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करोड़ों ग्राहकों की बल्ले-बल्ले, मिल रहा '120GB Bonus Data'; जियो का एनिवर्सरी ऑफर

Reliance Jio की ग्राहकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। कंपनी अपने Mega Anniversary Offer के हिस्से के रूप में ग्राहकों को 120GB BONUS DATA दे रही है। इतनी है नहीं, कंपनी ग्राहकों को JioTV Pro वाउचर की पेशकश भी कर रही है। किस प्लान पर मिल रहा ऑफर, चलिए बताते हैं... 

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Kerala: Suprabhaatham ने की Kanthapuram की तरफदारी, VD Satheesan पर उठाए सवाल

तिरुवनंतपुरम, छह सितंबर समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के ईके सुन्नी गुट के मुखपत्र ‘सुप्रभातम’ ने एपी सुन्नी गुट के प्रमुख एवं इस्लामी विद्वान कंथापुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार के खिलाफ दिए गए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के बयानों की कड़ी आलोचना की है। सुप्रभातम ने अपने संपादकीय में कहा कि सतीशन ने महिलाओं को लेकर कंथापुरम की विवादित टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया कुछ मुस्लिम लोगों द्वारा उन्हें सुनाई गई ‘‘अंधों और हाथी’’ वाली कहानी के अनुभव के आधार पर तैयार की थी। संपादकीय में कहा गया है, ‘‘वे पैगंबर को भी सही तरीके से समझने में विफल रहे, जो ऐसे दौर से मुक्ति दिलाने वाले के रूप में आए थे, जब महिलाओं के साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जाता था और बच्चियों के जन्म लेते ही उन्हें जिंदा दफन कर दिया जाता था।’’ उल्लेखनीय है कि सतीशन ने कंथापुरम की उस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘‘बहुत बड़ा विनाश’’ होगा।

हालांकि, ‘सुप्रभातम’ के संपादकीय में कहा गया कि कंथापुरम को अपने धार्मिक केंद्र में इस तरह के विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है, ठीक उसी तरह जैसे सतीशन को उनकी आलोचना करने की स्वतंत्रता है। कंथापुरम के लिए समर्थन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह एपी सुन्नी गुट के प्रमुख हैं, जिसके समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के अध्यक्ष जिफरी मुथुकोया थंगल के नेतृत्व वाले ईके सुन्नी गुट से मतभेद हैं। संपादकीय में सतीशन पर व्यापक राजनीतिक हमला भी किया गया है और कई मुद्दों पर उनके रिकॉर्ड एवं रुख पर सवाल उठाए गए।

इसमें सतीशन द्वारा शबरिमला में युवतियों के प्रवेश का विरोध किए जाने का उल्लेख किया गया और इसकी तुलना महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर उनके मौजूदा रुख से की गई। साथ ही मुनंबम वक्फ भूमि विवाद और पीएम श्री योजना को लेकर सतीशन के रुख की भी आलोचना की गई। संपादकीय में कहा गया है कि सतीशन करीब 25 वर्षों से विधायक रहे हैं, लेकिन इस दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार के 10 वर्ष तक सत्ता में रहने के बावजूद वह कभी मंत्री नहीं बन पाए।

संपादकीय में सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के बीच तुलना भी दिखाई दी। इसमें कहा गया कि सतीशन रोजाना 75 पन्ने पढ़ते हैं, लेकिन उन्होंने कभी कोई उपन्यास नहीं लिखा। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री पद की राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले चेन्निथला ने ‘नियोगम’ (यानी नियति) नाम से एक उपन्यास लिखा है।

संपादकीय में कहा गया है, ‘‘रमेश चेन्निथला ने यह नहीं बताया है कि वह रोज कितने पन्ने पढ़ते हैं लेकिन उन्होंने ‘नियोगम’ नाम का एक उपन्यास जरूर लिखा है।’’ ‘नियोगम’ उपन्यास का जिक्र केवल साहित्यिक संदर्भ नहीं था, बल्कि इसके जरिए संपादकीय ने संभवतः रमेश चेन्निथला की मुख्यमंत्री पद की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की ओर भी इशारा किया।

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  Sports

Pakistan Cricket Crisis: भारत के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत बनी गिरावट की वजह, Mohammad Yousuf का दावा

पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है और लगातार हार के बीच अब टीम के पुराने प्रदर्शन और उसके बाद हुए बदलावों को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने मौजूदा संकट की एक ऐसी वजह बताई है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। यूसुफ के मुताबिक पाकिस्तान की मुश्किलों की शुरुआत 2021 टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत के बाद हुई।

उस मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की यह पहली विश्व कप जीत थी। मोहम्मद यूसुफ का मानना है कि इस जीत के बाद टीम के कुछ खिलाड़ियों में उपलब्धि को लेकर ऐसा भाव पैदा हुआ, जिसने आगे चलकर उनके प्रदर्शन और रवैये को प्रभावित किया।

समा टीवी से बातचीत में यूसुफ ने कहा कि भारत के खिलाफ जीत के बाद खिलाड़ियों को लगा कि उन्होंने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। उनके अनुसार खिलाड़ी यह नहीं समझ पाए कि उस सफलता के बाद उन्हें आगे क्या करना है। यूसुफ ने यह भी कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने के बाद खिलाड़ी को विनम्र रहना चाहिए और सफलता के कारण घमंड या विरोधियों के प्रति अनादर की भावना नहीं आनी चाहिए।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यूसुफ की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब टीम लगातार खराब नतीजों से जूझ रही है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रन से हार मिली। इससे पहले हेडिंग्ले में टीम पारी और 103 रन से मुकाबला गंवा चुकी थी। दो लगातार हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा बदलाव करते हुए सात खिलाड़ियों को वापस भेज दिया और उनकी जगह सात नए खिलाड़ियों को शामिल किया, जिनमें पांच ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मुख्य कोच सरफराज अहमद और उनके सहायक उमर गुल को भी जिम्मेदारियों से हटा दिया। यूसुफ ने बोर्ड के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में टीम को सुधारने के लिए बोर्ड ने लगातार प्रयास किए, कई कोच आए और गए तथा अलग-अलग स्तर पर बदलाव किए गए, लेकिन खिलाड़ियों की ओर से जिम्मेदारी लेने की कमी बनी रही।

यूसुफ ने पाकिस्तान टीम में कप्तानी को लेकर भी खींचतान का जिक्र किया। उनका दावा है कि एक समय टीम के लगभग हर खिलाड़ी की कोशिश पाकिस्तान का कप्तान बनने की थी। उनके मुताबिक इस तरह की सोच के दुष्परिणाम अभी भी पाकिस्तान क्रिकेट को भुगतने पड़ रहे हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान का प्रदर्शन कई बड़े टूर्नामेंट में निराशाजनक रहा है। इस साल मई में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को दो मैचों की श्रृंखला में 2-0 से हरा दिया था। यह बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान की दूसरी लगातार 0-2 सीरीज हार थी, क्योंकि 2024 में पाकिस्तान की धरती पर भी उसे इसी अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि पाकिस्तान का संकट केवल टेस्ट क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा है। एकदिवसीय विश्व कप, टी20 विश्व कप, एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े आयोजनों में भी टीम अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई है। यूसुफ ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों के प्रदर्शन को देखें तो पाकिस्तान ने लगातार खराब क्रिकेट खेला है और किसी खिलाड़ी ने आगे बढ़कर पूरी जिम्मेदारी लेने की कोशिश नहीं की।

हालांकि, 2021 की भारत पर जीत को मौजूदा संकट की एकमात्र वजह मानना यूसुफ का व्यक्तिगत आकलन है। टीम की लगातार विफलताओं के पीछे चयन नीति, कप्तानी में बदलाव, खिलाड़ियों का प्रदर्शन, कोचिंग व्यवस्था और क्रिकेट प्रशासन जैसे कई कारणों पर पहले से चर्चा होती रही है। ऐसे में पाकिस्तान क्रिकेट के सामने चुनौती सिर्फ टीम बदलने की नहीं, बल्कि लंबे समय की रणनीति और जवाबदेही तय करने की भी बनी हुई है
हैं। 
Sun, 06 Sep 2026 22:19:00 +0530

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