उज्जैन : बारिश के बीच शहीद पार्क पर हुआ भव्य मटकी फोड़ कार्यक्रम, CM यादव ने बढ़ाया उत्साह
उज्जैन में जन्माष्टमी के मौके पर पूरे शहर में उल्लास का माहौल देखने को मिला। शहर के अलग-अलग कृष्ण मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सभी जगह भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। हर बार की तरह इस बार भी शहर के शहीद पार्क पर कृष्णा ग्रुप की ओर से मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पिछले 17 सालों से उज्जैन में ये आयोजन भव्य रूप से आयोजित होता आ रहा है। बीती रात इसमें शामिल होने के लिए कई शहरवासी पहुंचे। मटकी फोड़ कार्यक्रम रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद हुआ लेकिन 7 बजे से ही यहां भजन संध्या शुरू हो चुकी थी।
मटकी फोड़ कार्यक्रम में जमकर झूमे भक्त
उज्जैन में होने वाले इस मटकी फोड़ कार्यक्रम को लेकर नागरिकों के बीच हमेशा उत्साह देखने को मिलता है। इस बार भी जब मटकी फोड़ने की कोशिश की जा रही थी। तब युवाओं का उत्साह देखने लायक था। आखिर में अजय ग्रुप बाउंसर की टीम ने कोशिश की और इनाम अपने नाम किया। जैसे ही मटकी फूटी सभी झूमने लगे। इस दौरान बारिश हो रही थी लेकिन लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।
सीएम यादव भी बने हिस्सा
मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन से ही है और वो इस कार्यक्रम के संरक्षक भी है। सीएम कार्यक्रम में तो नहीं आए लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि उज्जैन और भगवान कृष्ण का खास नाता है। वो सांदीपनी आश्रम का जिक्र करते हुए भी दिखाई दिए। उन्होंने मटकी फोड़ के लिए की जाने वाली सामूहिक कोशिश को संगठन की ताकत बताया। सीएम की बातों ने उपस्थित लोगों के बीच उत्साह बढ़ा दिया।
शिक्षक दिवस पर PM मोदी ने शिक्षकों से की मुलाकात, पूछा सवाल – ‘अगर मैं आपका विद्यार्थी होता तो क्या सलाह देते?’
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था, बच्चों के विकास और बदलती आदतों जैसे कई विषयों पर चर्चा की। मुलाकात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने काशी में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि अब महिलाएं आगे बढ़कर जांच करा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक दिन में सबसे ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग का विश्व रिकॉर्ड बनाने का अनुभव भी महत्वपूर्ण रहा।
वहीं कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शिक्षिका से पूछा कि अगर वह उनके विद्यार्थी होते और एक कुशल वक्ता बनना चाहते, तो उन्हें क्या सलाह दी जाती। उन्होंने कहा, “अगर मैं आपके यहां विद्यार्थी होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए?”
जानिए शिक्षिका ने क्या दिया जवाब
#TeachersDay is about appreciating the strong contribution of teachers to our society. It is also a day to pay homage to Dr. S. Radhakrishnan.
Here is what happened when the National Teachers’ Awards winners were invited to 7, LKM yesterday…. pic.twitter.com/LtXTvHiQoQ
— Narendra Modi (@narendramodi) September 5, 2026
दरअसल इस पर शिक्षिका ने जवाब दिया कि सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है और आत्मविश्वास लगातार अभ्यास से आता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के सामने बात करते समय वह खुद भी थोड़ी घबरा गई थीं। प्रधानमंत्री ने बातचीत में बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है। उनके अनुसार, अगर बच्चे मैदान में जाकर असली खेलों में रुचि लें और उन्हें ज्यादा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए, तो इस आदत से बाहर निकलने में मदद मिल सकती है।
शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं: PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को किताबों और सिलेबस तक सीमित रखने के बजाय उनके जीवन से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बचपन को बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें शिक्षक की भूमिका सबसे अहम होती है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, शिक्षक का काम है कि बच्चे के अंदर बचपन हमेशा बना रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री के साथ चर्चा की।
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