निशु आजाद के घर पर पथराव! परिवार को धमकियों का आरोप, सुरक्षा की लगाई गुहार
Swatantra Bhardwaj Controversy: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर निशु आजाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मामला विवाद से आगे बढ़कर उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा पर आ गया है. निशु ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए यह गंभीर शिकायत की है कि उनके घर पर अज्ञात लोगों द्वारा पथराव किया गया है.
निशु के परिवार को मिल रही लगातार धमकियां
उन्होंने अपने घर की बालकनी, रसोई और गैलरी में बिखरे हुए पत्थर तथा टूटे हुए कांच का मलबा दिखाते हुए अपनी गहरी चिंता जाहिर की है. निशु का कहना है कि उनके घर के बाहर लगातार संदिग्ध हलचल और धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरा परिवार बुरी तरह सहम गया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथी जिम्मेदार होंगे.
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पिता से मारपीट और एससी-एसटी ऐक्ट का पूरा मामला
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज और निशु के पिता संजय के बीच तीखी झड़प हो गई थी. निशु का आरोप था कि स्वतंत्र ने उनके पिता पर हमला करके उनका सिर फोड़ दिया था, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और सात टांके लगे थे. मामला तब और गरमा गया जब एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद स्वतंत्र ने एक इंटरव्यू में यह स्वीकार कर लिया कि उसने निशु के पिता का सिर फोड़ा था, लेकिन अपने राजनीतिक संपर्कों के कारण वह गिरफ्तारी से बच गया. हालांकि, जब इस बयान का भारी विरोध हुआ और कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी तथा अन्य संगठनों के नेता संसद मार्ग थाने पहुंच गए, तब पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को एससी-एसटी ऐक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
स्वतंत्र की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का विरोध और धमकियां
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक नया घमासान छिड़ गया है. स्वतंत्र के समर्थन में खड़े कुछ लोग अब इस पूरी कानूनी कार्रवाई को एससी-एसटी ऐक्ट का दुरुपयोग बताकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार सवाल उठा रहे हैं. इस माहौल के बीच निशु आजाद ने शनिवार रात को कई डराने वाले वीडियो साझा किए, जिसमें उनका परिवार भारी दहशत में नजर आ रहा है. निशु का आरोप है कि कुछ लोग उनके घर के बाहर आकर खुलेआम चिल्ला-चिल्लाकर धमकियां दे रहे हैं और राजनीतिक या वैचारिक समर्थन का हवाला देकर डराने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की है जिसमें कुछ लोग उनके घर के बाहर खड़े दिखाई दे रहे हैं. इस डरावनी स्थिति के बाद निशु और उनके परिवार ने प्रशासन से तत्काल पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर गुहार लगाई है ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके.
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एपीपीयू ने विनय प्रकाश सिंह को लगातार दूसरी बार महासचिव के तौर पर चुना
नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय डाक सेवा के 1988 बैच के अधिकारी विनय प्रकाश सिंह को एशिया-पैसिफिक पोस्टल यूनियन (एपीपीयू) का लगातार दूसरी बार चार साल के कार्यकाल के लिए महासचिव से चुना गया है। उन्हें 4 सितंबर को बैंकॉक में आयोजित 14वीं एपीपीयू कांग्रेस में सर्वसम्मति से निर्विरोध चुना गया।
विनय प्रकाश सिंह का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2027 से शुरू होगा और दिसंबर 2030 तक चलेगा। उनका दोबारा चुना जाना एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में उनके नेतृत्व पर पोस्टल एडमिनिस्ट्रेशन के भरोसे और आम सहमति को दिखाता है। यह अंतरराष्ट्रीय पोस्टल सहयोग में भारत के योगदान की भी एक अहम पहचान है। यह दोबारा चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब एपीपीयू एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में डाक सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
यह संघ 32 सदस्य देशों का एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय बैंकॉक में है। यह संयुक्त राष्ट्र की डाक क्षेत्र के लिए विशेष एजेंसी, यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) के क्षेत्रीय संघ के रूप में कार्य करता है।
विनय प्रकाश सिंह 2022 में 13वीं एपीपीयू कांग्रेस में पहली बार चुने जाने गए। जनवरी 2023 में पद संभालने के बाद से विनय प्रकाश सिंह ने डाक प्रशासनों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और पूरे क्षेत्र में डाक सेवाओं के विकास व आधुनिकीकरण में मदद करने में योगदान दिया है। माना जा रहा है कि उनका दूसरा कार्यकाल क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और डाक क्षेत्र में साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का और अवसर प्रदान करेगा।
तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में विनय प्रकाश सिंह ने भारत सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है, जिनमें डाक सेवा बोर्ड के सदस्य, डाक विभाग में वरिष्ठ उप महानिदेशक और मुख्य सतर्कता अधिकारी, उत्तर प्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल और इंडिया पोस्ट मुख्यालय में मुख्य महाप्रबंधक शामिल हैं।
उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और सेना डाक सेवा कोर में भी कार्य किया है। एक प्रख्यात शिक्षाविद के रूप में उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से प्रबंधन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।
--आईएएनएस
डीसीएच/
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