IIT धनबाद के अभिजीत ने कॉफी से कमाए 113 करोड़:मार्केट को समझा, बचत के 13 लाख से खोला स्टोर, आज 95 आउटलेट्स के मालिक
अभिजीत आनंद ने IIT धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में पढ़ाई की। उसके बाद करीब साढ़े 8 साल कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। 2021 में भारत लौटने के बाद उन्होंने 20 शहरों और 12 राज्यों में जाकर करीब 10,000 लोगों, कैफे के मालिकों और किसानों से बात कर कॉफी मार्केट को समझा। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर 2022 में abCoffee शुरू किया। उनका पहला आउटलेट जून 2022 में मुंबई के वर्सोवा में खुला। इस काम में शुरुआती खर्च करीब 13 लाख रुपए था जो उन्होंने अपनी बचत किए पैसों से भरा। स्टार्टअप शुरू करने से पहले उन्होंने 12 राज्यों/20 शहरों की यात्रा कर करीब 10,000 लोगों से बातचीत कर कॉफी मार्केट को समझा। abCoffee का मॉडल बड़े, महंगे कैफे के बजाय छोटे आउटलेट्स पर आधारित है, जिससे किराया और इंटीरियर जैसी लागत कम रखी जा सके। कंपनी के कॉफी या ड्रिंक्स की कीमतें आम तौर पर 119–209 रुपए के बीच है। शुरुआती दौर में पहला आउटलेट महीने में लगभग 1 लाख रुपए का कारोबार करता था। अब कंपनी करीब साढ़े 3 लाख कप हर महीने बेचती है। उन्होंने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में 95+ आउटलेट्स खोले। कंपनी ने हाल में ₹61 करोड़ का pre-Series B फंडिंग राउंड भी जुटाया है। उनका मुख्य उद्देश्य प्रीमियम और बेहतरीन स्वाद वाली कॉफी को आम लोगों के लिए किफायती और हर दिन की आदत बनाना था। इसके लिए उन्होंने महंगे कैफे सेटअप के बजाय छोटे, कुशल 'ग्रैब-एंड-गो' (Grab-and-Go) आउटलेट्स पर ध्यान दिया। अभिजीत बिहार के जमालपुर में केशवपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई जमालपुर से पूरी की। इसके बाद IIT धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बीटेक किया। वर्ष 2013 में पेट्रोलियम सेक्टर की जानी-मानी कंपनी स्लमबर्जर ने उन्हें करीब 30 लाख सालाना के पैकेज पर नौकरी ऑफर की। इसके बाद अभिजीत ने देश और विदेश के कई शहरों में कॉर्पोरेट जॉब की। रोमानिया में नौकरी के दौरान उन्हें कॉफी पीने की आदत लगी। मुंबई लौटने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया। ये खबर भी पढ़ें टीचर दो, टीचर दो-आज दो, अभी दो:इंटर लेवल में टीचर के सभी 9 पद खाली, गेस्ट और PTR टीचर के बल पर चल रही कक्षाएं नैनीताल के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेतालघाट में टीचर की कमी से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 3 सितंबर को कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं ने टीचर्स की पोस्टिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पूरी खबर यहां पढ़ें
तीन हज़ार रुपये के लिए नंगे पांव 'अमृत दौड़ मैराथन' जीतने वाली एक मां की कहानी
यह एक मां की अपनी बेटियों की शिक्षा के लिए लगाई गई दौड़ की कहानी है. 29 अगस्त को महाराष्ट्र में अंबाजोगाई में 'अमृत दौड़ मैराथन' आयोजित की गई थी, जिसमें दौड़कर जीतने वाली रमाबाई देशभर में चर्चा में आईं.
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