी किया है।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, सचिवालय गांधीनगर पर कार्यरत संजीव कुमार को प्रबंध निदेशक गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड भरूच पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पद पर कार्यरत राजकुमार बेनीवाल का स्थानांतरण हुआ है। राजेश मांझू रेवेन्यू इंस्पेक्शन कमिश्नर और एक्स ऑफिशियो सेक्रेटरी राजस्व विभाग सचिवालय गांधीनगर को स्थानांतरित करके स्टाफ अधीक्षक और पंजीकरण महानिरीक्षक पद पर नियुक्त किया गया है।
सूरत नगर निगम के नगर आयुक्त बदले गए
राजकुमार बेनीवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर, गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल लिमिटेड भरूच को स्थानांतरित करके सूरत नगर निगम के नगर आयुक्त पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी सेवाएं अर्बन डेवलपमेंट एंड अर्बन हाउसिंग डिपार्मेंट को नियुक्ति के लिए सौंपी गई है। इस पद पर कार्यरत तेजस परमार को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
इन आईएएस अफसरों का भी तबादला हुआ
जानू देवन, सचिव वित्त विभाग (व्यय) को रेवेन्यू इंस्पेक्शन कमिश्नर और एक्स ऑफिशियो सेक्रेटरी राजस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। रेम्या मोहन मुथदथ म्युनिसिपालिटीज एडमिनिस्ट्रेशन के आयुक्त, एक्स-ऑफिशियो मैनेजिंग डायरेक्टर गुजरात अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर गुजरात अर्बन डेवलपमेंट मिशन गांधीनगर को सरकार (हाउसिंग एंड निर्मल) गुजरात अर्बन डेवलपमेंट एंड अर्बन हाउसिंग डिपार्मेंट के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पद पर कार्यरत राजकुमार बेनीवाल को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
रचित राय, अनुसूचित जाति कल्याण के निदेशक को स्थानांतरित करके आदिवासी विकास के निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही वह अनुसूचित जाति के निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। हर्षिल आर मीणा को डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर मेहसाणा पद पर नियुक्त किया गया है। इस पद पर कार्यरत पीबी राठौड़ को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर ढही इमारत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां एक तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इमारत के मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना की जानकारी मिलते ही फायर डिपार्टमेंट, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
सत्य निकेतन इलाके में एक हॉस्टल की इमारत के गिरने के बाद अब मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है। मौके पर जेसीबी के साथ-साथ दमकल की भी करीब 12 गाड़िया मौके पर मौजूद हैं। अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, जो बिल्डिंग गिरी है वह 5 मंजिला थी। कुल कितने लोग फंसे हैं अभी तक इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। यह इमारत कैसे गिरी इसको लेकर भी जांच की जा रही है। स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से मदद करने में जुटे हुए हैं।
इस घटना पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान
इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सत्य निकेतन, आरके पुरम में बिल्डिंग गिरने की घटना से उन्हें दुख हुआ है। DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
मंत्री आशीष सूद ने अधिकारियों को दिए निर्देश
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। संबंधित टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही हैं। मंत्री ने अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और मौके पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस ने सरकार से युद्धस्तर पर राहत-बचाव की अपील की
इस घटना पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खबरों के मुताबिक, इस इमारत में ज्यादातर दिल्ली विश्वविद्याल के छात्र रहते थे, जिनके मलबे में दबे होने की जानकारी मिल रही है। घटना के तुरंत बाद से NSUI के साथी मौके पर हर संभव मदद करने में जुटे हैं। सरकार से अपील है कि युद्धस्तर पर राहत बचाव कार्य चलाएं, मलबे में दबे छात्रों और लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए।
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
खबरों के मुताबिक, इस इमारत में ज्यादातर DU के छात्र रहते थे, जिनके मलबे में दबे होने की जानकारी मिल रही है।
घटना के तुरंत बाद से NSUI के साथी मौके पर हर संभव मदद करने में जुटे… pic.twitter.com/eyBM8orlYi
— Congress (@INCIndia) September 6, 2026
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