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Hockey World Cup 2026: भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें खत्म, अर्जेंटीना ने 5-3 से हराया

Hockey World Cup 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम की वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। करो या मरो के मुकाबले में अर्जेंटीना ने भारत को 5-3 से हरा दिया। इस हार के साथ हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय टीम Pool E में सबसे नीचे रही और अब सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई है।

अर्जेंटीना ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। जोकिन टोस्कानी ने पहले ही मिनट में फील्ड गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद डेला टोरे ने 7वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अर्जेंटीना की बढ़त 2-0 कर दी।

भारत ने 10वें मिनट में सुखजीत सिंह के फील्ड गोल से वापसी की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना ने दबाव बनाए रखा। डोमेने ने 33वें मिनट में फील्ड गोल और 45वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं। 53वें मिनट में लुकास टोस्कानी ने अर्जेंटीना के लिए पांचवां गोल किया।

भारत की ओर से सुखजीत सिंह ने 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया, जबकि 59वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 5-3 किया। आखिरी पलों में भारत को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह के प्रयास को अर्जेंटीना के गोलकीपर ने बचा लिया।

भारतीय टीम को इस मुकाबले में खराब डिफेंस, गलत पासिंग और मौके गंवाने की कीमत चुकानी पड़ी। भारत ने Pool D में पाकिस्तान को 5-3 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी, लेकिन Pool E में नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना के खिलाफ दोनों मुकाबले गंवा दिए।

भारत के गोल

  • 10वां मिनट: सुखजीत सिंह – फील्ड गोल
  • 58वां मिनट: सुखजीत सिंह – फील्ड गोल
  • 59वां मिनट: हार्दिक सिंह – पेनल्टी स्ट्रोक

अर्जेंटीना के गोल

  • 1वां मिनट: जोकिन टोस्कानी – फील्ड गोल
  • 7वां मिनट: डेला टोरे – पेनल्टी कॉर्नर
  • 33वां मिनट: डोमेने – फील्ड गोल
  • 45वां मिनट: डोमेने – पेनल्टी स्ट्रोक
  • 53वां मिनट: लुकास टोस्कानी – फील्ड गोल

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तंबाकू की लत पड़ रही भारी! कैंसर के 40% मरीज युवा, विशेषज्ञों की बड़ी चेतावनी

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सामने आए आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू का सेवन अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। पहले जहां तंबाकू से जुड़ी गंभीर बीमारियां अधिक उम्र में दिखाई देती थीं, वहीं अब कम उम्र के युवा भी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का शिकार हो रहे हैं।

इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल हजारों नए कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्होंने लंबे समय तक तंबाकू या उससे जुड़े उत्पादों का सेवन किया है। यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

तंबाकू और ई-सिगरेट की बढ़ती लत बना रही युवाओं को शिकार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू के पारंपरिक रूपों के साथ-साथ ई-सिगरेट का उपयोग भी तेजी से बढ़ा है। हालांकि भारत में ई-सिगरेट की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद कई माध्यमों से यह युवाओं तक पहुंच रही है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं में इसका चलन बढ़ने की बात भी सामने आ रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआत में इसे फैशन या शौक के रूप में अपनाया जाता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। इसके बाद व्यक्ति तंबाकू के अन्य उत्पादों की ओर बढ़ता है। चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र की युवतियां भी तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के साथ अस्पताल पहुंच रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ परिवार और स्कूल स्तर पर भी बच्चों को इसके खतरों के बारे में लगातार जानकारी देना जरूरी है।

तंबाकू से बढ़ रहे कैंसर और अन्य गंभीर रोग

चिकित्सकों के अनुसार तंबाकू का सबसे बड़ा असर कैंसर के रूप में सामने आता है। ओरल कैंसर यानी मुंह का कैंसर भारत में सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। इसके अलावा फेफड़ों का कैंसर, गले का कैंसर, खाने की नली का कैंसर, पेट का कैंसर और रक्त से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां भी तंबाकू सेवन से जुड़ी हुई हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि तंबाकू सिर्फ कैंसर ही नहीं, बल्कि हृदय रोग, सांस की बीमारी, दमा और आंखों से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ाता है। वैश्विक स्तर पर हर साल लाखों लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है। भारत में गुटखा, खैनी, जर्दा और अन्य धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों का उपयोग भी बड़ी समस्या बना हुआ है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना भी है कि तंबाकू से दूरी बनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जितनी जल्दी इस आदत को छोड़ा जाए, स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को उतना ही कम किया जा सकता है।

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वैभव-वैभव के शोर के बीच दलीप ट्रॉफी फाइनल में 21 साल के बल्लेबाज का धमाल, डेब्यू पर काटा गदर

who is shikhar mohan: ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच जारी दलीप ट्रॉफी फाइनल में 21 साल के शिखर मोहन ने दमदार पारी खेलकर महफिल लूट ली. दलीप ट्रॉफी में अपना डेब्यू कर रहे इस युवा ने सेंचुरी जरूर मिस कर दी, लेकिन 120 गेंदों में 85 रन की पारी खेलकर ईस्ट जोन को मजबूत टोटल की ओर अग्रसर किया. उन्हें विराट सिंह की जगह इस खिताबी मैच के लिए प्लेइंग-11 का हिस्सा बनाया गया है. Sun, 6 Sep 2026 17:12:07 +0530

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