इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस त्योहार को हर साल बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन हर कोई अपने घर के मंदिर को बेहद सुंदर और अलग-अलग तरीके से सजाते हैं। मार्केट में भी मंदिर को सजाने के लिए डेकोरेशन का सामान मिल रहा है। बस कुछ चीजों और घर में पड़ी पुरानी साड़ियों से घर का मंदिर सजा सकते हैं।
पुरानी साड़ियों और गोटे से मंदिर सजाने के 5 आसान तरीके
साड़ी को सुंदर पर्दा या बैकड्रॉप बनाना
यदि आप कन्हा के मंदिर के पीछे के हिस्से को सजाना चाहती हैं, तो साड़ी से सुंदर पर्दा बना सकती हैं-
इसके लिए चाहिए ये सामान
-चमकीले रंग की पुरानी सिल्क या जॉर्जेट की साड़ी (पीला, गुलाबी या नारंगी रंग),
-गोटा-पट्टी
-सेफ्टी पिन
-डबल-साइड टेप
मंदिर के पीछे के हिस्से को सजाने का तरीका
- सबसे पहले मंदिर के पीछे वाली दीवार पर साड़ी को प्लेट्स बनाकर अच्छे से फैला लें।
- अब साड़ी के ऊपर की तरफ से हॉरिजेंटल डायरेक्शन में चौड़ा गोटा चिपकाएं या सुई-धागे से सिल दें।
- बीच में गोटे की मदद से एक बड़ा सा डिजाइन या मंडप जैसा आकार दें।
- ऐसा करने से मंदिर का पीछे का हिस्सा आकर्षक नजर आएगा।
मंदिर के लिए खूबसूरत झालर और तोरण
मंदिर की सजावट खूबसूरत झालर और तोरण के बिना अधूरा है। यदि आप भी अपने कान्हा के मंदिर के लिए तोरण बना सकते हैं।
जरुरी सामग्री
- साड़ी की बची हुई कतरन
- गोटा-किनारी
- ऊन या मोटा धागा
- सुई
मंदिर के लिए खूबसूरत तोरण बनाने और सजाने का तरीका
- पुरानी साड़ी के बॉर्डर को काटकर अलग कर लें।
- अब इस बॉर्डर पर अलग-अलग डिजाइन के गोटे को सिल दें।
- इस मंदिर के मुख्य द्वार या चौकी के चारों तरफ तोरण की तरह लगाएं।
- साड़ी के कपड़ों से छोटे-छोटे फूल बनाकर गोटे के साथ पिरोकर लंबी झालर बनाएं।
- इसे आप मंदिर की छत पर लटका सकते हैं।
लड्डू गोपाल की चौकी को सजाना
घर में पड़ी साड़ी को कुछ चीजों के जरिए लड्डू गोपाल की चौकी को सजा सकते हैं।
जरूरी सामग्री
-लाल या पीले रंग का साड़ी का टुकड़ा
-चौड़ा गोटा
-सितारे और कुंदन
लड्डू गोपाल की चौकी सजाने का तरीका
- सबसे पहले आप चौकी पर साड़ी के कपड़े को लपेट दें।
- अब चौकी के चारों किनारों पर गोटा-पट्टी लगाएं।
- कपड़े के ऊपर गोटे और कुंदन की मदद से छोटे-छोटे फूल या स्वास्तिक का चिह्न बनाएं।
- इस सजी हुई चौकी पर बाल गोपाल को विराजमान करने से पूरा लुक निखर उठेगा।
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इस साल 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व हर घर में बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस खास दिन पर साधक अपने घर के मंदिर को सुंदर रुप देने और लड्डू गोपाल का झूला सजाते हैं और दिन-रात तैयारियों में लगे रहते हैं। यदि आप भी जन्माष्टमी के मौके पर अपने पूजा स्थल को आकर्षक और दिव्य बनाना चाहते हैं, लेकिन अब बजट की कोई टेंशन नहीं है।
कम पैसों में आप बेहद ही सीमित साधनों में मंदिर और झूले को नया रुप दे सकते हैं। इस लेख के जरिए आपको कुछ आसान, किफायती और बेहतरीन तरीके, जिनकी मदद से आप इस जन्माष्टमी अपने पूजनीय बाल गोपाल के स्थान को दिव्य बना सकते हैं।
घर के मंदिर की सजावट के बजट-फ्रेंडली तरीके
पुरानी साड़ियों और दुपट्टों का जादू
मंदिर के पीछे की दीवार को आकर्षक बनाने के लिए घर में रखी लाल, पीली, हरी या सुनहरी गोटे वाली साड़ियों और बनारसी दुपट्टों का प्रयोग कर सकते हैं-
पर्दे की तरह सजावट - साड़ी या दुपट्टे को मंदिर के पीछे पर्दे की तरह लगाएं।
चुन्नटों का इस्तेमाल- कपड़े में सुंदर चुन्नट डालकर बीच में एक सुंदर फूल या लटकन लगा दें, जिससे मंदिर को एक अच्छा लुक मिलेगा।
रंग-बिरंगे फूलों से बढ़ाएं शोभा
आप चाहे तो गेंदे और गुलाब के ताजे फूलों से मंदिर की सजावट में प्राण फूंक देते हैं। इनकी खुशबू और प्राकृतिक सुंदरता माहौल को बेहद खुशनुमा बना सकते हैं।
फूलों की लड़ियां- गेंदे और आम के पत्तों की माला बनाकर मंदिर के दरवाजों और किनारों पर लटका सकते हैं।
पंखुड़ियों की कलाकरी- फर्श पर और मंदिर पर गेंदे व गुलाब की पंखुड़ियों को फैलाकर सुंदर पैटर्न बनाएं।
फेयरी लाइट्स और दियों की जगमगाहट
यह त्योहार रोशनी के बिना अधूरा लगता है। छोटे बजट में घर चमकाने के लिए लाइट्स सबसे बेहतरीन तरीका है-
वार्म लाइट्स का प्रयोग- आप पीले या सुनहरे रंग की फेयरी लाइट्स को कपड़े के पीछे लगाएं। इससे बैकड्रॉप में एक बेहद प्यारी चमक आती है।
मिट्टी के दीए- पूजा के समय मिट्टी के पारंपरिक दियों को घी या सरसों के तेल से जलाकर चारों तरफ रख दें।
लड्डू गोपाल के झूले को ऐसे बनाएं बेहद खास
इस दिन लकड़ी के साधरण झूले को ऐसे सजाएं-
लकड़ी के झूले को दें नया रंग
यदि आपके पास पहले से कोई भी लकड़ी का कोई साधारण झूला मौजूद है, तो उसे फेंकने या नया खरीदने के बजाय घर पर ही रीस्टोर करें।
एक्रेलिक पेंट का यूज करें- झूले को नीले, पीले या सुनहरे रंग के एक्रेलिक पेंट से नया लुक दें।
मखमली गद्दी- झूले के अंदर बैठने के स्थान पर लाल या बैंगनी रंग का वेलवेट कपड़ा बिछा सकते हैं।
मोरपंख और मोतियों से सजाएं
भगवान श्री कृष्ण को मोरपंख अति प्रिय है। इसलिए आप झूले को कन्हा के पसंदीदा मोर पंख से सजा सकते हैं।
मुख्य स्थान पर मोर मंख- झूले के ऊपरी हिस्से या मुकुट वाले स्थान पर एक बड़ा मोरपंख लगाएं।
मोतियों की लटकन- झूले की डोरियों पर सफेद या सुनहरे मोतियों की लड़िया लपेटें।
गोटे और लेस का प्रयोग
बाजार में मिलने वाले सस्ते गोटे और गोटा-पत्ती वाली लेस से झूले के किनारों को बहुत सुंदर बना सकते हैं।
बॉडर सजावट- फेविकॉल या ग्लू गन की मदद से आप झूले की सीमाओं पर पतली गोटा-पत्ती लगाएं।
ऊन या गोटे की लटकन- झूले के चारों कोनों पर छोटे-छोटे रंगीन टैसल बनाकर बांधे।
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