Nepal Flood में फंसे लोगों की तलाश के लिए NDRF की 11 सदस्यीय टीम तैनात
नयी दिल्ली, चार सितंबर नेपाल में पिछले सप्ताह आई भीषण बाढ़ के कारण जलविद्युत परियोजना सहित कई स्थानों पर फंसे लोगों को तलाशने में राहत-बचाव दल की मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 11 सदस्यीय तकनीकी टीम को भेजा गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक कमांडर के नेतृत्व में एनडीआरएफ की यह 11 सदस्यीय टीम उस राहत दल का हिस्सा है, जिसे भारत ने 26 अगस्त को आई आपदा के बाद पड़ोसी देश भेजा है।
अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम रोप रेस्क्यू तकनीकों (रस्सी आधारित बचाव कौशल) में विशेषज्ञता प्रदान कर और कीचड़ एवं मलबे से भरी सुरंगों के भीतर लोगों की तलाश करके स्थानीय दलों की सहायता कर रही है। उन्होंने बताया कि यह टीम वर्तमान में रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी पर निर्मित चिलिमे जलविद्युत संयंत्र में तैनात है। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,295 हो गई है।
Nagpur Consumer Commission का आदेश, Edelweiss Tokio महिला को दे 50 लाख रुपये का Insurance Claim
मुंबई, चार सितंबर नागपुर के उपभोक्ता आयोग ने एक जीवन बीमा कंपनी को एक विधवा को 50 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि यदि मृतक ने बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले ही शराब पीने की लत का खुलासा कर दिया था, तो बीमा दावे को खारिज करना ‘‘सेवा में कमी’’ माना जाएगा। उपभोक्ता मंच ने उच्चतम न्यायालय के उन आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के आधार पर बीमा दावे को खारिज नहीं किया जा सकता, भले ही पॉलिसी-धारक ने इन्हें पहले से नहीं बताया हो।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (नागपुर) ने पिछले महीने दिए एक आदेश में, एडलवाइस टोकियो लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को शिकायतकर्ता के पति के कानूनी रूप से देय बीमा दावे को खारिज करने के मामले में ‘सेवा में कमी’ का दोषी ठहराया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके पति ने अप्रैल 2021 में बीमा कंपनी की पॉलिसी खरीदी थी। 26 जनवरी 2023 को पति की अचानक हुई मृत्यु के बाद पत्नी ने बीमा दावे के लिए आवेदन किया था।
हालांकि, बीमा कंपनी ने दावे को खारिज कर दिया, पॉलिसी रद्द कर दी और महिला के पति द्वारा जमा की गई किस्तों की राशि का 18,713 रुपये का चेक वापस लौटा दिया। इसके बाद महिला ने दावा राशि और मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे की मांग को लेकर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का रुख किया था।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi





