UP में बाढ़ का असर घटा, अब केवल 14 जिले प्रभावित: CM Yogi Adityanath
वाराणसी (उप्र), पांच सितंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि राज्य में 10 वर्ष पहले 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, लेकिन अब इस बात से संतुष्टि है कि सिर्फ 14 जिलों में थोड़ा-बहुत पानी जमा हुआ है और वहां राहत सामग्री वितरित की जा रही है। योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रदेश में 10 वर्ष पहले 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, दर्जनों जिलों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चों की मौत होती थी, आज इस बात से संतुष्टि होती है कि कुल मिलाकर 14 ऐसे जिले हैं, जैसे यहां पर थोड़ा-बहुत पानी आया है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन क्षेत्रों का हम दौरा कर रहे हैं, राहत सामग्री वितरित हो रही है।
व्यापक पैमाने पर जिला प्रशासन, सभी जनप्रतिनिधि और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर राहत कार्यों से जुड़े हुए हैं।’’ योगी ने दावा किया, ‘‘आज जो हम राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं, इतनी राहत सामग्री 2017 के पहले नहीं मिलती थी, केवल सूखा ब्रेड मिलता था। तब न बच्चों के लिए दूध था, न गरम भोजन था और न ही सूखा राशन दिया जाता था।’’ मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आपदा राहत निधि से जो पैसा भेजा है, उसी पैसे से सब व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रति वर्ष जब गंगा नदी का जल स्तर बढ़ता है तो निचले क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है।
बरसात के समय में आज से 10 साल पहले 40 से 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे और भीषण जल जमाव से लोगों का आवागमन बाधित होता था और उन्हें परेशानी होती थी।’’ उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, उसके परिणाम वाराणसी में भी देखने को मिल रहे हैं। योगी ने कहा, ‘‘आज काशी नयी काशी बन गई है। अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए नये कलेवर के रूप में एक नयी काशी का हम सब दर्शन कर रहे हैं।’’ योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सपा सरकार में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 के पहले बाढ़ पीडि़तों का यही पैसा सपाई खा जाते थे।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल डूबी है, उसका सर्वेक्षण किया जा रहा है और उनको भी मुआवजा देने का आदेश कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण की रिपोर्ट आते ही उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाएगा।
Sir Ganga Ram Hospital के डॉक्टरों ने महिला के गले से निकाला 15x10 सेमी का Thyroid Tumor
नयी दिल्ली, पांच सितंबर दिल्ली के एक अस्पताल में 43 साल की एक महिला का सफल ऑपरेशन कर थायरॉइड का बहुत बड़ा ट्यूमर निकाला गया। यह ट्यूमर कैरोटिड धमनी के चारों ओर फैल गया था और सीने के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया था। कैरोटिड धमनी मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली प्रमुख रक्त वाहिका है।
सर गंगा राम अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि 15 गुना 10 सेंटीमीटर आकार का यह ट्यूमर करीब एक दशक से धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में इसका आकार तेजी से बढ़ गया। सूजन के ऊपर की त्वचा भी कई जगह से फट गई थी, जिससे खून रिसने लगा था। चिकित्सकों ने बताया कि ट्यूमर के बड़े आकार और तेजी से बढ़ने के कारण शुरुआत में इसके तेजी से फैलने वाले थायरॉइड कैंसर होने की आशंका जताई गई थी।
हालांकि, विस्तृत जांच और ‘बायोप्सी’ से पता चला कि यह पैपिलरी थायरॉइड कैंसर है, जिसका इलाज संभव है। चिकित्सकों के अनुसार इसके बाद मरीज की सर्जरी की गयी जो सफल रही।
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