पाकिस्तान ने विमेंस टी-20 में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया:शेफाली 3 हजार रन बनाने वाली यंगेस्ट खिलाड़ी; हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान 150वां मैच खेला
भारत ने विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। दुबई में पाकिस्तान की टीम सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई, जो महिला टी-20 इंटरनेशनल में उसका सबसे छोटा स्कोर है। भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा सबसे कम उम्र में 3 हजार टी-20 रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। वहीं, हरमनप्रीत कौर 150 टी-20 मैच में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। भारत Vs पाकिस्तान मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. पाकिस्तान 55 रन पर सिमटा पाकिस्तान ने विमेंस टी-20 इंटरनेशनल का अपना सबसे लोएस्ट स्कोर बनाया। वह शनिवार को सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले टीम 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 56 रन ही बना पाई थी। 2. शेफाली के 22 साल 220 दिन की उम्र में 3 हजार रन पूरे शेफाली वर्मा ने 22 साल 220 दिन की उम्र में 3 हजार टी-20 इंटरनेशनल रन पूरे किए। उन्होंने आयरलैंड की गैबी लुईस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 24 साल 347 दिन की उम्र में यह मुकाम हासिल किया था। 3. शेफाली ने दूसरी बार पारी की पहली गेंद पर छक्का जड़ा शेफाली ने पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। उन्होंने दूसरी बार यह कारनामा किया, जो विमेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार का रिकॉर्ड है। इससे पहले उन्होंने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भी ऐसा किया था। दोनों ही मौकों पर शेफाली के सामने पाकिस्तान की गेंदबाज सादिया इकबाल थी। 4. हरमनप्रीत के नाम बतौर कप्तान सबसे ज्यादा 150 टी-20 मैच हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान अपना 150वां मैच खेला। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली मेंस और विमेंस टी-20 इंटरनेशनल की पहली खिलाड़ी बन गईं। दूसरे नंबर पर 121 मैच के साथ श्रीलंका की चमारी अटापट्टू हैं। 5. भारत के खिलाफ पांचवां सबसे लोएस्ट टोटल पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपना सबसे लोएस्ट स्कोर बनाया है। ओवरऑल भारत के खिलाफ यह 5वां लोएस्ट टीम टोटल है। पहले स्थान पर मलेशिया की टीम है, जो 2018 में कुआलालंपुर में सिर्फ 27 रन पर सिमट गई थी। --------------------------------------------- विमेंस एशिया कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया; PAK टीम 55 रन ही बना सकी भारतीय महिला टीम ने टी-20 एशिया कप में पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। उसने 56 रन का टारगेट 8.4 ओवर में 3 विकेट पर चेज कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। पढ़ें पूरी खबर
शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को दिया था जवाब:बोले थे- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’; फिल्म नहीं करूंगा; डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड से बॉलीवुड को धमकियां मिलती थीं। उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार किया और कहा था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो।” यह बात फिल्ममेकर ने राइटर हुसैन जैदी के यूट्यूब चैनल पर बताई। सेट पर पहुंच जाते थे अंडरवर्ल्ड के लोग संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड से फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं थी। कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर और एक्ट्रेस लगातार डर के माहौल में काम कर रहे थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कभी फोन करते थे तो कभी सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे। संजय गुप्ता ने बताया कि उस समय कई बार ऐसे लोग फिल्म के सेट पर आकर बैठ जाते थे। उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं होती थी कि वहां कौन शूटिंग कर रहा है। वे आराम से सेट पर मौजूद रहते और अपनी बात मनवाने की कोशिश करते थे। उन्होंने बताया कि अंडरवर्ल्ड की तरफ से फिल्म बनाने और कलाकारों को कास्ट करने तक में दखल दिया जाता था। एक बार उनके पास एक प्रोड्यूसर आया और उसने कई बड़े कलाकारों के साइन किए हुए लेटर दिखाए। संजय के मुताबिक, ये साइनिंग लेटर थे, जिनमें लिखा था कि संबंधित कलाकार उस प्रोड्यूसर की फिल्म में काम करेंगे। प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि उसके पास लगभग सभी बड़े कलाकारों के साइन हैं और वह जिस अभिनेता के साथ संजय को काम करना हो, उसका नाम बता दें। इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का दबाव बताया गया। शाहरुख ने झुकने से इनकार किया था इसी बातचीत में संजय गुप्ता ने शाहरुख का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। संजय के मुताबिक, जब शाहरुख को धमकी दी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म नहीं करेंगे और न ही उनके कहने पर शो करेंगे। उन्होंने शाहरुख के रवैये को याद करते हुए कहा कि उनका जवाब था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। उससे डरता नहीं हूं।” संजय गुप्ता ने कहा कि शाहरुख ने सीधे तौर पर उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया। फिल्ममेकर के मुताबिक, इसी वजह से अंडरवर्ल्ड के लोग भी शाहरुख की इज्जत करने लगे थे। संजय ने कहा कि उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति है, जो सीधे उनके सामने खड़ा है। संजय गुप्ता को भी धमकी मिली थी बातचीत में संजय गुप्ता ने अपना एक पुराना अनुभव भी सुनाया। उन्होंने बताया कि साल 1992-93 में उन्हें अंडरवर्ल्ड की तरफ से फोन आया था। उस समय वह अपनी फिल्म ‘आतिश’ और ‘रामशास्त्र’ पर काम कर रहे थे। एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। संजय के मुताबिक, फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। इसके बाद एक प्रोड्यूसर के जरिए उन्हें पता चला कि मामला सीरियस है। उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ कुछ लोगों को भेजा गया है। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। इसके बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। संजय दत्त के घर पर रहते हुए संजय गुप्ता को अभिनेता आदित्य पंचोली का फोन आया। उन्होंने पूछा कि संजय कहां हैं और कहा कि उन्हें उनसे तुरंत मिलना है। कुछ देर बाद आदित्य पंचोली वहां पहुंचे और संजय गुप्ता को गले लगाकर कहा- “आई एम सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है।” संजय ने उनसे पूछा कि उनकी गलती कैसे? तब आदित्य ने बताया कि पिछली रात वह दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे। बातचीत में आदित्य ने कहा था कि ‘आतिश’ में उनका रोल बहुत अच्छा है और इससे उनका करियर बन सकता है, लेकिन ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल उतना अच्छा नहीं है। आदित्य ने कहा था कि अगर संजय गुप्ता पर थोड़ा दबाव डाला जाए तो शायद वह ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल बेहतर कर देंगे। संजय के मुताबिक, आदित्य ने सीधे फोन नहीं किया था, लेकिन किसी तरह उनकी यह बात आगे पहुंची और मामला धमकी तक पहुंच गया। इसके बाद संजय गुप्ता को फोन कर डराया गया। फोन पर फिर मांगा गया सिर्फ एक बदलाव आखिरकार संजय गुप्ता की अंडरवर्ल्ड से दोबारा बात कराई गई। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें लगा था कोई उनके साथ मजाक कर रहा है और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सामने से ऐसा फोन आएगा। संजय के मुताबिक, दूसरी तरफ से उन्हें शांत रहने को कहा गया। फिर कहा गया कि ‘रामशास्त्र’ में आदित्य पंचोली का रोल थोड़ा और अच्छा कर दें। संजय ने बताया कि उन्होंने कहा कि रोल पहले से अच्छा है लेकिन सामने से फिर कहा गया कि जितना हो सके, रोल को और बेहतर कर दें।
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