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IPS Transfer : हरियाणा में 29 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के एसपी बदले, यहां देखें पूरी लिस्ट

हरियाणा सरकार ने बड़े पैमाने पर आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। गृह विभाग ने 29 आईपीएस और एक एचपीएस अधिकारी समेत कुल 30 पुलिस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं।

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल (IAS) द्वारा 3 सितंबर 2026 को जारी इस आधिकारिक सूची के अनुसार, कई जिलों के एसपी (SP), डीसीपी (DCP) और सहायक पुलिस अधीक्षकों (ASP) को तुरंत प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

सूची के मुताबिक, सुश्री पूजा डाबला (HPS) को एसपी, ERSS(H) पंचकुला से एसपी, RTC, भोंडसी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें कमांडेंट 1st IRB, भोंडसी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे पहले हरियाणा सरकार ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से 6 आईएएस और 6 एचसीएस अधिकारियों के तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी किए थे।

हरियाणा आईपीएस तबादला सूची

  • अमिताभ सिंह ढिल्लों (IPS 1997):ADGP/आधुनिकीकरण और कल्याण (पंचकुला) । ADGP/ERSS और ADGP/यातायात एवं राजमार्ग का भी अतिरिक्त प्रभार ।
  • विकास अरोड़ा (IPS 1998): ADGP/प्रशासन, PHQ (पंचकुला)। ADGP/साइबर, टेलीकॉम एवं आईटी और निदेशक SCRB का भी अतिरिक्त प्रभार ।
  • अश्विन (IPS 2006): केंद्र सरकार (GOI) से वापसी के बाद IGP, करनाल रेंज (करनाल) । IGP, HAP, मधुबन का भी अतिरिक्त प्रभार ।
  • अशोक कुमार (IPS 2006): IGP, करनाल रेंज से IGP, PTC सुनारिया।
  • लोकेंद्र सिंह (IPS 2014): SP (ATS) से SP/सुरक्षा, CID-1 के पद। SP (ATS) का भी अतिरिक्त प्रभार। SP, कमांडो (नेवल)
  • सुश्री उपासना (IPS 2017): SP/CID , एसपी एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) का भी अतिरिक्त प्रभार।
  • वरुण सिंगला (IPS 2017): SP/CID, एसपी एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) का भी अतिरिक्त प्रभार ।
  • राजेश कुमार (IPS 2014): SP/कम्युनिटी पुलिसिंग और आउटरीच एवं स्क्रूटनी, गुरुग्राम ।
  • भूपिंदर सिंह (IPS 2014): SP, पानीपत से SP, सुरक्षा, CID ।
  • सुमित कुमार (IPS 2014): SP, भिवानी से SP/STF ।
  • नरेंद्र बिजारनिया (IPS 2015): SP, करनाल को SP, STF ।
  • नितिश अग्रवाल (IPS 2017): SP, पलवल को DCP, अपराध, गुरुग्राम।
  • सुश्री मेधा भूषण (IPS 2019): DCP, ईस्ट, सोनीपत से SP, पलवल।
  •  हरीश जैन (IPS 2021): पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हरीश जैन को एसपी, टेलीकॉम (H) एवं आईटी और एसपी, कम्युनिटी पुलिसिंग एंड सोशल आउटरीच, पंचकुला।
  • सुश्री फ़्राबिना पी (IPS 2020): डीसीपी, मानेसर (4th IRB, मानेसर के कमांडेंट के अतिरिक्त प्रभार के साथ) को एसपी, नारनौल ।
  •  फैसल खान (IPS 2022): अतिरिक्त एसपी, नारनौल से डीसीपी, झज्जर नियुक्त किया गया है।
  • आयुष यादव (IPS 2022): अतिरिक्त एसपी, रोहतक को डीसीपी ईस्ट, सोनीपत ।एसपी, HSNCB(H) का अतिरिक्त प्रभार ।
  • वाई.वी.आर. शशि शेखर (IPS 2022): अतिरिक्त एसपी, नूंह को डीसीपी, वेस्ट गुरुग्राम
  • विजय कुमार (IPS): एसपी/एसवी एवं एसीबी (H) को कमांडेंट 2nd IRB, भोंडसी
  • करण गोयल (IPS): डीसीपी, वेस्ट गुरुग्राम को एसपी, करनाल, अन्य नामों की सूची नीचे दी गई है।

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यह पत्र नहीं, प्रश्नपत्र है: जीतू पटवारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव से MP के स्कूलों को लेकर किए सवाल

मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी और बच्चों के स्कूल से दूर होने के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने ने पत्र को सामान्य पत्र न बताते हुए ‘प्रश्न-पत्र’ करार दिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से कई सवालों के जवाब मांगे हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कितने बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि बच्चे स्कूल तक पहुंच क्यों नहीं पा रहे हैं और सरकारी स्कूल उनके घरों से दूर क्यों होते जा रहे हैं। उन्होंने स्कूलों के बंद होने और दूसरे स्कूलों में विलय को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए।

2,426 स्कूल कम होने पर मांगा जवाब

जीतू पटवारी ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि 2024-25 में मध्यप्रदेश में 1,22,120 स्कूल थे, जबकि 2025-26 में इनकी संख्या घटकर 1,19,694 रह गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि एक साल में कम हुए 2,426 स्कूलों में कितने स्कूल बंद हुए, कितने दूसरे स्कूलों में मर्ज किए गए और किन प्रशासनिक आदेशों के तहत यह निर्णय लिया गया।

उन्होंने जिला, विकासखंड और स्कूल स्तर पर इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही पूछा है कि जिन स्कूलों का विलय किया गया, वहां पढ़ने वाले बच्चों को अब नए स्कूल तक पहुंचने के लिए पहले की तुलना में कितनी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

गरीब और ग्रामीण बच्चों पर असर का सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि स्कूलों के विलय का सबसे अधिक असर गरीब, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों पर पड़ सकता है, जहां सरकारी स्कूल ही शिक्षा का सबसे सुलभ माध्यम हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि बंद या मर्ज किए गए स्कूलों के बच्चों के लिए बस, साइकिल, परिवहन या सुरक्षित आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था कितने स्कूलों में की गई है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि कितने बच्चों ने स्कूल इसलिए छोड़ा क्योंकि नया स्कूल उनके घर से इतना दूर हो गया कि परिवार के लिए उन्हें रोज वहां भेजना आर्थिक या सुरक्षा की दृष्टि से संभव नहीं रहा।

नामांकन और ड्रॉपआउट के आंकड़ों पर भी सवाल

जीतू पटवारी ने पत्र में यूडीआईएसई+ के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए सरकार से स्कूल से बाहर बच्चों और ड्रॉपआउट के आंकड़ों को स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने पूछा कि ‘स्कूल से बाहर’, ‘ड्रॉपआउट’, दूसरे स्कूल में स्थानांतरित और यूडीआईएसई+ में दर्ज नहीं हो पाए बच्चों की अलग-अलग संख्या कितनी है।

उन्होंने 15 लाख बच्चों के पढ़ाई से दूर होने के दावे पर भी सरकार से प्रमाणित प्रशासनिक रिकॉर्ड और जिलावार सूची सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही पूछा कि यदि यह आंकड़ा प्रमाणित नहीं है तो सरकार वास्तविक संख्या सामने क्यों नहीं रखती। कांग्रेस नेता ने ने माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट को लेकर भी सवाल किया।

शिक्षकों की तैनाती पर जवाब मांगा

जीतू पटवारी ने स्कूलों की संख्या घटने और शिक्षकों की संख्या बढ़ने के बीच के अंतर को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पत्र में कहा कि 2024-25 में शिक्षकों की संख्या 6,82,492 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 6,92,820 हो गई। ऐसे में उन्होंने पूछा कि लगभग 2,426 स्कूल कम होने के बावजूद बढ़े हुए शिक्षकों की तैनाती कहां और किस आधार पर की गई।

उन्होंने बंद या मर्ज किए गए स्कूलों के भवन, जमीन, फर्नीचर, प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। साथ ही यह जानना चाहा कि स्कूल बंद करने से सरकार को कितनी वास्तविक बचत हुई और बच्चों की शिक्षा तक पहुंच पर पड़े सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव का कितना आकलन किया गया।

अगले तीन साल स्कूल बंद नहीं करने की मांग

पत्र के अंत में जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल किया कि क्या सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अगले तीन वर्षों में ऐसा कोई सरकारी स्कूल बंद या मर्ज नहीं किया जाएगा, जिसके कारण बच्चों को पहले से अधिक दूरी तय करनी पड़े।उन्होंने हर बंद या मर्ज स्कूल का सार्वजनिक सामाजिक ऑडिट कराने की मांग भी की ताकि यह पता चल सके कि निर्णय के बाद संबंधित स्कूल के बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की स्थिति क्या रही। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था का लक्ष्य हर बच्चे को स्कूल में लाना और 12वीं तक बनाए रखना है तो स्कूलों की संख्या घटाना, बच्चों की दूरी बढ़ाना और बाद में स्कूल से बाहर होने के लिए परिवारों को जिम्मेदार ठहराना शिक्षा नीति नहीं बल्कि जिम्मेदारी से बचने का तरीका है।

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  Sports

मेरा कोई लेना-देना नहीं... पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल पर अब माइक हेसन ने तोड़ी चुप्पी, सीनियर प्लेयर को टीम के निकाले जाने पर दिया जवाब

इंग्लैंड दौरे पर गई पाकिस्तान टीम में चल रहे उथल-पुथल पर अंतरिम टेस्ट कोच माइक हेसन ने पहली बार पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. माइक हेसन ने इस पूरे मामले से साफ तौर पर खुद को अलग बताया. उन्होंने कहा कि टीम में जिन सीनियर खिलाड़ियों को बर्खास्त किया गया उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है. Sat, 5 Sep 2026 07:04:16 +0530

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