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UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: यूपीएससी ने निकाली असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर की 80 वैकेंसी, जानें पूरी डिटेल

UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC) भर्ती 2026 के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 80 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन 22 अगस्त 2026 को जारी किया जाएगा, और इसी दिन से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 11 सितंबर 2026 तक अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। हालांकि, यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती परीक्षा की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन परीक्षा दिसंबर 2026 में होने की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण तिथियां और श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण
उम्मीदवारों की सुविधा के लिए इस भर्ती से जुड़ी सभी प्रमुख तारीखें नीचे दी गई हैं:

  • शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि: 19 अगस्त 2026
  • विस्तृत नोटिफिकेशन और आवेदन शुरू: 22 अगस्त 2026
  • आवेदन करने की अंतिम तिथि: 11 सितंबर 2026
  • भर्ती परीक्षा (संभावित): दिसंबर 2026
  • साक्षात्कार (संभावित): अक्टूबर-नवंबर 2027

कुल 80 पदों के लिए वर्गवार रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है: सामान्य/अनारक्षित वर्ग के लिए 29, ईडब्ल्यूएस के लिए 8, ओबीसी के लिए 18, एससी के लिए 15 और एसटी वर्ग के लिए 10 पद आरक्षित हैं। इसके अलावा कुल 80 पदों में से 3 पद बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्तियों (PwBD) के लिए आरक्षित किए गए हैं।

आवेदन प्रक्रिया और शुल्क से जुड़ी जानकारी
यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो 22 अगस्त को खुलेगी और उम्मीदवार 11 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकेंगे। बोर्ड ने सलाह दी है कि आखिरी दिन सर्वर से जुड़ी समस्याओं या तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन कर लें।

आवेदन शुल्क की बात करें तो जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹25 तय किया गया है। वहीं, महिला उम्मीदवारों के साथ-साथ एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी (PwBD) वर्ग के सभी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।

चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न
असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर के पद पर चयन के लिए उम्मीदवारों को मुख्य रूप से दो चरणों से गुजरना होगा:

  • भर्ती परीक्षा (Recruitment Test)
  • साक्षात्कार (Interview)

पाठ्यक्रम, परीक्षा योजना, मार्किंग स्कीम और अन्य भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारियां 22 अगस्त को आने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन में स्पष्ट कर दी जाएंगी।

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PM Modi in SCO Summit 2026: एससीओ समिट में कूटनीतिक दमखम दिखाने के बाद बिश्केक से रवाना हुए PM मोदी

SCO Meet 2026 Update: शंघाई कोऑपरेशन समिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने मुख्य रूप से आतंकवाद के मुद्दे पर बात की. उन्होंने चीन-पाकिस्तान-ईरान और बाकी देशों के सामने कहा कि आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड नहीं रखने चाहिए. उन्होंने पहलगाम का जिक्र करते हुए कहा कि ये आतंक का घिनौना रूप है और किसी भी देश को आतंकवाद की फंडिंग नहीं करनी चाहिए.

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  Sports

England से हार के बाद PCB का 'Clean Sweep' प्लान, Shoaib Akhtar बोले- 2 साल तक टीम से कोई उम्मीद नहीं

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहने के बाद अब पूरा क्रिकेट ढांचा बदलाव के दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म होने से पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इंग्लैंड ने पहले दोनों टेस्ट जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। हेडिंग्ले में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हार मिली थी, जबकि लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने 194 रन से बाजी मारी।

लगातार दो बड़ी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम और उसके सहयोगी दल में बड़े बदलाव किए हैं। सरफराज अहमद और उमर गुल को कोचिंग व्यवस्था से अलग कर दिया गया है। उनकी जगह माइक हेसन को टीम की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज एश्ले नॉफ्के को सहायक की भूमिका सौंपी गई है।

इसके अलावा तीसरे और अंतिम टेस्ट के लिए पाकिस्तान की टीम में भी बड़ा बदलाव किया गया है। सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया है। इनमें अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इस फैसले से संकेत मिल रहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब मौजूदा खिलाड़ियों पर निर्भर रहने के बजाय युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी टीम में हो रहे इन बदलावों को लेकर अपनी राय रखी है। एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अख्तर ने कहा कि उन्हें लगता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का मौजूदा खिलाड़ियों के एक बड़े हिस्से पर भरोसा लगभग खत्म हो चुका है। उनके अनुसार, बोर्ड अब इंग्लैंड में मिली हार को केवल एक खराब दौरे के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि इसे टीम के व्यापक पुनर्निर्माण के मौके के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

शोएब अख्तर के मुताबिक, बोर्ड मौजूदा टीम को हटाकर नए और युवा खिलाड़ियों को आगे लाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए खेलने की इच्छा रखने वाले नए खिलाड़ियों पर ध्यान दिया जा रहा है और भविष्य के लिए टीम तैयार करने की कोशिश हो रही है।

हालांकि, अख्तर ने इस बदलाव के दौरान कुछ अनुभवी खिलाड़ियों के करियर को बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने खास तौर पर शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ का नाम लिया। उनका कहना है कि इन तीनों तेज गेंदबाजों के करियर में अभी काफी क्रिकेट बाकी है और बदलाव की प्रक्रिया में उनके भविष्य का ध्यान रखा जाना चाहिए।

अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी के साथ हुई कथित बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अधिकारी से पूछा कि इंग्लैंड दौरे पर मौजूदा टीम से बोर्ड को क्या उम्मीद है, तो जवाब बेहद सीधा था। अख्तर के अनुसार अधिकारी ने कहा कि मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं है और बोर्ड की उम्मीदें अगली पीढ़ी के उन खिलाड़ियों से हैं, जिन्हें बड़े मंच के लिए तैयार किया जा रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इसे पटरी पर लौटने में करीब दो साल लग सकते हैं। उन्होंने लाहौर स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी का भी जिक्र किया, जहां दूसरे टेस्ट के दौरान वह पहुंचे थे। अख्तर ने कहा कि करीब 26 साल बाद अकादमी में बुनियादी ढांचे से जुड़े काम होते दिखाई दे रहे हैं।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने टीम के प्रदर्शन पर भी कड़ी टिप्पणी की। उनका कहना था कि इंग्लैंड के खिलाफ दोनों मुकाबलों में पाकिस्तान की टीम में संघर्ष करने का जज्बा नजर नहीं आया। लगातार दो बड़ी हार ने टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और दबाव झेलने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बता दें कि अब पाकिस्तान के सामने एजबेस्टन में तीसरे टेस्ट की चुनौती है। इंग्लैंड पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुका है और उसकी नजर अब पाकिस्तान का 3-0 से सफाया करने पर होगी। वहीं पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला सिर्फ हार से बचने का अवसर नहीं है, बल्कि बदली हुई टीम और नए कोचिंग ढांचे के साथ भविष्य की दिशा तय करने का मौका भी माना जा रहा है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के हालिया फैसलों और शोएब अख्तर की टिप्पणियों से साफ है कि टीम की समस्या को अब केवल इंग्लैंड दौरे की हार तक सीमित नहीं माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों को मौका देना, ढांचे में बदलाव करना और लंबे समय के लिए मजबूत टीम तैयार करना पाकिस्तान क्रिकेट की प्राथमिकता बनती दिखाई दे रही है। आने वाले दो साल इस पुनर्निर्माण की सफलता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Mon, 07 Sep 2026 21:35:00 +0530

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