'मेरी पत्नी उनकी वजह से...' वैभव सूर्यवंशी पर पूर्व क्रिकेटर का बयान वायरल, जानिए उनके टेस्ट करियर को लेकर क्या कहा?
Vaibhav Sooryavanshi : वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर से टीम इंडिया की जर्सी में नजर आने वाले हैं. रेड बॉल क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन करने के बाद अब समय आ गया है कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी व्हाइट से ब्लू जर्सी में अपना रंग बिखेरेंगे. वैभव सूर्यवंशी अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज में धमाल मचाने के लिए तैयार हैं. भारत बनाम अफगानिस्तान टी20 सीरीज 13 सितंबर से शुरू होने वाली है. इस सीरीज के मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. उससे पहले वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारत के दिग्गज क्रिकेटर ने बड़ा बयान दिया है.
दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव सूर्यवंशी के बार में खुलकर बात की हैं. उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा है कि, वैभव सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट का गौरव बचा सकते हैं. उन्होंने अपनी पत्नी को याद करते हुए वैभव के बारे में बड़ी बात बोली है. उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.
श्रीकांत ने वैभव सूर्यवंशी पर दिया बड़ा बयान
श्रीकांत ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी बहुत ही शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं. उन्हें आगे के लिए और ज्यादा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. उन्हें कभी भी पीछे मुड़कर कोई चीज नहीं बतानी चाहिए. अगर उन्हें सही ढंग से खिलाया जाए तो वो बड़े स्टार बन जाएंगे. वो टेस्ट क्रिकेट को अपना गौरव वापस दिला सकते हैं. उनकी वजह से ही सभी दलीप ट्रॉफी देख रहे हैं. मेरी पत्नी भी उनकी वजह से ही क्रिकेट देख रही हैं'.
श्रीकांत ने आगे कहा कि, 'उसने बहुत अच्छा खेला है. लोग इस लड़के पर शक भी कैसे कर सकते हैं कि वो हायर-लेवल क्रिकेट खेलने के नहीं काबिल है? वो हर लेवल का क्रिकेट खेल सकता है और वो जल्द ही सभी फॉर्मेट में वर्ल्ड क्रिकेट पर राज करने वाला है. वो रेड-बॉल क्रिकेट में सीधे छक्के मारने की चिंता किए बिना मीडियम पेसरों की धुनाई कर रहा है. वो बॉलरों के साथ खेल रहा है. एक बार जब वो स्टेबल हो जाएगा और अपनी बात साबित कर देगा, तो वो एक अलग लेवल पर होगा. उसने दूसरी इनिंग्स में एक और कीमती पारी खेलकर उनके लिए मैच भी जिताया, लेकिन वो हर समय 90 के फेर में आउट हो रहा है. उसने सिर्फ इस सीजन में पांच सेंचुरी मिस की होंगी'.
Even my wife is watching because of him – Kris Srikkanth’s massive praise for Vaibhav Suryavanshi’s Duleep Trophy 2026 heroics
— Cricket Hub (@Anurag9793) September 4, 2026
Kris Srikkanth said:
"He's playing outstandingly well. He must be encouraged and never be discouraged. If he's molded properly, he'll be a superstar in… pic.twitter.com/vPilzQBxDy
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में मचाया धमाल
वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में दलीप ट्रॉफी 2026-27 में कमाल का प्रदर्शन किया. वैभव ने दलीप ट्रॉफी में पहले क्वार्टर फाइल और फिर सेमीफाइनल ईस्ट जोन की ओर से खेला. ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम के लिए उनकी गैरमौजूदगी में वैभव सूर्यवंशी ने भी कप्तानी की थी. वैभव ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बल्ले से सिर्फ 8 रन बनाए लेकिन बॉल के साथ उन्होंने 2 अहम विकेट भी हासिल किए.
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच में सेंट्रल जोन के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने पहली पारी में 81 गेंदों पर 92 रनों की पारी खेली थी, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे. दूसरी पारी में वैभव ने 43 गेंद पर 40 रनों की पारी खेली. इस पारी में वैभव ने 3 चौके और 2 छक्के लगाए थे. अब वैभव अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज खेलेंगे. ऐसे में दलीप ट्रॉफी का फाइनल मिस करने वाले हैं.
भारत-अफगानिस्तान सीरीज का शेड्यूल
| मैच नंबर | तारीख | दिन | स्थान |
|---|---|---|---|
| 1 | 13 सितंबर 2026 | रविवार | दिल्ली |
| 2 | 15 सितंबर 2026 | मंगलवार | दिल्ली |
| 3 | 17 सितंबर 2026 | गुरुवार | दिल्ली |
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ऑपरेशन चक्र-VI के तहत 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर छापेमारी, तीन आरोपी गिरफ्तार
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में हो रही साइबर ठगी के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है. ऑपरेशन चक्र-VI के तहत CBI ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े तीन प्रमुख मामलों में देश के 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. CBI के मुताबिक, डिजिटल अरेस्ट के ये मामले संगठित साइबर अपराध से जुड़े हैं. साइबर अपराधी खुद को पुलिस, जांच एजेंसियों या अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल या अन्य डिजिटल माध्यमों से डराते थे. इसके बाद पीड़ितों को डिजिटल तरीके से हिरासत में लेने का दावा कर उनसे बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी CBI को ऐसे अपराधों में शामिल आरोपियों और उनके व्यापक नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी और समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में CBI ने विभिन्न राज्यों से डिजिटल अरेस्ट से जुड़े कई मामलों की जांच अपने हाथ में ली है. एजेंसी इन मामलों में न केवल सीधे ठगी करने वाले आरोपियों बल्कि रकम प्राप्त करने, उसे अलग-अलग खातों में भेजने और उसके स्रोत को छिपाने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
तीन मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी
CBI के अनुसार, ऑपरेशन चक्र-VI के तहत जिन तीन मामलों में कार्रवाई की गई, उनमें पीड़ितों को लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की गई.
- BITS Pilani से जुड़े मामले में पीड़ित को करीब तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और पुलिस अधिकारियों का रूप धारण कर साइबर अपराधियों ने उससे करीब 7.67 करोड़ रुपये ठग लिए.
- गुजरात के मामले में पीड़ित को करीब तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर पुलिस अधिकारी बनकर करीब 19.24 करोड़ रुपये की ठगी की गई.
- कर्नाटक के मामले में पीड़ित को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और उससे करीब 15.45 करोड़ रुपये ठगे गए.
इन तीन मामलों में कुल मिलाकर पीड़ितों से 42.36 करोड़ रुपये की ठगी की गई.
बैंक खातों और डिजिटल डिवाइस की जांच
CBI की टीमों ने 20 राज्यों में 89 स्थानों पर की गई तलाशी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है. जांच एजेंसी अब इन डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही है. इसका उद्देश्य उन लोगों और नेटवर्क की पहचान करना है, जो देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी की रकम को प्राप्त करने, अलग-अलग खातों में भेजने और उसके स्रोत को छिपाने का काम कर रहे थे.
तीन आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान CBI ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में आरोपियों की ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे अलग-अलग खातों में भेजने और रकम के ट्रेल को छिपाने में भूमिका सामने आई है. हरियाणा निवासी आकाश के बैंक खाते में ठगी की रकम में से करीब 1.95 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. जांच में सामने आया कि उसने खुद बैंक खाता खुलवाया था और रकम प्राप्त होने के बाद उसी दिन उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. कोलकाता निवासी राजा कर्मकार की फर्म के खाते में ठगी की रकम में से करीब 1.50 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे.
वहीं, ज्योति रानी के बैंक खाते में भी ठगी की रकम का एक हिस्सा जमा कराया गया. जांच के मुताबिक, उसने रकम का कुछ हिस्सा नकद निकाला और बाकी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की. CBI इस भूमिका को ठगी की रकम को अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाकर उसके ट्रेल को छिपाने की कोशिश के तौर पर जांच रही है.
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
CBI अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों और हैंडलर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. एजेंसी का फोकस ठगी की रकम के पूरे मनी ट्रेल, बैंक खातों, डिजिटल कम्युनिकेशन और ऑनलाइन अकाउंट एक्सेस की जांच पर है. CBI का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट के जरिए होने वाली ठगी और संगठित साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. एजेंसी इस नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए आगे की जांच कर रही है.
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