'रोग एआई' एजेंट्स ने जर्मन वेबसाइट पर किया कब्जा, ओपनएआई ने कहा- फ्रेमवर्क पर कर रहे काम
रिसर्चर्स ने पाया कि ओपनएआई के कुछ 'रोग एआई' एजेंट्स ने एक जर्मन वेबसाइट पर नियंत्रण कर लिया था और उसे दूसरे एआई एजेंट्स के लिए एक मैसेज बोर्ड में बदल दिया था. इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिका की एआई कंपनी ओपनएआई ने कहा है कि वह ऐसी चिंताओं को दूर करने के लिए एक फ्रेमवर्क पर काम कर रही है और आने वाले हफ्तों में इसे शेयर करेगी.
'रोग ओपनएआई' एजेंट्स के समूहों ने किया वेबसाइट पर कब्जा
कंपनी ने यह भी कहा कि वह इन मुद्दों पर दुनिया भर की दर्जनों सरकारी रेगुलेटरी एजेंसियों के साथ काम कर रही है, जिसमें हालिया 'विकी इंसिडेंट' भी शामिल है. बता दें कि रिसर्च में पाया गया था कि इस साल वसंत में 'रोग ओपनएआई' एजेंट्स के एक समूह ने एक जर्मन वेबसाइट पर कब्जा कर लिया था. 'ओपनएआई' ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "हम विकी इंसिडेंट के बारे में कैसे सोचते हैं, जहां हमारे एजेंट्स ने कई इंटरनेट साइटों पर लिखा था. अब समय आ गया है कि हम यह तय करें कि हम कब और कैसे मिसअलाइनमेंट की घटनाओं को शेयर करेंगे, न कि सिर्फ हमारे मॉडल के मिसअलाइनमेंट प्रॉपर्टीज को."
मिसअलाइनमेंट से वास्तविक दुनिया पर पड़ रहा प्रभाव
कंपनी ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से हमने मिसअलाइनमेंट को मुख्य रूप से एक रिसर्च सवाल के रूप में देखा है, जिसे सिस्टम कार्ड जैसे रिसर्च पब्लिकेशन में बताया जाता है. "इस साल, हमने देखा है कि मिसअलाइनमेंट के कारण नए प्रकार के वास्तविक दुनिया पर प्रभाव पड़ रहे हैं." 'हगिंग फेस' घटना पर, जहां मिसअलाइनमेंट के कारण कंपनी और थर्ड पार्टी को सुरक्षा के लिहाज से नुकसान हुआ, ओपनएआई ने कहा कि उसने पारंपरिक सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया प्लेबुक का पालन किया.
कंपनी ने बताया, "हमने तुरंत 'हगिंग फेस' के साथ मिलकर यह समझने के लिए काम करना शुरू किया कि क्या हुआ था और अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से इसका खुलासा भी किया. हमारी जांच जारी है, और हम उन पक्षों को सूचित करना जारी रखे हुए हैं, जिन पर हमारे मॉडल ने कम महत्वपूर्ण तरीकों से प्रभाव डाला." 'हगिंग फेस' घटना से पहले, कंपनी ने एजेंट्स द्वारा इंटरनेट का अनपेक्षित तरीकों से उपयोग करने के शुरुआती संकेत देखे थे.
मिसअलाइनमेंट की रिपोर्ट को लेकर अभी AI के पास स्पस्ट नहीं मानक
ओपन एआई ने कहा, "हमने विकी इंसिडेंट को मिसअलाइनमेंट का एक उदाहरण माना, जैसा कि हमने पहले शेयर किया था. मॉडल क्षमताओं के इस नए चरण के लिए हमारे मिसअलाइनमेंट डिस्क्लोजर प्रैक्टिस को विस्तार देने की जरूरत है." कंपनी ने कहा, "हमारे और बड़े एआई समुदाय के पास अभी तक यह स्पष्ट मानक नहीं है कि ट्रेनिंग, मूल्यांकन और तैनाती के दौरान दिखने वाले मिसअलाइनमेंट की रिपोर्ट कैसे की जाए, जिसमें ऐसे उदाहरण भी शामिल हैं जो पारंपरिक सुरक्षा घटनाओं की तरह नहीं दिखते, लेकिन एआई व्यवहार और भविष्य के जोखिमों के बारे में जानकारी दे सकते हैं."
स्रोत- आईएएनएस
Ganesh Chaturthi 2026: कब शुरू होगा गणेशोत्सव? जानें मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन की तिथि, शुभ मुहूर्त व योग
Ganesh Chaturthi 2026: सनातन धर्म में गणेश भगवान की महिमा सर्वोपरी मानी जाती है. हर साल उनके जन्मोत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है. भगवान गणेश देवी-देवताओं में प्रथम पुज्य माने गए हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर उनका जन्म हुआ था. इस दिन गणेश उत्सव की शुरुआत होती है और 10 दिनों तक चलने वाला यह पवित्र पर्व अनंत चतुर्थी के दिन समाप्त होता है. इस दिन गणेश विसर्जन किया जाता है. बता दें कि इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी. इस दिन संयोग से हरतालिका तीज का व्रत भी रखा जाएगा.
धार्मिका मान्यता है कि हरतालिका तीज पर जिस मिट्टी और बालू से मूर्ति बनाई जाती है. उन्हीं का विसर्जन करने के बाद गणेश की जी प्रतिमा बनाई जाती है. चलिए जानते हैं इस साल गणेश चतुर्थी तिथि के बारे में विस्तार से.
गणेश चतुर्थी 2026 की तिथि
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रारंभ- 14 सितंबर 2026, सुबह 05:22 बजे से
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि समाप्त- 15 सितंबर 2026, सुबह 07:14 बजे तक
गणेश चतुर्थी 2026 पूजा के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:27 से लेकर सुबह 05:14 मिनट तक
गणपति स्थापना का अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:09 से 12:58 बजे तक
गणेश पूजा का समय- सुबह 11 बजकर 20 मिनट से लेकर दोपहर 01:48 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:42 से 07:05 बजे तक
गणेश मूर्ति स्थापना और पूजा के दौरान इन बातों का ख्याल रखें
चंद्र दर्शन- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता है. 14 सितंबर को प्रात:काल 9 बजकर 12 मिनट से लेकर रात 8:58 तक के बीच, इस अवधि में चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि चंद्रमा दर्शन करने से व्यक्ति पर कलंक लग सकता है. इस दिन पूजा के लिए गणेश जी की नई प्रतिमा को घर लाया जाता है. मूर्ति को ईशान कोण में यानी उत्तर-पूर्वी दिशा में लकड़ी की चौकी पर स्थापित करना चाहिए. इस चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र जरूर बिछाएं. गणेश जी की पूजा में दूर्वा, लाल फूल जैसे गुड़हल, अक्षत व शमी के पत्तों का प्रयोग अवश्य करें. भगवान गणेश को इस दिन भोग में बेसन के लड्डू और मोदक अर्पित करें.
गणेश चतुर्थी पूजा विधि
गणपति मूर्ति की स्थापना और पूजा मध्याह्न के समय की जाती है. यह दिन का दूसरा प्रहर होता है. पंचांग सभी शहरों के लिए अलग-अलग हो सकता है. दिल्ली के पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहने वाला है. इस दिन सही विधि से पूजा करना आवश्यक होता है.
- सबसे पहले बप्पा की स्थापना होती है. इससे पहले पूजा स्थान को साफ-सुथरा कर लें.
- इसके बाद चौकी पर साफ वस्त्र बिछाएं और उस पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें.
- इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करें. पूजा का संकल्प लें और व्रत रखें.
- भगवान को जल, अक्षत, फूल आदि अर्पित करें.
- गणेश जी को रोली, सिंदूर, दुर्वा और फलों का भोग लगाएं.
- इसके बाद मोदक अर्पित करें. गणेश पूजा में दुर्वा का प्रयोग अवश्य करना चाहिए.
- इसके बाद धूप और दीप जलार पूजा करें.
- गणेश जी की आरती करें और पूजा का समापन करें.
- भगवान से पूजा के दौरान हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे.
गणेश विसर्जन 2026 कब होगा?
इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को होगा. यह मुख्य विसर्जन का दिन है. इसके अलावा, जो लोग डेढ़ दिन मूर्ति रखते हैं, वे 15 सितंबर 2026 को विसर्जन कर सकते हैं. तीसरे दिन का विसर्जन 16 सितंबर 2026 को होगा, पांचवे दिन का विसर्जन 20 सितंबर 2026 को होगा और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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