इसे खा लिया तो यह जहर बन जाएगा लेकिन इससे बनती है दवा
धतूरा ऐसा पौधा है जिसे खाने पर यह जहर बन जाता है लेकिन जब आप इसे खास तरह की बीमारी में पीसकर स्किन में लगाते हैं तो यह औषधि बन जाती है. बेतिया के अनुभवी आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि धतूरा वास्तव में एक अत्यधिक विषैला पौधा है, जिसमें एट्रोपीन और हायोसिन जैसे हानिकारक तत्व पाए जाते हैं. यदि कोई इंसान गलती से भी इसे निगल ले, तो यह मतिभ्रम, उल्टी और हृदय गति बढ़ने जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है. हालांकि आयुर्वेद में इसे सीधे खाने की सख्त मनाही है, लेकिन बाहरी उपयोग के लिए यह अमृत समान है. इसके बीज, पत्तियों और फूलों के रस को सरसों या तिल के तेल में लहसुन, हींग और काली हल्दी के साथ पकाकर अर्क निकाला जाता है. इस तेल का बाहरी प्रयोग गठिया, साइटिका, कान दर्द, पैरों की सूजन और सर्दियों के बदन दर्द में राहत देता है. अतः धतूरे को उखाड़कर फेंकने के बजाय इसके सही और सुरक्षित बाहरी इस्तेमाल की जानकारी होना बेहद जरूरी है.
क्रिकेट इतिहास में किसके पास है 'लंबू जी' और 'टिंगू जी' का खिताब, किसने उठाया 'कद' का फायदा और किसको हुआ नुकसान?
cricket records: क्रूगर वैन विक और मोहम्मद इरफान, क्रिकेट इतिहास के दो ऐसे पन्ने हैं जो इस खेल की विविधता को दर्शाते हैं. जहाँ वैन विक ने अपनी छोटी लंबाई को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, वहीं इरफान ने अपने असाधारण कद का फायदा उठाकर दुनिया भर के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया यही कारण है कि क्रिकेट को अनिश्चितताओं और विविधताओं का सबसे खूबसूरत खेल कहा जाता है
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18








