महाराष्ट्र में प्राइवेट अस्पताल में आग, 9 नवजात भर्ती थे:धुआं भरे वार्ड से नवजातों को निकाला, सभी सुरक्षित; एसी से निकला था धुआं
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को एक प्राइवेट अस्पताल के NICU (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट)) में आग लग गई। घटना के समय वार्ड में 9 नवजात भर्ती थे। अस्पताल प्रशासन ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया। घटना शहर के जालना रोड इलाके में स्थित एशियन अस्पताल में हुई। अस्पताल चलाने वाले डॉ. शोएब हाशमी के मुताबिक, स्टाफ ने एसी यूनिट से धुआं निकलते देखा था। इसके बाद अस्पताल की टीम ने तुरंत भर्ती सभी 9 नवजातों को बाहर निकाल लिया। सभी नवजात सुरक्षित हैं। पूरी घटना सिलसिलेवार तरीके से 6 तस्वीरों में देखें… नवजातों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया डॉक्टर ने बताया कि नवजातों को उनके परिजनों की सहमति से दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। अस्पताल की टीम ने आग पर तुरंत काबू पा लिया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अस्पताल की सफाई कर दी गई है और अब वहां सामान्य रूप से काम चल रहा है। इससे करीब 10 दिन पहले महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल के NICU में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में 3 नवजातों की मौत हो गई थी, जबकि 36 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे। ----------- ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र में सरकारी अस्पताल में आग, 3 बच्चों की मौत:36 को बचाया; परिजन बोले- गार्ड-नर्स सबसे पहले पहुंचे, धुआं भरे वार्ड से नवजातों को निकाला महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल के NICU में सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे आग लग गई। तीसरी मंजिल पर स्थित इस चाइल्ड केयर यूनिट में उस समय 39 नवजात भर्ती थे। इनमें 3 नवजातों की मौत हो गई। 36 को बचाया गया। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु में डॉग ने महिला को यौन उत्पीड़न से बचाया...VIDEO:मेंटली डिस्टर्ब थी, जबरदस्ती की कोशिश कर रहा था युवक, कुत्तों ने पीछा कर भगाया
तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्ट्रीट डॉग्स ने सड़क किनारे बैठी एक महिला को यौन उत्पीड़न की कोशिश से बचा लिया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना अशोकापुरम इलाके में रेलवे ओवरब्रिज के पास गुरुवार देर रात हुई। इलाके में अक्सर रहने वाली मानसिक रूप से एक बीमार महिला सड़क किनारे बैठी थी, तभी नशे में धुत एक युवक उसके पास आया। युवक ने महिला से पूछा कि क्या ये कुत्ते उसके हैं। महिला ने कुछ जवाब दिया तो युवक ने कुते पर पत्थर फेंका। कुत्ते कुछ कदम पीछे हट गए, लेकिन वहीं रुके रहे। इसके बाद युवक ने महिला के साथ यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। महिला मदद के लिए चिल्लाने लगी, तो एक डॉग उस पर झपट पड़ा। आरोपी जान बचाकर भागा। इसके बाद भी डॉग ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और दूर तक खदेड़ दिया।
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