अक्सर नेटवर्क पूरे होने के बाद भी फोन में कॉल अचानक से कट जाती है। फिर लोग सोचते हैं कि सिग्नल फुल हैं, तो कॉलिंग भी बेहतर हो सकती है। हालांकि, ऐसा बिल्कुल नहीं है, फोन में दिखने वाले नेटवर्क बार मुख्य रुप से फोन तक पहुंच रहे सिग्नल की पावर बताते हैं, जबकि कॉल की क्वालिटी कई दूसरी तकनीकी चीजों पर निर्भर करती है।
पूरे नेटवर्क होने के बाद भी कट जाती है कॉल?
नेटवर्क कंजेशन हो सकता है बड़ी वजह
-कॉल ड्रॉप की सबसे बड़ी समस्या है कि नेटवर्क कंजेशन। यदि किसी एरिया में एक ही समय पर बहुत ज्यादा लोग मोबाइल नेटवर्क या कॉलिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो टावर पर दबाव बढ़ सकता है।
- इस परिस्थिति में फोन पर सिग्नल फुल दिखाई देते हैं, लेकिन नेटवर्क पर ज्यादा ट्रैफिक होने के कारण कॉल अचानक डिस्कनेक्ट हो जाती है।
एक टावर से दूसरे टावर पर स्विच होने से भी समस्या
- जब आप फोन वॉक करते हुए इस्तेमाल करते हैं, तो वह लगातार अलग-अलग मोबाइल टावर या नेटवर्क बैंड से कनेक्ट हो जाता है।
- सफर के दौरान फोन को एक टावर से दूसरे टावर पर हैंडओवर करना पड़ता है। यदि यह प्रक्रिया अच्छे न हुई हो, तो चल रही कॉल ड्रॉप हो जाती है।
- यह कारण है कि यात्रा करते समय या तेज गति से चलते हुए कॉल कटने की समस्या अधिक देखने को मिलती है।
- आज के स्मार्टफोन में 5G,4G और दूसरे नेटवर्क के बीच स्विचिंग होती रहती है। यदि फोन लगातार नेटवर्क बदल रहा है या 5G से 4G पर स्विच करते समय कनेक्शन में समस्या आती है, तो इसका असर कॉल पर पड़ता है।
- वहीं, VoLTE और वाई-फाई कॉलिंग जैसी सुविधाएं में भी कभी-कभी कॉल ड्रॉप की समस्या देखने को मिलती है। वाई-फाई कॉलिंग के दौरान इंटरनेट कनेक्शन अचानक कमजोर होने पर कॉल प्रभावित होती है।
पुराना सॉफ्टवेयर भी हो सकता है जिम्मेदार
कई बार समस्या नेटवर्क में नहीं बल्कि फोन की तरफ भी होती है। पुराना सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सेटिंग्स में गड़बड़ी या सिम कार्ड की समस्या कॉल ड्रॉप का कारण बन रहा है। अगर आपके नेटवर्क ठीक होने के बावजूद बार-बार कॉल कट रही है, तो फोन की सेटिंग्स और सॉफ्टवेयर को भी जांचना जरुरी है।
कॉल ड्रॉप की समस्या कैसे करें ठीक?
फोन को रीस्टार्ट करें
सबसे पहले अपने फोन को रीस्टार्ट करें। इससे फोन का नेटवर्क कनेक्शन दोबारा स्थापित हो जाता है और कई छोटी नेटवर्क समस्याएं ठीक हो सकती हैं।
एयरप्लेन मोड ऑन-ऑफ करें
फोन में एयरप्लेन मोड कुछ सेकंड के लिए ऑन करें और फिर इसे ऑफ कर दें। ऐसा करने से मोबाइल नेटवर्क दोबारा कनेक्ट हो जाता है।
सॉफ्टवेयर अपडेट चेक करें
फोन में उपलब्ध सॉफ्टवेयर अपडेट समय-समय पर चेक करते रहे हैं। इसके अलावा, आपके फोन में करियर सेटिंग्स अपडेट का विकल्प उपलब्ध है, तो जांच जरुरी है।
नेटवर्क सेटिंग्स रीसेट करें
यदि लगातार समस्या बनीं हुई है, तो नेटवर्क सेटिंग्स रीसेट करने का ऑप्शन ट्राई कर सकते हैं। इससे नेटवर्क संबंधित जुड़ी गलत या खराब सेंटिंग्स दोबारा डिफॉल्ट स्थिति में आ सकती हैं। लेकिन नेटवर्क सेटिंग्स रीसेट करने से सेव किए गए वाई-फाई नेटवर्क और कुछ अन्य नेटवर्क संबंधी सेटिंग्स हट सकती हैं।
बार-बार एक ही जगह पर कॉल-ड्रॉप हो तो?
- यदि आपके फोन में नेटवर्क फुल है और इसके बावजूद एक ही जगह पर बार-बार कॉल कट रही है, तो समस्या मोबाइल ऑपरेटर के नेटवर्क से संबंधित हो सकती है।
- किसी भी स्थिति में फोन बार-बार बदलने या केवल नेटवर्क बार देखकर निष्कर्ष निकालने के बजाय अपने मोबाइल ऑपरेटर से नेटवर्क कवरेज या स्थानीय नेटवर्क समस्या के बारे में जानकारी लेना भी बेहतर है।
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आज के समय में WhatsApp सिर्फ मैसेजिंग ऐप नहीं, बल्कि निजी बातचीत, बैंकिंग अलर्ट, ऑफिस चैट और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का भी प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में इसकी सुरक्षा को लेकर कंपनी लगातार नए फीचर्स विकसित कर रही है। अब खबर है कि WhatsApp अपने मौजूदा टू-स्टेप वेरिफिकेशन सिस्टम को और अधिक सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहा है। यदि यह फीचर लॉन्च होता है, तो यूजर्स को 6 अंकों के PIN की जगह मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने का विकल्प मिलेगा, जिससे अकाउंट की सुरक्षा पहले की तुलना में काफी बेहतर हो सकती है।
6 अंकों के PIN की जगह मिलेगा मजबूत Password
फिलहाल WhatsApp टू-स्टेप वेरिफिकेशन के लिए 6-डिजिट PIN का इस्तेमाल करता है। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इसे बदलकर पासवर्ड आधारित सुरक्षा प्रणाली लाने पर काम कर रही है। इस नए सिस्टम में यूजर अक्षरों, अंकों और स्पेशल कैरेक्टर का उपयोग करके अधिक मजबूत पासवर्ड बना सकेंगे। इससे अकाउंट को अनधिकृत एक्सेस से बचाने में अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।
साइबर हमलों से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
सिर्फ अंकों वाला PIN कई बार अनुमान लगाने या ब्रूट-फोर्स तकनीक से तोड़ा जा सकता है। वहीं लंबा और जटिल पासवर्ड साइबर अपराधियों के लिए काफी मुश्किल साबित होता है। यदि नया फीचर लागू होता है, तो WhatsApp अकाउंट को हैक करना पहले की तुलना में कहीं अधिक कठिन हो जाएगा। खासकर उन यूजर्स के लिए यह बदलाव फायदेमंद होगा, जिनके अकाउंट में संवेदनशील जानकारी मौजूद रहती है।
यूजर्स को मिलेगा अपनी पसंद का विकल्प
WhatsApp इस नए सिक्योरिटी फीचर को अनिवार्य नहीं बनाएगा। यानी यूजर चाहें तो मौजूदा PIN सिस्टम का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं या फिर नए पासवर्ड फीचर को सक्रिय कर सकते हैं। इस तरह कंपनी सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है, ताकि हर यूजर अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सके।
अभी डेवलपमेंट स्टेज में है नया फीचर
WhatsApp से जुड़े अपडेट साझा करने वाली रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सुविधा फिलहाल शुरुआती डेवलपमेंट फेज में है। अभी इसे बीटा यूजर्स के लिए भी जारी नहीं किया गया है। ऐसे में कंपनी आधिकारिक लॉन्च से पहले इसके डिजाइन, कार्यप्रणाली या फीचर्स में बदलाव कर सकती है। इसलिए फिलहाल इसकी रिलीज डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अभी ऐसे सुरक्षित रखें अपना WhatsApp अकाउंट
जब तक नया पासवर्ड फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा टू-स्टेप वेरिफिकेशन को सक्रिय रखना सबसे बेहतर विकल्प है। इसके लिए WhatsApp खोलें, Settings में जाएं, फिर Account विकल्प चुनें और Two-Step Verification को ऑन करके अपना 6 अंकों का PIN सेट करें। साथ ही रिकवरी ईमेल भी जोड़ दें, ताकि PIN भूलने की स्थिति में अकाउंट आसानी से रिकवर किया जा सके।
क्या यह बदलाव वास्तव में फायदेमंद होगा?
डिजिटल सुरक्षा के बढ़ते खतरों को देखते हुए मजबूत पासवर्ड सिस्टम एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यदि WhatsApp इस फीचर को आधिकारिक रूप से जारी करता है, तो यूजर्स को अपने अकाउंट और निजी चैट्स की सुरक्षा के लिए पहले से अधिक मजबूत सुरक्षा परत मिलेगी। हालांकि अंतिम फीचर्स और रोलआउट की जानकारी कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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