Assam में प्रणब डोले पर NSA लगाने के खिलाफ Gaurav Gogoi ने खोला मोर्चा
गुवाहाटी, पांच सितंबर कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की असहमति को दबाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने जैसे असंवैधानिक तरीकों का सहारा ले रही है। गोगोई ने आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले को इस कड़े कानून के तहत हिरासत में लिए जाने का हवाला दिया। स्वदेशी अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई उस समय हुई, जब अदालत ने पिछले महीने असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास प्रस्तावित पांच सितारा होटल के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में उन्हें जमानत दे दी थी। गोलाघाट जिले के बोकाखाट में इस मुद्दे को लेकर आयोजित नागरिक विरोध सभा में डोले की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि उनकी हिरासत लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करने और कॉरपोरेट हितों के लिए काजीरंगा की विशिष्टता को कमजोर करने की सरकार की एक साजिश है। सभा को संबोधित करते हुए गोगोई ने सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह जनता की असहमति की आवाजों को दबाने के लिए एनएसए जैसे असंवैधानिक उपायों का सहारा ले रही है।
होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, IRGC ने किया अमेरिकी जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा
US-Iran War: होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ने लगा है. इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. ईरान का कहना है उसने ये हमले अमेरिका द्वारा उसके जहाजों को निशाना बनाने के जवाब में किए हैं. बता दें कि इससे पहले अमेरिकी नौसेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया था. उसके बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जवाब कार्रवाई शुरू कर दी.
IRGC ने अमेरिकी जहाजों पर हमले का दावा
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया कि उसने अमेरिका के एक एयरक्राफ़्ट कैरियर और एक डिस्ट्रॉयर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. IRGC का कहना है कि ये दोनों युद्धपोत ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ नौसैनिक घेराबंदी में शामिल थे.
वहीं दूसरी ओर ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग' (IRIB) के एक बयान में IRGC ने कहा कि ईरानी जहाजों के खिलाफ लगातार हो रही आक्रामक कार्रवाइयों के बीच अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों को निशाना बनाया गया.
IRIB के मुताबिक, बयान में कहा गया, "इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एयरोस्पेस फोर्स ने बच्चों की हत्या करने वाली अमेरिकी सेना के एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. ये जहाज ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और समुद्री नाकेबंदी में शामिल थे."
हमले के बाद भागने को मजबूर हुई अमेरिकी जहाज
IRGC ने आगे दावा किया कि नुकसान होने और एक और हमले के डर से दोनों युद्धपोतों को संघर्ष वाले इलाके से भागना पड़ा. बयान में कहा गया, "नुकसान होने और एक और हमले के डर से दोनों युद्धपोतों को संघर्ष वाले इलाके से भागना पड़ा." बता दें कि यह दावा ऐसे समय में किया गया है जब क्षेत्र में फिर से सैन्य तनाव बढ़ गया है. यह तनाव ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों और उसके बाद अमेरिकी से जुड़े जहाजों पर ईरानी हमलों के बाद बढ़ा है.
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