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'ओमारा बाय त्रेहन आइरिस' का महाघोटाला बेनकाब!, FIR के 22 दिन बाद भी कार्रवाई का इंतजार

'ओमारा बाय त्रेहन आइरिस' का महाघोटाला सामने आया है. FIR के 22 दिन बाद भी कार्रवाई का इंतजार है. ₹8.35 करोड़ से ज्यादा की रकम का मामला ने हड़कंप मचा दिया है. निवेशकों का आरोप- पैसे मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी के बाद अब निवेशक 'बड़े सबूत' को सामने करेंगे? 

सपनों का आशियाना या ठगी का महाजाल? जी हां..गुरुग्राम के पॉश रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘ओमारा बाय त्रेहन आइरिस’ को लेकर करोड़ों रुपये के निवेश और कथित धोखाधड़ी का मामला अब एक बार फिर सवालों के घेरे में है. निवेशकों ने करोड़ों रुपये लगाए. भारी-भरकम रिटर्न का सपना देखा, लेकिन आरोप है कि जब अपनी रकम वापस मांगी गई, तो मामला पैसे से निकलकर धमकी तक पहुंच गया.इस मामले में 13 अगस्त 2026 को गुरुग्राम सदर थाने में FIR नंबर 0494 दर्ज हुई. FIR में BNS की धारा 318(4) और 61 लगाई गई हैं.लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये  है कि FIR दर्ज हुए करीब 22 दिन बीत चुके हैं. इस मामले में अब तक आगे क्या कार्रवाई हुई?

FIR में शिकायतकर्ताओं ने अमरान दत्ता और Trehan Iris यानी T.S. Realtech Pvt. Ltd. के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, निवेशकों को कंपनी के प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने और बाद में प्रीमियम के साथ रकम वापस मिलने का भरोसा दिया गया था. FIR में चार निवेशकों की रकम का जिक्र है, जो कुल मिलाकर 8 करोड़ 35 लाख 5 हजार रुपये बैठती है. 

8.35 करोड़ से ज्यादा की रकम का फ्रॉड! 

अभिषेक कुमार गुप्ता - ₹50 लाख
सुवेंदु बनर्जी- ₹2.30 करोड़ 5 हजार
संकेत कपाड़िया - ₹3.85 करोड़
मोहित कुमार - ₹70 लाख
कुल रकम - ₹8.35 करोड़ 5 हजार


निवेशकों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें कथित तौर पर धमकियां दी गईं. FIR में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मरवाने तक की धमकी दी गई. मामला इतना गंभीर था कि शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की.

22 दिन का वक्त गुजर चुका है

FIR की कॉपी के मुताबिक पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद SI अनिल कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी. साथ ही FIR में यह भी दर्ज है कि मामले की मूल दरखास्त और संबंधित दस्तावेज आगे की कार्रवाई के लिए EOW-1 गुरुग्राम भेजे जाएंगे. लेकिन अब करीब 22 दिन का वक्त गुजर चुका है. निवेशकों की तरफ से सवाल उठाया  जा रहा है कि आखिर इस मामले में जांच कितनी आगे बढ़ी? क्या आरोपियों से पूछताछ हुई? क्या पैसों के लेन-देन की जांच शुरू हुई? क्या बैंक ट्रांजैक्शन, कथित दस्तावेजों और कंपनी से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए? और सबसे बड़ा सवाल, क्या निवेशकों को उनकी रकम वापस मिलने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया?

सबूतों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है

वहीं इस पूरे मामले में अब एक और बड़ा दावा सामने आया है. निवेशकों का कहना है कि उनके पास कुछ ऐसे दस्तावेज और सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे जल्द सार्वजनिक करने की तैयारी में हैं. इन निवेशकों का दावा है कि अगर ये सबूत सामने आते हैं, तो Trehan Group से जुड़े पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है. हालांकि इन कथित सबूतों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है. लेकिन अगर निवेशकों के दावे सही साबित होते हैं, तो आने वाले दिनों में यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है.

 

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‘कचरापुर’ बना कानपुर सफाई व्यवस्था से नाराज व्यापारियों ने सड़क पर किया चक्का जाम, मेयर और नगर आयुक्त की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर अपनी बदहाल सफाई व्यवस्था के चलते इन दिनों ‘कचरापुर’ जैसे नामों से चर्चा में आ गया है। शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, टूटी सड़कें, जलभराव और चोक सीवर से परेशान होकर आखिरकार व्यापारी और आम जनता सड़कों पर उतर आए हैं। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने …

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  Sports

BCCI का Cricket Expansion प्लान: Japan में पहली बार भिड़ेंगे दोनों देश, 75 साल की दोस्ती का ऐतिहासिक क्षण

भारत और जापान के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर क्रिकेट के मैदान पर एक ऐतिहासिक मुकाबला देखने को मिलेगा। बीसीसीआई ने घोषणा की है कि दोनों देशों की पुरुष क्रिकेट टीमें पहली बार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में आमने-सामने उतरेंगी। यह एकमात्र बीस ओवर का अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 22 सितंबर को जापान के तोचिगी प्रांत स्थित सानो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान में खेला जाएगा।

बता दें कि यह मुकाबला केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण और कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के समारोह का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच क्रिकेट का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होने के कारण इसे खास माना जा रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह आयोजन खेल के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ाने की व्यापक पहल से जुड़ा है। भारत द्वारा वर्ष 2036 के ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की महत्वाकांक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पहल को खेल सहयोग के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

यह पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान बने व्यापक सहयोग के विचार से आगे बढ़ी है। इसके तहत भारत और जापान खेल के क्षेत्र में आपसी संपर्क, खिलाड़ियों के आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। दोनों देशों के बीच खेल आधारित इस कार्यक्रम को “खेल 75” पहल की शुरुआती कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले को क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है। उनके अनुसार, भारतीय और जापानी पुरुष टीमों का जापान में विशेष मुकाबले के लिए एक साथ आना ऐतिहासिक क्षण है। इससे भारतीय टीम को एक नए क्रिकेट क्षेत्र में खेलने का मौका मिलेगा और जापान के साथ-साथ पूर्वी एशिया के अन्य हिस्सों में भी क्रिकेट को नए दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

देवजीत सैकिया ने कहा कि भारत और जापान के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर क्रिकेट का जुड़ना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने इस मुकाबले को संभव बनाने में जापान क्रिकेट संघ के प्रयासों की भी सराहना की है।

गौरतलब है कि बीसीसीआई लंबे समय से क्रिकेट के विस्तार को पारंपरिक क्रिकेट देशों तक सीमित न रखने की बात करता रहा है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट संगठनों में शामिल होने के नाते भारतीय बोर्ड का मानना है कि खेल को नए देशों और नए दर्शकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उसकी है। बोर्ड ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में जापान क्रिकेट संघ के साथ मिलकर वहां क्रिकेट को मजबूत करने के लिए काम करेगा।

जापान क्रिकेट संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाओकी मियाजी ने भी भारतीय टीम के आगमन को अपने देश के क्रिकेट इतिहास का बड़ा अवसर बताया है। उनके अनुसार, मौजूदा विश्व विजेता भारतीय टीम का जापान आना जापानी क्रिकेट के लिए यादगार क्षण होगा। उन्होंने कहा कि यह मुकाबला स्थानीय लोगों को क्रिकेट को करीब से समझने और इस खेल से जुड़ने का अवसर देगा।

जापान में क्रिकेट अभी उतना लोकप्रिय नहीं है जितना बेसबॉल, फुटबॉल या अन्य खेल हैं, लेकिन वहां इस खेल को विकसित करने की कोशिश लगातार की जा रही है। भारतीय टीम की मौजूदगी से जापान में क्रिकेट को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग और क्रिकेट फैंस भी इस मुकाबले को देखने पहुंच सकते हैं।

कुल मिलाकर 22 सितंबर का यह मुकाबला केवल जीत और हार तक सीमित नहीं रहेगा। यह भारत और जापान के बीच 75 वर्षों की साझेदारी, दोस्ती और आपसी सहयोग का प्रतीक भी बनेगा। साथ ही यह क्रिकेट को नए देशों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और दोनों देशों के खेल संबंधों के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही हैं।
Fri, 04 Sep 2026 19:54:00 +0530

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