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NEET PG 2026: जल्द जारी होगी नीट पीजी की Answer Key, ऐसे कर सकेंगे डाउनलोड

NEET PG 2026 Result: नीट पीजी 2026 की परीक्षा प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। 30 अगस्त को हुई मुख्य परीक्षा के बाद जयपुर के दो केंद्रों पर तकनीकी समस्या से प्रभावित 2,445 उम्मीदवारों का री-एग्जाम 5 सितंबर को कराया गया। अब री-एग्जाम भी पूरा होने के बाद मेडिकल कैंडिडेट्स की नजर रिजल्ट और फाइनल आंसर-की पर है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने अभी फाइनल आंसर-की जारी करने की तारीख घोषित नहीं की है।

मेडिकल पीजी कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित NEET PG 2026 की परीक्षा प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को रिजल्ट और फाइनल आंसर-की का इंतजार है। NBEMS की ओर से फिलहाल फाइनल आंसर-की जारी करने की निश्चित तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट और आंसर-की से जुड़े अपडेट के लिए NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

30 अगस्त को हुई थी मुख्य परीक्षा
NEET PG 2026 की मुख्य परीक्षा 30 अगस्त 2026 को देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए कुल 2,65,980 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 2,63,535 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। देशभर के 338 शहरों में बनाए गए 1,111 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी।

जयपुर के 2 केंद्रों पर हुई थी तकनीकी समस्या
जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा प्रभावित हुई थी। इसके बाद NBEMS ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।

कुल 2,445 उम्मीदवारों के लिए री-एग्जाम आयोजित किया गया। यह परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे हुई। अब यह परीक्षा भी पूरी हो चुकी है और उम्मीदवारों को परिणाम का इंतजार है।

फाइनल आंसर-की कब आएगी?
NBEMS ने अभी तक NEET PG 2026 की फाइनल आंसर-की जारी करने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में उम्मीदवारों को किसी तय तारीख को लेकर चल रही अनौपचारिक जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय बोर्ड की वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचना का इंतजार करना चाहिए।

NEET PG में फाइनल आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत नई है। वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पहली बार फाइनल आंसर-की को स्कोरकार्ड के साथ उपलब्ध कराया गया था।

पिछले साल क्या हुआ था?
पिछले साल की प्रक्रिया में रिजल्ट पहले जारी किया गया था, जबकि फाइनल आंसर-की और स्कोरकार्ड बाद में उपलब्ध कराए गए थे। इसलिए इस बार भी उम्मीदवारों को रिजल्ट और आंसर-की की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

कैसे डाउनलोड कर सकेंगे NEET PG Final Answer Key?

  • सबसे पहले natboard.edu.in पर जाएं।
  • वेबसाइट पर NEET PG 2026 सेक्शन खोलें।
  • Final Answer Key से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर फाइनल आंसर-की की PDF खुल जाएगी।
  • PDF डाउनलोड कर अपने उत्तरों से उसका मिलान करें।
  • भविष्य के संदर्भ के लिए PDF की कॉपी सुरक्षित रख लें।

रिजल्ट में कौन-कौन सी जानकारी होगी?
NEET PG 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों को उनके प्रदर्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इसमें अंक, पर्सेंटाइल, ऑल इंडिया रैंक (AIR) और क्वालिफाइंग स्टेटस जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।

इसके बाद काउंसलिंग और मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया में स्कोरकार्ड महत्वपूर्ण रहेगा। उम्मीदवारों को सलाह है कि रिजल्ट जारी होने के बाद अपने स्कोरकार्ड को डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।

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Europe को Diesel आपूर्ति में भारत की हिस्सेदारी 60% पहुंची, Vortexa रिपोर्ट में खुलासा

नयी दिल्ली, छह सितंबर रूस से डीजल की आपूर्ति में भारी गिरावट और अमेरिका से यूरोप जाने वाली ईंधन की खेप में कमी के बीच यूरोप के लिए भारत डीजल के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में उभरा है। ऊर्जा और माल ढुलाई क्षेत्र के तत्काल आधार पर आंकड़े उपलब्ध कराने वाली कंपनी वॉर्टेक्सा के अनुसार, अगस्त में बाब-अल-मंदेब से यूरोप की ओर जाने वाले डीजल में करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की रही। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में करीब दो लाख बैरल प्रतिदिन डीजल बाब-अल-मंदेब से होकर यूरोप भेजा गया।

यह मात्रा एक साल पहले के स्तर के करीब है, जबकि मार्च और अप्रैल में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से डीजल की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। भारत की रिफाइनरी इकाइयां अब यूरोप की डीजल आपूर्ति में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल शोधन (रिफाइनिंग) करने वाला देश है।

उसकी स्थापित शोधन क्षमता 25.81 करोड़ टन सालाना है, जो घरेलू ईंधन मांग से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया था और वह दुनिया के प्रमुख शोधित पेट्रोलियम उत्पाद के निर्यातकों में शामिल है। भारतीय ईंधन की मांग अब यूरोप के साथ-साथ रूस में भी बढ़ रही है।

हालांकि, भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की उपलब्धता हो सकती है। वॉर्टेक्सा के अनुसार, अगस्त में भारत में कच्चे तेल और कन्डनसेट की आवक लगातार दूसरे महीने घटकर करीब 38 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई, जबकि एक साल पहले यह करीब 48 लाख बैरल प्रतिदिन थी। ऐसे में यदि कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बना रहता है तो भारतीय रिफाइनरी इकाइयों के पास निर्यात के लिए उपलब्ध अतिरिक्त डीजल की मात्रा भी प्रभावित हो सकती है।

दूसरी ओर, रूस से डीजल की आपूर्ति में भारी गिरावट बनी हुई है। अगस्त के पहले 25 दिन में रूस का समुद्री डीजल और गैसऑयल निर्यात औसतन केवल करीब 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। यह एक साल पहले की तुलना में करीब 6.1 लाख बैरल प्रतिदिन कम और पांच साल के औसत से 81 प्रतिशत नीचे है।

एक सितंबर से रूस के डीजल निर्यात प्रतिबंध में आंशिक ढील की उम्मीद थी, लेकिन इससे आपूर्ति में तत्काल सुधार की संभावना कम है। यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की रिफाइनरी इकाइयों और निर्यात ढांचे को लगातार प्रभावित किया है। जुलाई और अगस्त में रूस की रिफाइनरी पर 32 हमले दर्ज किए गए।

करीब 2.6 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली पर्म रिफाइनरी पर हुए हमले के बाद उसकी परिचालन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है। रूस के डीजल निर्यात में ‘ब्लैक सी’ क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पिछले साल रूस के कुल डीजल और गैसऑयल निर्यात का करीब 44 प्रतिशत यानी 3.8 लाख बैरल प्रतिदिन, इसी क्षेत्र से हुआ था।

लेकिन बंदरगाहों और रिफाइनरी में व्यवधान के कारण यहां से उपलब्ध आपूर्ति घट गई है। मई में हुए हमले के बाद से तुआप्से बंदरगाह से किसी डीजल खेप का निर्यात नहीं हुआ। यूरोप को रूस की कमी की भरपाई में अमेरिका से भी मदद मिली है, लेकिन अब वहां से आने वाली आपूर्ति भी कमजोर पड़ने लगी है।

अगस्त में यूरोप के क्षेत्र के बाहर से आने वाले समुद्री डीजल आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब आधी रही। होर्मुज जलडमरूमध्य से भी साफ पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में फिलहाल ज्यादा राहत नहीं मिल रही है। अगस्त के पहले 27 दिन में एमआर2 या उससे बड़े टैंकर से साफ पेट्रोलियम उत्पादों की केवल 37 आवाजाही दर्ज की गई, जबकि जुलाई में यह संख्या 55 और जून में 69 थी।

ओमान के तट के पास जहाज से जहाज में तेल स्थानांतरण जारी है, लेकिन इनमें ज्यादातर कच्चा तेल शामिल है। साफ पेट्रोलियम उत्पादों का यह कारोबार भी जून की तुलना में काफी घट गया है। ऐसे में यूरोप की डीजल आपूर्ति श्रृंखला पहले के मुकाबले अधिक सीमित स्रोतों पर निर्भर रह गई है।

रूस की आपूर्ति कमजोर बनी हुई है, अमेरिका से आने वाली खेप घट रही है और होर्मुज मार्ग से अतिरिक्त आपूर्ति सीमित है। इस स्थिति में यूरोप के लिए भारत डीजल की आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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