सीजनल बुखार का कैसे करें सामना, डॉक्टर से जानें
मौसम बदलते ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना लगभग 400 मरीज पहुंच रहे हैं, जिससे अस्पतालों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है. इस फीवर के मुख्य लक्षण सर्दी, जुकाम, बदन दर्द और 7 से 8 दिनों तक रहने वाला तेज बुखार हैं. फिरोजाबाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार के अनुसार यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में हाथ मिलाने, गले मिलने या साथ रहने से आसानी से फैलता है. लगातार बुखार रहने पर मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने और शरीर में भारी कमजोरी आने का खतरा भी बना रहता है. इससे बचाव के लिए बीमार व्यक्ति से उचित दूरी बनाएं और हाथों की नियमित सफाई रखें. यदि किसी को शरीर में दर्द या बुखार महसूस हो, तो पीड़ित खुद को अलग कर ले. डॉक्टर ने सख्त हिदायत दी है कि बिना मेडिकल जांच के खुद से प्लेटलेट्स बढ़ाने की दवाएं कभी न लें. किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और उनकी सलाह से ही दवा खाएं.
10 में से 4 युवा फैटी लिवर के शिकार, क्यों नहीं पहचान पाते बीमारी? एम्स के डॉक्टरों ने बताया
एम्स की हालिया स्टडी के मुताबिक भारत में 10 में से 4 युवा फैटी लिवर से पीड़ित हैं. यह बीमारी बच्चों में भी बढ़ रही है. फैटी लिवर के इस गति से बढ़ने के पीछे की मुख्य वजह से भी है कि इसके लक्षणों को पहचान नहीं पाते हैं.
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