दमोह स्टेशन पर देर रात दो पक्ष भिड़े, यात्रियों में मची भगदड़, RPF-GRP को नहीं लगी भनक
दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर रात करीब 10:50 बजे दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। प्लेटफार्म यात्रियों से भरा था और अचानक हुए विवाद से वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
हैरानी की बात यह है कि जिस जगह मारपीट हुई, उसके एक तरफ RPF थाना और दूसरी तरफ GRP की चौकी है। इसके बावजूद घटना के दौरान दोनों सुरक्षा एजेंसियों के जवान मौके पर नजर नहीं आए। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भिड़े दो पक्ष
मामला दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 का है। रात करीब 10 बजकर 50 मिनट पर दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। सामने आए वीडियो में कई लोग एक-दूसरे से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
एक व्यक्ति जमीन पर पड़ा नजर आ रहा है। प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों के बीच भी डर का माहौल बन गया और कई लोग वहां से हटते दिखाई दिए। काफी देर तक चले हंगामे के बाद वहां मौजूद लोगों ने ही बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
RPF और GRP चौकी के पास हुई घटना
दमोह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी RPF और GRP की होती है। खासकर रात के समय प्लेटफार्म पर सुरक्षा के लिए जवानों की पेट्रोलिंग की व्यवस्था रहती है। लेकिन इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि RPF थाना और GRP चौकी के इतने करीब मारपीट होती रही और जिम्मेदार कर्मचारियों को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई। अगर विवाद और बढ़ जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के दौरान प्लेटफार्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे, जिससे किसी दूसरे यात्री के घायल होने का खतरा भी बना हुआ था।
प्लेटफार्म पर CCTV कैमरे, फिर भी निगरानी पर सवाल
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। रेलवे की ओर से इन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी किए जाने की बात कही जाती है। ऐसे में प्लेटफार्म नंबर-1 पर काफी देर तक चले इस हंगामे ने CCTV मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर कैमरों की लगातार निगरानी हो रही थी तो मारपीट की जानकारी तुरंत सुरक्षा कर्मचारियों तक पहुंचनी चाहिए थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि रात के समय प्लेटफार्म की सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में कितनी सक्रिय रहती है।
यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल, जांच की जरूरत
रेलवे स्टेशन को आमतौर पर यात्रियों के लिए सुरक्षित जगह माना जाता है, लेकिन दमोह की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की ओर इशारा करती है। प्लेटफार्म पर यात्रियों के सामने मारपीट होना और सुरक्षा बलों का समय पर मौके पर नहीं पहुंचना गंभीर विषय है। अब जरूरत है कि घटना के वीडियो और CCTV फुटेज की जांच कर यह पता लगाया जाए कि विवाद शुरू होने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों को इसकी जानकारी कब मिली और मौके पर पहुंचने में देरी क्यों हुई। रात के समय प्लेटफार्म पर गश्त और CCTV निगरानी को और मजबूत करना यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट
CJP से निकाले गए प्रवक्ता को मिली धमकी,VIDEO:विजेता बोले-दिल्ली में कॉलर पकड़ धमकाया ‘टुकड़े-टुकड़े कर देंगे’; 24 घंटे में माफी मांगने को कहा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता विजेता दहिया ने बड़ा दावा किया है। दहिया ने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें पॉडकास्ट के बहाने दिल्ली के जाफराबाद में बुलाया। वहां कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और सोशल मीडिया पर उनके भगवान व धर्म से जुड़े कंटेंट को लेकर सवाल-जवाब किए। विरोध करने पर कॉलर पकड़कर 'टुकड़े-टुकड़े करने' की धमकी दी गई। साथ ही 24 घंटे में हाथ जोड़कर माफी मांगने का वीडियो डालने का दबाव बनाया गया। घटना के बाद 3 सितंबर शाम को दहिया ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी किया। जिसमें कहा-मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं। मेरे अपने ऊपर हमले की चल रही अफवाहों को भी खारिज करता हूं। अपने साथ हुए घटनाक्रम के संबंध में 31 अगस्त को बेगमपुर थाने में शिकायत दी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में दहिया ने बताया कि पुलिस को शिकायत देने के बाद भी उनके पास 1 व 2 सितंबर को धमकी भरे वॉयस नोट आए। जिसको लेकर 2 सितंबर को फिर पुलिस को शिकायत दी। दहिया मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के हैं। जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान बर्गर खाने का वीडियो सामने आने के बाद प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था। जानिये…दहिया ने वीडियो में क्या बातें कहीं… प्रिंस का जवाबी वीडियो-भगवान को गाली देता है विजेता दहिया के वीडियो जारी कर आपबीती बताने के कुछ घंटे बाद ही प्रिंस गौर नाम के अकाउंट से जवाबी वीडियो जारी हुआ। जिसमें उसने पूरी घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा-मैंने उसे समझाया था कि तू भगवान को गाली मत दे, लेकिन वो नहीं माना और अब जो शुरू तूने किया था उस पर पूर्णविराम हम लगाएंगें। और ऐसा लगाएं कि एक एग्जांपल सेट हो जाएगा। इससे पहले प्रिंस की ओर से विजेता दहिया को 1 व 2 सितंबर को 4 वॉयस नोट भेजे गए। जिनमें घर से उठाने लेने की धमकी समेत गाली-गलौज किया गया। एक वॉयस नोट में सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल का जिक्र लेते हुए कहा-हमने रामपाल को 17 बार समझाया था, लेकिन वो नहीं माना। फिर उसके साथ जो किया उसकी बात पूरा इंस्टाग्राम कर रहा है। जानिए कौन हैं…विजेता दहिया जो CJP के 48 दिन प्रवक्ता रहे सोनीपत निवासी विजेता दहिया ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया है। यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ करीब 5 साल तक रिसर्चर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर काम किया। दो हरियाणवी फिल्मों ओपरी-पराई और दरारें से भी जुड़े रहे। दो किताबें लिख चुके हैं- Power of Universe और To Hell With That Job। उनकी हिंदी किताब 'भाड़ में जाए नौकरी' में करियर से जुड़े अनुभवों, संघर्ष और जीवन में लिए गए फैसलों का जिक्र है। इंस्टा पर 3.75 लाख फॉलोअर्स हैं। विजेता को 3 जून 2026 में CJP का आधिकारिक प्रवक्ता बनाया था। पार्टी की ओर से मीडिया में पक्ष रखने और विभिन्न आंदोलनों में संगठन का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई। हालांकि, दिल्ली में संसद मार्च के दौरान मेट्रो और कार में बर्गर खाते हुए उनके वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी ने उन्हें असंवेदनशील व्यवहार का हवाला देते हुए 21 जुलाई को पद से हटा दिया था। यानी कुल 48 दिन प्रवक्ता पद पर रहे।
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