Responsive Scrollable Menu

Nepal Flood Death Count Updates | मृतकों की संख्या 1,250 के पार, 5,000 से अधिक लापता परिवारों ने शुरू किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार

नेपाल में 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बे और गांव इस आपदा से पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। जलप्रलय के इतने दिनों बाद भी अपनों का कोई सुराग न मिलने से निराश परिवारों ने अब कुशा घास के पुतलों के जरिए उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस भीषण आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है।नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,259 हो गई है, जबकि 5,083 लोग अभी भी लापता हैं। समाचार पोर्टल ऑनलाइनखबर की बृहस्पतिवार की रिपोर्ट के अनुसार, रसुवा जिले के पहरेबेसी गांव में निवासियों ने आठ दिनों तक अपने लापता रिश्तेदारों का कोई सुराग न मिलने पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इसे भी पढ़ें: Delhi Cantt में Thar की टक्कर से NDMC कर्मचारी दंपत्ति की मौत, चालक अरेस्ट

द काठमांडू पोस्ट अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अपने रिश्तेदारों के जीवित मिलने की उम्मीद कम होने के बीच बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में परिवारों उनका प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार करने के लिए कुशा घास से बने पुतलों का उपयोग करना शुरू कर दिया है जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। कुशा घास एक प्रकार की पवित्र घास जिसका उपयोग हिंदू संस्कारों में किया जाता है। अखबार के मुताबिक, परिवारों ने कहा कि वे प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार का सहारा ले रहे हैं क्योंकि सभी लापता लोगों के मिलने की बहुत कम उम्मीद है और शवों की पहचान करना भी लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग की तकनीशियन सरस्वती बिष्टा ने बताया कि बृहस्पतिवार को भोटेकोशी नदी के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के साथ-साथ रसुवा और नुवाकोट जिलों से होकर बहने वाली छोटी नदियों और जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। उन्होंने आसपास के इलाकों और नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

इसे भी पढ़ें: Nepal Flood में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1259 पहुंचा, 5000 से अधिक लोग लापता

उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों सहित विभिन्न जिलों में नदियों में अचानक बाढ़ आने का मध्यम स्तर का खतरा बना हुआ है। इनमें तापलेजुंग, पांचथर, तेहरथुम, धनकुटा, संखुवासभा, ओखलढुंगा, उदयपुर, चितवन, गोरखा, तनहूं, लमजुंग, मनांग, मुस्तांग, म्याग्दी, कास्की, स्यांगजा, काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के कालिकोट, हुमला, जुम्ला, दैलेख, दार्चुला, बैतड़ी और कालिकोट जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे अचानक बाढ़ आने का कुछ खतरा पैदा हो गया है।

नेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चितवन जिले से 355 शव, नवलपरासी पूर्व से 218 शव, नवलपरासी पश्चिम से 212 शव बरामद किए गए हैं। नवलपरासी पश्चिम से बरामद शवों में भारत से मिले और बाद में नवलपरासी पश्चिम को सौंपे गए 18 शव भी शामिल हैं। इसके अलावा नुवाकोट से 177 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह रसुवा जिले से 127 शव, गोरखा से 72, धादिंग से 60 और तनहूं से 38 शव बरामद किए गए हैं।

इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को देश में व्यापक तबाही मचाने वाली इस भारी बाढ़ को हिमालयी सुनामी करार दिया और इस कठिन समय में समर्थन व एकजुटता के लिए पड़ोसी देशों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का धन्यवाद किया। खनाल की यह टिप्पणी एक निजी टेलीविजन चैनल को दिए गए उस साक्षात्कार के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने चीन, अमेरिका और भारत को दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जक बताते हुए कहा था कि नेपाल जैसे संवेदनशील देशों को मुआवजा देने की उनकी ऐतिहासिक जिम्मेदारी है।

पड़ोसी देशों, मित्र राष्ट्रों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ घनिष्ठ सहयोग और साझेदारी जारी रखेगा। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सहायता लगातार मिलने के बीच, नेपाल के स्कूली बच्चे भी प्रधानमंत्री राहत कोष में अपनी जेब खर्च का कुछ हिस्सा दान करके अपना योगदान दे रहे हैं।

नेपाल के विभिन्न स्कूलों के बच्चे बाढ़ से प्रभावित लोगों के कल्याण के लिए स्वेच्छा से अपने नाश्ते या जेब के पैसे दान कर रहे हैं। इस बीच, नेपाल सेना के नेतृत्व में संयुक्त बचाव दलों ने बृहस्पतिवार को आपदा के नौवें दिन भी अपना खोज और बचाव अभियान जारी रखा। ‘काठमांडू पोस्ट’ अखबार के अनुसार, बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट की घाटियों का भू-दृश्य पूरी तरह बदल दिया है। नदी के किनारे और पहले से पहचाने जाने वाले स्थल गायब हो जाने के कारण हेलीकॉप्टर के पायलटों को दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में उड़ान भरते समय अपने अनुभव, अनुशासन और विवेक पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

भारत का सुरंग बचाव दल चिलिमे पावर हाउस में बचाव अभियान चलाने के लिए नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारतीय दूत ने बृहस्पतिवार को भारतीय टनल बचाव दल के आधार शिविर स्याब्रूबेसी का दौरा किया और कहा कि स्थितियां कठिन होने के बावजूद भारतीय और नेपाली दल बिना डरे अपना काम जारी रखेंगे। दूत ने बताया कि भारतीय और नेपाली दलों ने विशेष उपकरणों का उपयोग करके सुरंग के अंदर 100 मीटर तक का जायजा ले लिया है और वे सुरंग में और आगे बढ़ने के लिए भारी उपकरण लाने की योजना बना रहे हैं।

इस बीच, गृह मंत्रालय द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक बयान के अनुसार, चीन ने 26 अगस्त को रसुवा में आई अचानक बाढ़ के बाद तिब्बत में फंसे 114 नेपाली नागरिकों को बचा लिया है और तातोपानी सीमा के रास्ते उनकी नेपाल में सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की है। उन्हें काठमांडू लाया जाएगा और फिर नेपाली अधिकारियों द्वारा उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।

गृह मंत्रालय के अनुसार, 2,500 नेपाली नागरिक पहले ही तिब्बत से नेपाल लौट चुके हैं, जबकि 1,400 लोग अभी भी स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहे हैं। एक अन्य घटनाक्रम में, चीन के एक वरिष्ठ जलवायु अधिकारी ने चेतावनी दी है कि तिब्बती पठार पर हिमनद अधिक अस्थिर हो सकते हैं, जिससे पिछले सप्ताह की तिब्बत-नेपाल सीमा जैसी घातक बाढ़ और अन्य आपदाएं आ सकती हैं।

Continue reading on the app

BJP MLA Jayant Malaiya Viral Video: ‘गरीबों का पैसा खा रहे नेता और अधिकारी’… बीजेपी विधायक के बयान से मचा घमासान, वायरल हो रहा वीडियो

BJP MLA Jayant Malaiya Viral Video: 'गरीबों का पैसा खा रहे नेता और अधिकारी'... बीजेपी विधायक के बयान से मचा घमासान, वायरल हो रहा वीडियो

Continue reading on the app

  Sports

Dasun Shanaka: 39 गेंद का धमाका, दासुन शनाका ने तोड़ा आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड, ठोकी CPL की सबसे तेज सेंचुरी

Caribbean premier league record: श्रीलंका के पूर्व कप्तान और दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार दासुन शनाका ने 39 गेंद में शतक जड़ते हुए कैरेबियन प्रीमियर लीग का नया रिकॉर्ड बना दिया. शनाका ने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने साल 2018 में 40 गेंद में शतक बनाया था. Fri, 4 Sep 2026 07:59:41 +0530

  Videos
See all

Abhishek Sharma ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं #KrishnaJanmashtami #Janmashtami2026 #cricket #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-04T03:15:47+00:00

ISRO की बड़ी कामयाबी, EOS 05 सही कक्षा में स्थापित | #shorts #shortvideo #viralvideo #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-04T03:11:27+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers