Parenting Tips: बच्चों के लिए क्यों खास है रागी? हड्डियों-दांतों से लेकर आयरन तक, जानें 5 फायदे
Ragi Benefits for Kids: रागी यानी फिंगर मिलेट को लंबे समय से भारतीय खान-पान का हिस्सा माना जाता है। इसकी मदद से दलिया, चीला, डोसा, इडली और पोरिज जैसे कई व्यंजन बनाए जा सकते हैं। बच्चों को रागी खिलाने का फायदा यह है कि इसे उनकी पसंद के हिसाब से मीठा या नमकीन बनाकर परोसा जा सकता है।
रागी में कैल्शियम, फाइबर, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जानें बच्चों के लिए रागी के 5 फायदे और इसे उनकी डाइट में शामिल करने के आसान तरीके।
1. हड्डियों और दांतों के लिए फायदेमंद
रागी में कैल्शियम पाया जाता है, जो बच्चों की बढ़ती उम्र में हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी होता है। इसलिए संतुलित डाइट में रागी को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।
2. पेट को लंबे समय तक भरा रखता है
रागी में फाइबर मौजूद होता है। फाइबर वाला खाना पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। बच्चों के नाश्ते में रागी का दलिया या चीला शामिल किया जा सकता है।
3. शरीर को मिलता है आयरन
रागी में आयरन भी पाया जाता है। शरीर में आयरन की मदद से हीमोग्लोबिन बनाने की प्रक्रिया होती है। बच्चों की डाइट में रागी के साथ दूसरे आयरन वाले खाद्य पदार्थ भी शामिल किए जा सकते हैं।
4. प्रोटीन भी देता है रागी
रागी में कुछ मात्रा में प्रोटीन भी पाया जाता है। इसे दूध, दही या दाल जैसी चीजों के साथ मिलाकर बच्चे की थाली को और पौष्टिक बनाया जा सकता है।
5. बच्चों की डाइट में ला सकते हैं वैरायटी
बच्चों को रोज एक जैसा खाना पसंद नहीं आता। ऐसे में रागी को अलग-अलग रूप में खिलाना आसान हो सकता है। कभी रागी डोसा, कभी चीला तो कभी दलिया बनाकर बच्चे की डाइट में बदलाव किया जा सकता है।
बच्चों को रागी कैसे खिलाएं?
अगर बच्चा रागी खाने में नखरे करता है, तो इसे जबरदस्ती खिलाने के बजाय उसकी पसंद के व्यंजन में शामिल करें।
- रागी का हल्का दलिया बनाएं।
- रागी से चीला या डोसा तैयार करें।
- रागी इडली ट्राई कर सकते हैं।
- दूध के साथ रागी का पोरिज बना सकते हैं।
- सब्जियों के साथ नमकीन रागी चीला बनाया जा सकता है।
सिर्फ रागी से पूरी नहीं होगी पोषण की जरूरत
रागी पौष्टिक अनाज है, लेकिन बच्चों को संतुलित खाना देना ज्यादा जरूरी है। उनकी थाली में दाल, दूध-दही, सब्जियां, फल, मेवे और दूसरे अनाज भी उम्र और जरूरत के हिसाब से शामिल करें।
(Disclaimer): हर बच्चे की खाने की जरूरत अलग होती है। बच्चे की उम्र, पसंद और डाइट को ध्यान में रखते हुए रागी की मात्रा तय करें। अगर बच्चे को किसी खास भोजन से एलर्जी या परेशानी है, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
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