Donald Trump ने Iran तनाव को बताया मामूली सैन्य टकराव
वाशिंगटन, पांच सितंबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष को ‘‘मामूली बात’’ करार दिया और देश के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के इस बयान से सहमति जताई कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को ‘‘युद्ध’’ नहीं कहा जा सकता। ट्रंप ने ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यालय) में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान वेंस की एक दिन पहले की टिप्पणियों के बारे में सवाल किए जाने पर कहा कि ईरान पर अमेरिकी हमले अब ‘‘रुक-रुककर’’ हो रहे हैं। उन्होंने इस संघर्ष की गंभीरता को कम दिखाने की कोशिश की जबकि इस युद्ध पर अमेरिकी करदाताओं के 37.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक खर्च हो चुके हैं और अमेरिका के 18 सैन्यकर्मियों की मौत हुई है।
ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं समझ सकता हूं कि वह क्या कह रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे सैन्य संघर्ष कहता हूं क्योंकि हमारे लिए यह मामूली बात है। यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है।’’ वेंस ने बृहस्पतिवार को ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास जिसमें ‘ओवल ऑफिस’ भी स्थित है) में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ईरान के साथ जारी अमेरिकी संघर्ष को ‘‘युद्ध’’ करार देने से इनकार किया था। वेंस यह अनुमान लगाने से बचते प्रतीत हुए कि छह महीने से जारी यह संघर्ष नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले समाप्त हो जाएगा या नहीं।
इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी संसद के दोनों सदनों में अपना मामूली बहुमत बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। वेंस से पूछा गया था कि क्या तीन नवंबर को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले युद्ध समाप्त हो सकता है जिसके जवाब में उन्होंने कहा था, ‘‘मैं इसे युद्ध नहीं कहूंगा। फिलहाल ज्यादा गोलीबारी नहीं हो रही है।’’ वेंस ने यह बात ऐसे समय कही जब ईरान ने इस सप्ताह की शुरुआत में उसके खिलाफ हुए कई अमेरिकी हमलों के जवाब में बृहस्पतिवार को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी कुवैत को निशाना बनाया।
ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका में हुई मौतों की संख्या हाल में हुए कुछ अन्य अमेरिकी युद्धों की तुलना में कम है। उन्होंने जनवरी में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने और संघीय मादक पदार्थ तस्करी के आरोपों का सामना करने के लिए उन्हें न्यूयॉर्क ले जाने के अमेरिकी सैन्य अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमने वेनेजुएला में कार्रवाई की और हमने यह भी किया। वेनेजुएला में हमारा कोई व्यक्ति नहीं मारा गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और इसमें हमने 18 लोगों को खोया।
वियतनाम में हमने एक लाख लोगों को खोया था और अन्य संघर्षों में हमने हजारों लोगों को खोया।’’ अमेरिका के राष्ट्रीय अभिलेखागार के रिकॉर्ड के अनुसार, वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सशस्त्र बलों के कुल 58,220 सदस्यों की मौत हुई थी। ट्रंप से एक पत्रकार ने पूछा कि जब अमेरिका के 18 सैन्यकर्मी मारे गए हैं तो वह इस संघर्ष को ‘‘मामूली बात’’ कैसे कह सकते हैं। इस पर ट्रंप ने अपना यह तर्क दोहराया कि इस संघर्ष के कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम निष्प्रभावी हो गया है।
ट्रंप ने युद्ध की शुरुआत में कहा था कि यह कुछ सप्ताह में समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा क्योंकि अगर उसके पास परमाणु हथियार होता तो शायद आप यहां खड़े नहीं होते।
MP की शादी सहायता योजना में 30 करोड़ का फर्जीवाड़ा, सिरोंज जनपद के पूर्व CEO शोभित त्रिपाठी गिरफ्तार; 9 सितंबर तक ED की कस्टडी
भोपाल। मध्य प्रदेश की शादी सहायता योजना में करीब 30 करोड़ रुपये के कथित फर्जी भुगतान के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी को 2 सितंबर को PMLA की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया। 3 सितंबर को भोपाल की PMLA स्पेशल कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें 9 सितंबर तक ED की कस्टडी में भेज दिया।
मामले की जांच भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की FIR के आधार पर शुरू हुई थी। जांच उस सरकारी योजना में हुए भुगतान से जुड़ी है, जिसके तहत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों की पात्र बेटियों की शादी के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी।
2019 से 2021 के बीच 30.18 करोड़ के भुगतान पर सवाल
ED के मुताबिक, शोभित त्रिपाठी वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच सिरोंज जनपद पंचायत में CEO के पद पर थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर संदिग्ध शादी सहायता मामलों में सरकारी खजाने से करीब 30.18 करोड़ की राशि मंजूर कर जारी की।
जांच एजेंसी का आरोप है कि योजना से पैसा निकालने के लिए फर्जी और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। गलत पहचान और दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खोले गए या दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। इन खातों में सरकारी राशि पहुंचने के बाद कई मामलों में पैसा नकद निकाल लिया गया।
अपात्र लोगों को भी लाभ देने का आरोप
ED की जांच में योजना का लाभ ऐसे लोगों तक पहुंचाने की बात भी सामने आई है, जो इसके लिए पात्र नहीं थे। कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी कई संदिग्ध मामलों में शादी सहायता की राशि जारी किए जाने की जांच की जा रही है।
इस मामले में ED ने 3 अक्टूबर 2025 को छापेमारी भी की थी। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए थे।
30 करोड़ कहां गए, अब इसकी पड़ताल
शोभित त्रिपाठी को कस्टडी में लेने के बाद ED अब कथित फर्जी भुगतान और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। सरकारी फंड से जारी रकम आखिर किन खातों में पहुंची, उसे किस तरह निकाला गया और पूरे मामले में अन्य किन लोगों की भूमिका रही, इन पहलुओं पर जांच आगे बढ़ रही है।
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