Vande Mataram विवाद पर Anurag Thakur का Congress पर तंज, बोले- खुद को संविधान से ऊपर समझता है गांधी परिवार
इंदौर (मध्यप्रदेश), पांच सितंबर कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो अंतरों के गायन के फैसले पर निशाना साधते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने शनिवार को आरोप लगाया कि गांधी परिवार हमेशा खुद को देश के नियमों और संविधान से ऊपर समझता है। ठाकुर ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि इस परिवार के पास पूरा राष्ट्रीय गीत गाने के लिए महज तीन मिनट 10 सेकंड का समय नहीं है और वह सदा अपने आप को देश के नियमों और संविधान से ऊपर समझता है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी कौन-सी मजबूरी है कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में पूरा राष्ट्रीय गीत नहीं गाया जाता?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा,‘‘बाबा साहेब आम्बेडकर ने देश को संविधान दिया, लेकिन कांग्रेस ने उनका अपमान किया और संविधान को तार-तार कर दिया।’’ उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल का काला अध्याय भी कांग्रेस की ही देन है। ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी प्रहार किया। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद ने कहा,‘‘जिस दिन राहुल गांधी देश का अपमान करना बंद कर देंगे, सनातन (धर्म) को कोसना बंद कर देंगे और तुष्टीकरण की राजनीति बंद कर देंगे, तब देश के युवा उनको थोड़ी गंभीरता से लेना शुरू कर देंगे।’’ बाद में ठाकुर ने एक कार्यक्रम में युवाओं से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में महती भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए और अपना ब्रांड स्वयं बनाना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की सराहना की और कहा कि वर्ष 2014 में जहां देश में लगभग 500 स्टार्टअप थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 2.23 लाख से अधिक हो चुकी है।
Bhagwant Mann की पत्नी पर शिअद और Congress का हमला, 5 करोड़ की मांग पर FIR की मांग
चंडीगढ़, पांच सितंबर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और कांग्रेस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ उन पर दो दुष्कर्म मामलों को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपों को लेकर शनिवार को यहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मान की पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। गुरप्रीत कौर ने आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें ‘‘बेबुनियाद’’ बताया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास की ओर बढ़ने और उनके आवास का ‘घेराव’ करने के लिए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश को लेकर शिअद सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल तथा अकाली दल विधायक गनीव कौर मजीठिया समेत पार्टी की कई महिला नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। अकाली प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और इलाके में बैरिकेड लगाए गए थे। शिअद की महिला इकाई ‘स्त्री अकाली दल’ ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की योजना बनाई थी।
पार्टी के अनुसार, हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में महिला प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड पार करके मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और एक थाने ले गई। अकाली दल के झंडे और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ताओं ने सेक्टर 28 स्थित अकाली दल कार्यालय के पास सड़क पर बैठकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इससे पहले, महिला प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए हरसिमरत ने मान की पत्नी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने दुष्कर्म के दो मामलों को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की।
उन्होंने पुलिस से मान की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। हरसिमरत ने आरोप लगाया, ‘‘मुख्यमंत्री की पत्नी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरविंदर सिंह उर्फ गुरी चहल को बचाने के लिए पैसे मांगे थे, जिसके खिलाफ दो महिलाओं ने दुष्कर्म और अपहरण के आरोप लगाए हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि आरोपी को दो महीने के भीतर ‘‘रिहा’’ कर दिया गया और उसे अमेरिका भी भागने दिया गया। उन्होंने कहा कि कौर की गिरफ्तारी होने तक शिअद पूरे राज्य में जन आंदोलन शुरू करेगा।
सांसद ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली दुष्कर्म पीड़िताओं को सुरक्षा देने की भी मांग की। इसके अलावा उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। हरसिमरत को हिरासत में लिए जाने के बाद अकाली विधायक गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि उन्हें सच बोलने से नहीं रोका जा सकता।
पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने कहा, ‘‘हमें सच के लिए लड़ने से नहीं रोका जा सकता।’’ तीन सितंबर को शिअद के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करके इस आरोप की स्वतंत्र जांच के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की थी कि मान की पत्नी ने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगे थे। महिला कांग्रेस की पंजाब इकाई ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पुलिस ने कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं को मान के आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने से रोक दिया।
महिला कांग्रेस की पंजाब इकाई की अध्यक्ष बलजीत कौर ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म मामले के एक आरोपी की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए पांच करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और कौर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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