PM Modi ने SRCC में विपक्ष पर साधा निशाना, ‘नाराज फूफा’ से की आलोचकों की तुलना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 2013 के भारत और आज के भारत की तुलना करते हुए कहा कि देश पिछले एक दशक में आर्थिक और सामाजिक तौर पर मजबूत हुआ है और आज ज्यादा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
अपने भाषण में पीएम मोदी ने विपक्ष और सरकार की नीतियों के आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आदत बन गई है कि वे हर काम पर सवाल उठाते हैं कि “इसकी जरूरत क्या है?” पीएम ने ऐसे आलोचकों की तुलना परिवार के उस ‘नाराज फूफा’ से की, जिन्हें हर चीज में कमी नजर आती है।
#WATCH | Delhi: At the centenary celebrations of Shri Ram College of Commerce (SRCC), PM Narendra Modi says, "You will meet two kinds of people. One kind transforms the strength of society into the strength of the nation. The other becomes 'Naraz Fufa' whenever any work is… https://t.co/f8QqVjsyXk pic.twitter.com/4lz2FNWgFR
— ANI (@ANI) September 5, 2026
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बुलेट ट्रेन से UPI तक का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि जब देश में दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा बनाई जा रही थी, तब भी सवाल उठाए गए थे। इसी तरह बुलेट ट्रेन, UPI, सेमीकंडक्टर और नए संसद भवन जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी आलोचना हुई। उन्होंने कहा कि आज इन्हीं पहलों ने भारत की क्षमता और विकास की तस्वीर बदलने में योगदान दिया है।
‘दिमागी नक्सल’ बयान पर भी बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने 15 अगस्त के लाल किले के भाषण का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने आलोचकों को ‘होम्योपैथिक दवा’ दी थी और उनके बयान के बाद कई लोगों की सोच सामने आ गई। पीएम ने इस दौरान देश के विकास को लेकर अपनी सरकार की नीतियों का बचाव किया और कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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2013 के भारत से आज के भारत की तुलना
SRCC के छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें 2013 का भारत याद करना चाहिए। उन्होंने उस समय की आर्थिक चुनौतियों, आतंकवादी हमलों और देश के सामने मौजूद दूसरी समस्याओं का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत पहले के मुकाबले ज्यादा आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने अपनी बात रख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पिछले करीब एक दशक में लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। उनके मुताबिक, नए बाजार खुलने से देश के युवाओं और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
जीडीपी ग्रोथ और अर्थव्यवस्था का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का असर अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहा है। एक अन्य संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2013 में भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज देश की आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर है।
13 साल बाद फिर SRCC पहुंचे पीएम मोदी
पीएम मोदी का SRCC से पुराना जुड़ाव रहा है। वह करीब 13 साल बाद दोबारा इस कॉलेज पहुंचे। फरवरी 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने SRCC में छात्रों को संबोधित किया था। उस समय भी उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था और विकास को लेकर अपनी सोच छात्रों के सामने रखी थी। इस बार अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को देश के भविष्य में बड़ी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज युवाओं के सपने सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे खुद कंपनियां और नए कारोबार शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने युवाओं की इसी उद्यमशील सोच को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
Saharanpur: मस्जिद के मलबे के नीचे मिला 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में मचा हड़कंप
कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने के करीब 24 घंटे बाद रविवार को मलबा हटाने के दौरान एक कुआं मिला है। मलबा साफ कर रही टीम को यह कुआं मस्जिद के नीचे मिला। बताया जा रहा है कि कुएं की गहराई करीब 15 फीट और चौड़ाई करीब डेढ़ मीटर है। कुएं के ऊपर एक भारी स्लैब डाला गया था। जब पोकलेन मशीन से स्लैब नहीं टूटा तो टीम ने कटर की मदद से उसे हटाया। स्लैब हटाते ही नीचे कुआं दिखाई दिया। फिलहाल यह साफ नहीं है कि कुआं कब बनाया गया था और यह कितना पुराना है।
शनिवार को गिराई गई थी मस्जिद
कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी जमीन पर बनी दो मंजिला मस्जिद को शनिवार सुबह प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से गिराया गया था। यह कार्रवाई जिला जज न्यायालय के 2 सितंबर के आदेश के बाद की गई। कार्रवाई के लिए सुबह-सुबह सात बुलडोजर लगाए गए थे। इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई को अपने आदेश में मस्जिद के निर्माण को अवैध माना था।
मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले के खिलाफ जिला जज की अदालत में अपील की थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जिला जज ने 2 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी थी।
#WATCH | Saharanpur, Uttar Pradesh: A well has been discovered at the demolition site where a mosque inside the Saharanpur Collectorate was demolished yesterday.
SDM Sadar Subodh Kumar stated that technical teams and concerned agencies will investigate to determine the scale… pic.twitter.com/WGOxXRRV3T— ANI (@ANI) September 6, 2026
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विकास त्यागी की शिकायत के बाद शुरू हुआ था मामला
इस मामले की शुरुआत बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत से हुई थी। उन्होंने जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी जमीन पर कब्जा करके मस्जिद बनाई गई है। शिकायत की जांच के बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश लोक परिसर (अनधिकृत अध्यासियों की बेदखली) अधिनियम, 1972 के तहत की गई थी।
315 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा था कि प्रदेश सरकार की 315 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा करके मस्जिद का निर्माण किया गया है। अदालत ने संबंधित पुराने राजस्व रिकॉर्ड का भी हवाला दिया। रिकॉर्ड में फसली वर्ष 1324 और 1359 में इस जमीन को कचहरी-कलेक्ट्रेट के रूप में दर्ज पाया गया था। इसके बाद मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए जमीन खाली कराने और कब्जाधारी से करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश दिया गया था।
जिला जज ने भी खारिज की अपील
मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ 20 जुलाई को जिला जज कोर्ट में अपील की थी। करीब डेढ़ महीने तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने 2 सितंबर को अपील खारिज कर दी और सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार रात ही कलेक्ट्रेट परिसर की घेराबंदी कर दी थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
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कुएं को लेकर अभी क्या पता चला?
मस्जिद के मलबे के नीचे मिला कुआं इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुआं कितना पुराना है, इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होता था और इसे कब बनाया गया था। आगे की जांच के बाद ही इसकी स्थिति और इतिहास के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।
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