टीचर दो, टीचर दो-आज दो, अभी दो:इंटर लेवल में टीचर के सभी 9 पद खाली, गेस्ट और PTR टीचर के बल पर चल रही कक्षाएं
नैनीताल के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेतालघाट में टीचर की कमी से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 3 सितंबर को कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं ने टीचर्स की पोस्टिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यहां के सभी 9 टीचर पद खाली हैं। जबकि ग्रेजुएट लेवल के 5 पद भी खाली हैं। इसके अलावा कुछ विषयों की पढ़ाई गेस्ट और PTR टीचर्स के भरोसे चल रही है। छात्राओं ने खाली पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की अभिभावक संघ के अध्यक्ष की अगुवाई में छात्राओं ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचाई। छात्राओं ने कहा कि जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बेटियों का भविष्य कैसे संवरेगा। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से खाली पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की। कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेखर दानी ने कहा कि वह स्कूल में टीचर्स की नियुक्ति को लेकर कई महीनों से शिक्षा विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन विभाग पर कोई असर नहीं हुआ। दानी ने कहा कि जिन बेटियों को किताब-कॉपी लेकर स्कूल में पढ़ना चाहिए, आज उन्हें अपने अधिकार के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। छात्राओं का यह प्रदर्शन सरकार और शिक्षा विभाग के लिए बड़ा संदेश है। बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। सालों से पद खाली रखना छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इससे पहले यह मामला 2024 में भी उठ चुका है। लेकिन स्टूडेंट्स की टीचर की मांग को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद कोई इन बच्चों को रॉक स्टार कह रहा है तो कोई शाबाश कहते हुए उनका हौसला बढ़ा रहा है। एमपी में कीचड़ भरी सड़क पर जाम मध्य प्रदेश में स्कूल तक जाने वाली कच्ची और कीचड़ भरी सड़क से परेशान छात्राओं ने अपनी-अपनी साइकिल सड़क पर रखकर चक्का जाम किया। यह घटना ग्राम मझगुआ पतोल, थाना हटा, जिला दमोह की है। इस जाम से सड़क के दोनों ओर लोगों का आना - जाना रुक गया। स्कूल तक जाने वाला करीब 1 किलोमीटर का रास्ता कच्चा और बदहाल है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। यह प्रदर्शन 22 अगस्त 2026 को दोपहर साढ़े 11 बजे शुरू हुआ। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे तेज बारिश होने लगी। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी गांव की मुख्य सड़क पर पहुंच गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो बारिश के बीच स्कूली ड्रेस में छात्राओं के प्रदर्शन का वीडियो बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्कूली छात्राओं द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। ग्रामीणों ने विद्यार्थियों की मांग को जायज बताया। उनका कहना है कि करीब एक किलोमीटर के इस कच्चे रास्ते का इस्तेमाल सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण और किसान भी करते हैं। उन्हें भी यहां से गुजरने में परेशानी होती है। प्रशासन ने दिया व्यवस्था का आश्वासन बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर पक्की सड़क बनाने की मांग की। सूचना मिलने पर कार्यपालिका मजिस्ट्रेट और तहसीलदार उमेश तिवारी मौके पर पहुंचे। पटवारी सुधीर राज भी मौजूद रहे। तहसीलदार ने विद्यार्थियों के साथ स्कूल तक जाकर कच्चे रास्ते का निरीक्षण किया। प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया। हालांकि छात्राओं की मांग स्कूल तक स्थायी पक्की सड़क बनाने की है। छात्रों और ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी सड़क बनने से ही हर साल बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी से निजात मिल सकेगी। ये खबर भी पढ़ें हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने "रामधुन" गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें
स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में दिल्ली में प्रदर्शन:कल पुलिस ने हिरासत में लिया था; कॉकरोच पार्टी कार्यकर्ता के पिता से मारपीट का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता रीशू आजाद के पिता से मारपीट के आरोप में स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को पुलिस ने हिरासत में लिया। स्वतंत्र के समर्थन में शनिवार को दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर हिंदू संगठन से जुड़े लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन दक्ष चौधरी ने बुलाया है। दक्ष हाई प्रोफाइल लोगों से मारपीट करने और थप्पड़ लगाने के लिए जाना जाता है। सोशल मीडिया पर। काफी वायरल रहता है। कन्हैया कुमार को भी थप्पड़ मारा था। गाजियाबाद में कई मामलों में आ चुका है। एक दिन पहले कॉकरोच पार्टी का प्रदर्शन, जिसके बाद पकड़ा गया स्वतंत्र कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता के साथ मारपीट करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर से पकड़ लिया गया। फिलहाल वह दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। पकड़े जाने से पहले स्वतंत्र ने हसनपुर में मीडिया से करीब 3 मिनट तक बात की और कहा- “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चाहे पूरा विपक्ष एकजुट हो मेरा बाल बांका नहीं कर सकता।” स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP ने शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने में 3 घंटे प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ। गिरफ्तारी से पहले मीडिया से कहा था- मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता गिरफ्तारी से पहले स्वतंत्र जेवर से निकलकर बुलंदशहर होते हुए दिल्ली जा रहा था। तभी उसने हसनपुर में रुककर मीडिया से करीब 3 मिनट तक बात की। स्वतंत्र ने कहा- "चाहे ट्रंप आ जाएं या नेतन्याहू आ जाएं। या राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष सड़क पर आ जाए, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं तो सनातन के लिए काम करता हूं।" पढ़ें पूरी खबर… मारपीट मामले में पीड़ित, आरोपी और दिल्ली पुलिस का पक्ष.... 1. पीड़ित पक्ष- संजय कुमार/नीशू आजाद CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। संजय की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज हुआ। नीशू का आरोप है कि उनके पिता का सिर फोड़ा गया और डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। 2. आरोपी- स्वतंत्र भारद्वाज स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वायरल पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्होंने संजय के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। बाद में भारद्वाज ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि यह हमला नहीं बल्कि सेल्फ-डिफेंस था। उनका दावा है कि 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अगर वह बचाव में कार्रवाई नहीं करते तो उन्हें भीड़ मार सकती थी। 3. दिल्ली पुलिस का पक्ष पुलिस के मुताबिक 23 जून को संजय कुमार के सिर पर कड़ा (ब्रेसलेट) लगने से चोट आई। संजय को RML अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। मेडिको लीगल केस में चोट साधारण बताई गई। पुलिस ने खोपड़ी फटने/फ्रैक्चर के दावे को गलत बताया। सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को मौके से हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान दोनों को नोटिस देकर पूछताछ की गई और पुलिस का कहना है कि कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है तथा जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। नीशू के पिता का वायरल वीडियो, धमकी देते देखे; सफाई में बोले- ये आधी सच्चाई वायरल वीडियो में संजय आजाद कहते हैं... मैं कहना चाहता हूं कि कुछ लोग कह रहे हैं अनजाने में मेरे सिर पर चोट मारकर सोचते हैं कोई बहुत बड़ा तीर मार दिया। तो मैं कहना चाहता हूं कि वहां अगर दो मिनट पुलिस न आती तो फोटो में देख सकते हो तुम्हारी दशा किस तरह कर दी थी। पुलिस को वहम हो गया था कि मैं तुम्हें मार रहा हूं इसलिए गलती से मुझे पकड़ लिया। आमने-सामने की लड़ाई कर ले जहां मन हो वहां मिलने के लिए तैयार हूं। जब दैनिक भास्कर ने उनसे इस वीडियो के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि यह वीडियो की आधी सच्चाई है। संजय ने कहा- मैंने तो बस ये कहा था कि उसे अगर लड़ना है तो लड़ने आ जाए, जहां कहेगा मैं आ जाउंगा। उसने अचानक मेरे पर हमला किया अगर लड़ना है तो सामने आकर लड़ें। ------------------------------------
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 





