चम्पावत में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की होगी स्थापना
चम्पावत जनपद में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है. रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर चम्पावत में ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) पॉलीक्लिनिक स्थापित किए जाने के प्रस्ताव पर उचित विचार किए जाने की जानकारी दी है. इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूर्व में चम्पावत में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक स्थापित किए जाने का अनुरोध किया गया था.
प्रस्ताव पर उचित विचार किया जाएगा
रक्षा मंत्री ने बताया कि इस मामले की जांच कराई गई है. उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के केंद्रीय संगठन को चम्पावत, उत्तराखंड में भूतपूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ‘टाइप डी’ पॉलीक्लिनिक की स्थापना का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है. इस प्रस्ताव पर उचित विचार किया जाएगा.
स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद जगी
पूर्व सैनिकों को स्थानीय स्तर पर मिले सकेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा चम्पावत सहित सीमांत क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिवार निवास करते हैं. ऐसे में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की स्थापना होने पर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों की ओर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय की ओर से सकारात्मक रुख सामने आने से क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद जगी है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह विषय केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा था. रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव पर उचित विचार किए जाने का आश्वासन मिलने से अब चम्पावत में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की स्थापना की दिशा में आगे की कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है.
DJ और लेजर लाइट पर नीति बनाए Maharashtra सरकार, Sanjay Raut ने साधा निशाना
मुंबई, चार सितंबर शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार को त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले उपकरणों और लेजर लाइट के इस्तेमाल को लेकर नीति बनानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस में इस मुद्दे पर कार्रवाई करने का साहस नहीं है। पुणे में तेज आवाज वाले उपकरणों का विरोध करने वाले एक कार्यकर्ता पर हमले के बाद राज्य सरकार की आलोचना करते हुए राउत ने कहा कि केवल कुछ शहरों में अलग-अलग प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं है क्योंकि यह मुद्दा लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “गृह विभाग का किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई स्पष्ट रुख नहीं है।” विद्यानंद बापट त्योहारों के दौरान ‘डीजे’ और तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं और गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। बृहस्पतिवार को पुणे के तिलक रोड पर एक टीवी समाचार चैनल से बात करते समय उन पर हमला किया गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और पुलिस ने कथित हमलावर को हिरासत में ले लिया।
नागपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को आगामी त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले उपकरणों व लेजर लाइट के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। राउत ने कहा, “यह नीतिगत फैसला है और यह केवल एक शहर के लिए नहीं लिया जा सकता... चाहे डीजे का इस्तेमाल हो या लेजर लाइट का, ये लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। गृह मंत्री में इस मुद्दे पर नीतिगत फैसला लेने का साहस नहीं है।” मुख्यमंत्री फडणवीस के पास गृह विभाग भी है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि पुणे में गणेश उत्सव के दौरान डीजे सिस्टम के इस्तेमाल का विरोध करने के लिए हजारों लोग जमा हुए थे और नागपुर तथा अन्य शहरों में भी ऐसी मांगें उठाई गई थीं।
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