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Maryam Nawaz Statement: मरियम को अपने ही लोगों से डर, बोलीं- पड़ोसी देशों से नहीं, इन पाकिस्तानी प्रांतों से ज्यादा खतरा

Pakistan News: पाकिस्तान में आतंकवाद और प्रांतीय राजनीति को लेकर नया विवाद सामने आया है। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने कहा है कि उनके प्रांत को पड़ोसी देशों की तुलना में आसपास के दूसरे प्रांतों से ज्यादा सुरक्षा खतरा है।

लाहौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मरियम नवाज ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद प्रांतीय सीमाओं के जरिए पहुंचता है। उन्होंने कहा कि करीब 13 करोड़ की आबादी वाले पंजाब को जिन सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उनमें पड़ोसी देशों की तुलना में पड़ोसी प्रांतों से आने वाला खतरा ज्यादा है।

‘पंजाब में प्रांतीय सीमाओं से आता है आतंकवाद’
मरियम नवाज ने मुख्य रूप से खैबर पख्तूनख्वा (KP) की ओर इशारा करते हुए कहा कि आतंकवाद वहां से पंजाब में प्रवेश करता है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पर कई लोगों की नजर है, लेकिन अब तक प्रांत सुरक्षित है। पंजाब की मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रांत को अपनी सभी प्रांतीय सीमाओं से सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

पाकिस्तान में हाल के वर्षों में आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान आतंकवादी हमलों से प्रभावित रहे हैं। दोनों प्रांतों की सीमा पंजाब से लगती है। पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा भारत से भी जुड़ी हुई है।

PTI ने मरियम नवाज पर साधा निशाना
मरियम नवाज के बयान पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता असद कैसर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को खैबर पख्तूनख्वा के लिए अपमानजनक बताया।

असद कैसर ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के लोग और वहां की पुलिस लंबे समय से आतंकवाद की कीमत चुका रहे हैं। उनके मुताबिक, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रांत की पुलिस ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन बलिदानों को स्वीकार करने और शहीद परिवारों तथा पुलिसकर्मियों के साथ खड़े होने के बजाय उनके दुख का मजाक बनाया जा रहा है।

‘KP के लोगों ने आतंकवाद की भारी कीमत चुकाई’
PTI नेता ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के लोगों को आतंकवाद के कारण लंबे समय से मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मरियम नवाज के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां प्रांत के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। असद कैसर ने इसके लिए केंद्र की मौजूदा सरकार और पूर्व की सरकारों की नीतियों को भी जिम्मेदार ठहराया।

मोहसिन डावर ने भी किया पलटवार
मरियम नवाज के बयान पर नेशनल डेमोक्रेटिक मूवमेंट के अध्यक्ष और पूर्व सांसद मोहसिन डावर ने भी प्रतिक्रिया दी। डावर ने आरोप लगाया कि पंजाब में आज जिस आतंकवाद को सुरक्षा खतरे के तौर पर देखा जा रहा है, उसकी जड़ें पाकिस्तान की पुरानी नीतियों में हैं। उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के लोग दशकों से आतंकवाद का सामना करते आ रहे हैं और अब पंजाब को भी इसका असर महसूस हो रहा है।

बयान से बढ़ सकती है प्रांतीय खींचतान
पाकिस्तान में पंजाब और अन्य प्रांतों के बीच राजनीतिक और क्षेत्रीय मतभेद पहले से चर्चा में रहे हैं। ऐसे में मरियम नवाज का यह बयान प्रांतीय संबंधों को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।

खासकर खैबर पख्तूनख्वा में PTI की सरकार होने और केंद्र तथा पंजाब में अलग राजनीतिक समीकरण होने के कारण इस बयान का राजनीतिक असर भी देखा जा रहा है। हालांकि मरियम नवाज ने अपने बयान में मुख्य रूप से पंजाब की सुरक्षा स्थिति और आतंकवाद के खतरे को लेकर चिंता जताई है।

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Iran-US Tension: ईरान ने अमेरिका के हमले का दिया जवाब, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर पर दागी मिसाइलें

Iran-US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स के मुताबिक, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और एक डिस्ट्रॉयर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।

ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के जरिए जारी बयान में IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिकी युद्धपोत ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और ईरान के खिलाफ लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी का हिस्सा थे।

ईरान ने क्या दावा किया?
IRGC के मुताबिक, मिसाइल हमले के बाद दोनों अमेरिकी युद्धपोत संघर्ष क्षेत्र से पीछे हटने के लिए मजबूर हुए। ईरानी सेना ने दावा किया कि जहाजों को नुकसान पहुंचा है और एक और हमले की आशंका के कारण उन्होंने इलाका छोड़ दिया।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में अमेरिकी युद्धपोतों को हुए कथित नुकसान के ईरानी दावे को फिलहाल दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।

होर्मुज में भी बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। इससे पहले IRGC की नौसेना ने दावा किया था कि उसने होर्मुज से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया। ईरान ने इन जहाजों के मार्ग को ‘अनधिकृत’ बताया था।

ईरानी सेना ने क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों को भी चेतावनी दी कि वे उसके बताए प्रतिबंधित या अनधिकृत समुद्री मार्गों से गुजरने की कोशिश न करें।

ईरान ने US हमलों को बताया कार्रवाई की वजह
IRGC Navy के बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों पर किए गए हमले के जवाब में की गई। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने उसके तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाया। इसके बाद ईरानी बलों ने अमेरिकी हितों से जुड़े जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की।

Pete Hegseth की कड़ी चेतावनी
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमला किया तो अमेरिका उसके तेल टैंकरों को नष्ट कर देगा।

हेगसेथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के बयान को साझा करते हुए कहा कि अगर ईरान अमेरिकी जहाजों पर गोली चलाता है तो उसे इसकी बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

हेगसेथ का संदेश साफ था ईरान को अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमला नहीं करना चाहिए, वरना उसके तेल टैंकर अमेरिकी कार्रवाई का निशाना बन सकते हैं।

5 सितंबर को भी हुआ था हमला
यह घटनाक्रम उस कार्रवाई के बाद सामने आया है जिसमें US Central Command (CENTCOM) के अनुसार अमेरिकी सेना ने 5 सितंबर को तीन ईरानी क्रूड ऑयल कैरियर्स को निशाना बनाया था।

CENTCOM के मुताबिक, यह कार्रवाई उस समय हुई जब IRGC ने क्षेत्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोतों की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और तेल आपूर्ति से जुड़े समुद्री मार्गों पर तनाव का असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
 

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  Sports

पीसीबी का तुगलकी फरमान, खिलाड़ियों के मोबाइल फोन को किया जब्त, टीम में मचा हड़कंप

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर एक हैरान करने वाली खबर आई है. पाकिस्तानी मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक टीम के सभी खिलाड़ियों के मोबाइल जब्त किए जाएंगे. पाकिस्तान पहले ही सीरीज गंवा चुकी है और दौरे के बीच से 7 खिलाड़ियों को वापस देश जा चुके हैं. ऐसे में मोबाइल जब्त करने का नया फरमान काफी चिंताजनक बताया जा रहा है. Sun, 6 Sep 2026 09:30:03 +0530

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