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Explainer: पाकिस्तान क्रिकेट में क्यों होती है इतनी उथल-पुथल? कोच, कप्तान और खिलाड़ियों को किस वजह से किया जाता है बाहर, जानें कारण

Pakistan Cricket : पाकिस्तान क्रिकेट आज अपने पतन की ओर बढ़ रहा है. एक समय पर पाकिस्तान क्रिकेट का विश्व भर में बोल-बाला था. पाकिस्तान ने अपने दमदार खेल से दुनिया को अपने कदमों में कर लिया था. पाकिस्तान ने साल 1992 में वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर कब्जा किया था. चैंपियन पाकिस्तान अब किसी भीगी बिल्ली की तरह हो गया है. आज पाकिस्तान क्रिकेट टीम किसी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में भी नहीं पहुंच पाती है. वहीं एशिया में होने वाले इवेंट से भी पाकिस्तान सेमीफाइनल या फाइनल में हारकर बाहर हो जाती है. 

पाकिस्तान क्रिकेट में आए दिन कोच को बदल दिया जाता है. कप्तानों को तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ऐसे बदल देता है, जैसे कि कोई अपने कपड़े बदल देता है. पाकिस्तान के क्रिकेटर्स का तो इससे भी बुरा हाल है. आज जो खिलाड़ियों टीम के लिए खेल रहा है. कल वो टीम में होगा या नहीं ये उसे भी नहीं पता होता है. पाकिस्तान क्रिकेट में खिलाड़ियों को और कप्तानों को जल्दी-जल्दी और लगातार बदलने की परंपरा सी चालू हो गई है.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच भी समय से पहले ही बदल दिए जाते हैं. पीसीबी ने पिछले कुछ सालों में अनगिनत कोच बदल डाले हैं. इनमें देश और विदेश के तमाम कोच का नाम है. वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में भी पिछले कुछ सालो में थोक में बदलाव हुए हैं. कब किसको अपना पद छोड़नी पड़ जाए कहा नहीं जा सकता है. पाकिस्तान क्रिकेट में अब इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है. पाकिस्तान क्रिकेट की बेहतरी पर नहीं बल्कि टीम का बुरा हाल करने को शायद अब प्राथमिकता दी जा रही है.

क्यों हुई पाकिस्तान क्रिकेट की बद से बदत्तर हालत?

Pakistan Cricket Team

पूर्व कोच ने चीप सिलेक्टर पर दिया बड़ा बयान

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने द ऑस्ट्रेलियन न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में कहा कि, 'मुझे इन खिलाड़ियों के लिए बहुत बुरा लग रहा है, क्योंकि यह उनकी रोजी-रोटी का सवाल है. बाहर से देखने पर साफ लगता है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी डर के साथ क्रिकेट खेल रहे हैं. सलमान अली आगा इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में टीम की कप्तानी करते हैं, दूसरे टेस्ट में उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता है और तीसरे टेस्ट से पहले उन्हें घर लौटने वाले प्लेन में बैठा दिया जाता है. आखिर कोई सिस्टम ऐसे कैसे काम कर सकता है? इसके लिए साफ तौर पर आकिब जावेद को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. 

वहीं पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच मोहम्मद युसूफ ने भी अपने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि, 'अधिकारियों का मौजूदा दौरे से खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को वापस बुलाने का हालिया फैसला सिर्फ प्रदर्शन से जुड़ा नहीं लगता है. हम जहीर अब्बास, जावेद मियांदाद, इंजमाम-उल-हक, या सईद अनवर जैसे महान खिलाड़ियों को रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं भेज रहे हैं. इसके बजाय यह कदम अंदरूनी गड़बड़ी, राय में अंतर और विवादों के जाने-पहचाने चक्र को दिखाता है, जिसने लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट को परेशान किया है'.

पाकिस्तान क्रिकेट में बार-बार बदलाव क्यों होते हैं?

1 - हार के बाद तुरंत बड़ा फैसला : पाकिस्तान क्रिकेट टीम को जैसे ही लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हार मिलती है. वैसे ही उनका क्रिकेट बोर्ड बड़े फैसले लेता है. ऐसा ही कोच इंग्लैंड सीरीज के दौरान हुआ, जब बोर्ड ने लगातार 2 हार के बाद मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को हटा दिया और सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर घर भेज दिया. इसके साथ ही मिस्बाह उल-हक ने सिलेक्टर के पद इस्तीफा दे दिया.   

2 - कोच को पर्याप्त समय नहीं मिलता : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पिछले कुछ सालों में लगातार कोच बदले हैं, जिसके चलते किसी भी कोच को पर्याप्त समय नहीं मिला है. तमाम रिपोर्ट के मुताबिक 2021 से 2026 के बीच कोचिंग स्टाफ में 11 बदलाव हुए हैं.

3 - कप्तानी में अस्थिरता : पीसीबी ने कप्तान भी लगातार बदले हैं. बाबर आजम ने कप्तानी छोड़ी, फिर अलग-अलग फॉर्मेट में अलग कप्तान बनाए गए और बाद में बाबर को फिर जिम्मेदारी दी गई. ऐसी स्थिति में कप्तान को टीम बनाने के लिए जरूरी लंबा समय नहीं मिल पाता. ऐसे में खिलाड़ियों और कप्तानों में तालमेल नहीं बन पाता है.

4 - चयन में निरंतरता की कमी : किस खिलाड़ी को कितने मौके देने हैं और किस भूमिका में खिलाना है. इसके बार में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सोचे समझे बिना फैसला लेता है. जिस खिलाड़ी को टीम में लेते हैं, उसे जल्दी ही बाहर कर देते हैं. इससे चयन में फेवरेटिज्म दिखता है. इसके साथ ही चयन में स्थिरता भी नजर नहीं आती है. 

6 - पीसीबी में नेतृत्व परिवर्तन का असर : बोर्ड के स्तर पर बदलाव होने पर टीम मैनेजमेंट और चयन नीति भी बदल जाती है. 2022 के बाद पीसीबी नेतृत्व में हुए बदलावों के साथ टीम की कप्तानी और कोचिंग व्यवस्था में भी कई परिवर्तन हुए. इसके चलते टीम में सही कॉम्बिनेशन नहीं बन पाया और टीम का ऐसा हाल हुआ. 

खिलाड़ियों को बाहर करने के कारण

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, पाकिस्तान टीम के चयनकर्ता, कोच और कप्तान अपने हिसाब से खिलाड़ी चुनते हैं. ऐसे में किसी पुराने खिलाड़ी को बाहर कर किसी नए खिलाड़ियों को टीम में मौका देने पर केवल खराब प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि फॉर्म, टीम कॉम्बिनेशन, फिटनेस, अनुशासन या कथित व्यवहार संबंधी मुद्दे भी अहम रोल निभाते हैं. पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हालिया घटनाक्रम में कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को अचानक इंग्लैंड दौरे से वापस भेजे जाने पर सवाल उठते हैं, लेकिन उनका जवाब अब तक नहीं मिला है.

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झीरम घाटी नक्सल हमले के मामले में आया फैसला, NIA कोर्ट ने 10 आरोपियों दोषी ठहराया

झीरम घाटी नक्सल हमले में 2013 में शनिवार को जगदलपुर NIA की स्पेशल कोर्ट ने दस आरोपियों को दोषी करार दिया है. 13 साल बाद आए इस ऐतिहासिक निर्णय में फिलहाल सजा नहीं सुनाई गई है. स्पेशल कोर्ट ने 101 गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर निर्णय लिया है. दोषियों की सजा अवधि तय करने के लिए 16 सितंबर 2025 की तिथि सुरक्षित रखी गई है. 

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम का बयान  

झीरम हमले पर आए NIA के निर्णय पर छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने जानकारी दी कि मैं तब तक संतुष्ट नहीं हूं, जब तक यह तय न हो जाए कि वह घटना कैसे हुई थी. इन लोगों ने इसे अंजाम दिया, वह एक अलग बात है, मगर पूरा इलाका बिल्कुल कैसे खाली करा लिया गया है. 

सिंह देव ने आगे कहा कि पूरी जानकारी होने के बाद प्रशासन ने इंतजाम क्यों नहीं किया. असल में गलती उन्हीं  की है. IAS-IPS ये तो बस पद ही हैं, सबसे जरूरी जवाबदेही है. यह किसकी जिम्मेदारी थी, जब विपक्ष के बड़े नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री, पार्टी अध्यक्ष, पहले गृहमंत्री भी रहे हैं. 

मई 2013 को क्या हुआ था?

हमला 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में दरभा थाना इलाके की झीरम घाटी में घटित हुआ था.  घटना की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े हुए थे. इसका कारण, उस समय छत्तीगसढ़ में विधानसभा चुनाव होने   वाले थे, कांग्रेस पार्टी के नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर परिवर्तन यात्रा के तहत लौट रहा था. 

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व था खत्म

इस बीच घात लगाकर बैठे सैकड़ों भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने काफिले को चारों ओर से घेर लिया. बारूदी सुरंग धमाका किया. यहां अंधाधुंध गोलीबारी आरंभ हो गई. इस हमले में 32 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी. इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस का करीब शीर्ष नेतृत्व एक साथ अंत हो गया था. 

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  Sports

भारत पर जीत ने बर्बाद किया पाकिस्तान क्रिकेट… मोहम्मद यूसुफ का सनसनीखेज बयान, इस मैच को बताया असली वजह

Pakistan Cricket: पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन इस समय सवालों के घेरे में हैं. हर कोई इस टीम की आलोचना कर रहा है. इसी बीच मोहम्मद यूसुफ ने इस खराब प्रदर्शन की वजह टीम इंडिया को बताया है. Sun, 06 Sep 2026 20:13:28 +0530

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