मेंटल हेल्थ- बॉयफ्रेंड ने बिना कारण बताए ब्रेकअप कर लिया:तब से डिप्रेशन में हूं, उसे भूल नहीं पा रही, जिंदगी में आगे कैसे बढूं
सवाल- मैं 27 साल की हूं। करीब तीन साल से मेरा एक बॉयफ्रेंड था। पिछले साल उसने अचानक कहा कि उसे इस रिश्ते में अपना भविष्य नहीं दिखता और ब्रेकअप कर लिया। शुरुआत में लगा कि कुछ समय बाद मैं संभल जाऊंगी, लेकिन छह महीने बाद भी मैं उस दुख से बाहर नहीं निकली हूं। मैं पहले बहुत मिलनसार थी, लेकिन अब दोस्तों से मिलने का मन नहीं करता। ऑफिस से घर लौटने के बाद घंटों अकेली बैठी रहती हूं। कई बार उसका पुराना मैसेज पढ़कर रोने लगती हूं और सोचती हूं कि आखिर मुझमें ऐसी क्या कमी थी कि उसने मुझे छोड़ दिया। सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि अब मुझे कभी वैसा प्यार नहीं मिलेगा। मैं इस रिश्ते से बाहर ही नहीं निकल पा रही हूं। क्या करूं? एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। तीन साल का रिश्ता खत्म होने पर दुख होना स्वाभाविक है। यह किसी बेहद अपने को खोने जैसा अनुभव हो सकता है। इसके बाद मन में खालीपन, उदासी और बहुत सारे सवाल भी आ सकते हैं। लेकिन आपकी परेशानी में एक बात खास है। रिश्ता अचानक खत्म हुआ। आपको पूरा कारण भी नहीं पता। उसने कहा कि उसे रिश्ते में अपना भविष्य नहीं दिखता। लेकिन इसका मतलब क्या था? क्या वह शादी को लेकर परेशान था? क्या बच्चों को लेकर उसकी सोच अलग थी? क्या करियर या रहने की जगह को लेकर मतभेद थे? क्या परिवार से जुड़ी कोई और परेशानी थी? या वह खुद इस रिश्ते में खुश नहीं था? सबसे जरूरी सवाल यह है कि क्या उसने अपनी परेशानियां पहले कभी आपके साथ खुलकर साझा की थीं? अगर नहीं, तो आपके मन को बात समझने का मौका ही नहीं मिला। फैसला उसने लिया। लेकिन उसका दर्द आपको भी सहना पड़ा। ऐसे में मन बार-बार उसी सवाल पर लौटता है। “आखिर ऐसा क्या हुआ?” यहीं से खुद को दोष देने का सिलसिला शुरू हो सकता है और ब्रेकअप के बाद मन में तरह–तरह के बुरे ख्याल आ सकते हैं। क्या ये PGD है? यहां एक चिकित्सकीय सावधानी भी जरूरी है। 'प्रोलॉन्ग्ड ग्रीफ डिसऑर्डर' (PGD) एक डायग्नोसिस है। औपचारिक रूप से इसका इस्तेमाल मुख्यतः किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद होने वाले दुख या पीड़ा के लिए होता है। इसलिए रोमांटिक ब्रेकअप को तकनीकी रूप से PGD कहना ठीक नहीं होगा। फिर भी ब्रेकअप के बाद लंबे समय तक ग्रीफ जैसे लक्षणों का दिखना रूमिनेशन और डिप्रेशन का संकेत हो सकता है। ग्रीफ और डिप्रेशन एक-दूसरे से जुड़े होते हुए भी अलग साइकोलॉजिकल प्रोसेस हो सकते हैं। छह महीने बाद भी आप सामाजिक रूप से कटी हुई हैं, घंटों अकेले रहती हैं और बार-बार पुराने मैसेज पढ़कर रोती हैं। इसलिए आपके लॉस को गहराई से समझना और मैनेज करना जरूरी है। ब्रेकअप का दुख है या डिप्रेशन? करें सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। पिछले दो हफ्तों को ध्यान में रखकर नीचे दिए सवालों का जवाब दें। नीचे ग्राफिक्स में दो सेक्शन में कुल 15 सवाल हैं। पहले सेक्शन में ‘ब्रेकअप स्ट्रेस’ से जुड़े सवाल हैं और दूसरे सेक्शन में डिप्रेशन से जुड़े सवाल हैं। आपको इन सवालों को 0 से 3 के स्केल पर रेट करना है। जैसेकि पहले सवाल के लिए अगर आपका जवाब 'बिल्कुल नहीं' है तो 0 नंबर दें और अगर आपका जवाब 'लगभग रोज' है तो 3 नंबर दें। अंत में अपना स्कोर टोटल करें। स्कोर की एनालिसिस भी नीचे ग्राफिक के बाद दी गई है। स्कोर इंटरप्रिटेशन ऊपर का ग्राफिक और उसके सवाल कोई डाइग्नोस्टिक स्केल नहीं हैं। लेकिन यह पैटर्न महत्वपूर्ण है। यदि आपका तनाव मुख्यतः उस व्यक्ति, ब्रेकअप और अनुत्तरित सवालों के आसपास घूम रहा है और अन्य परिस्थितियों में आप अभी भी खुशी अनुभव करती हैं, तो यह 'ग्रीफ एडजेस्टमेंट' का प्रोसेस हो सकता है। इसके उलट, यदि- ऐसी स्थिति में यह डिप्रेसिव एपिसोड है। यहां प्रोफेशनल हेल्प जरूरी है। खुद को दोष देना बंद करें अब सबसे जरूरी काम है– खुद को दोष देना बंद करना आप बार-बार सोच रही हैं, “मुझमें क्या कमी थी?” इस सवाल को बदलना होगा। इसलिए खुद से पूछें— “क्या मेरे पास यह मानने का कोई ठोस कारण है कि रिश्ता मेरी कमी की वजह से खत्म हुआ?” हो सकता है रिश्ते में आपकी भी कुछ गलतियां रही हों। हर रिश्ते में ऐसा होता है। उन्हें पहचानना अच्छी बात है। लेकिन रिश्ते का खत्म होना हमेशा एक व्यक्ति की गलती नहीं होता। अगर उसने अपनी परेशानियां समय रहते नहीं बताईं, तो आप उन्हें कैसे सुधार सकती थीं? इसलिए सबसे पहले तो खुद को दोष देना बंद करें और ब्रेकअप के बाद ये 7 काम बिल्कुल न करें- चार सप्ताह का CBT बेस्ड रिकवरी प्लान सप्ताह 1 “उसने मुझे क्यों छोड़ा?” को सही सवाल में बदलें। एक कागज पर तीन कॉलम बनाएं: उदाहरण: फैक्ट: उसने कहा कि उसे "रिलेशनशिप में फ्यूचर नहीं दिखता।" अनुमान: “इसका मतलब मुझमें कोई कमी थी।” दोनों एक बातें नहीं हैं। अब आप तीन साल के रिश्ते की ईमानदार समीक्षा करें। इस एक्सरसाइज का मकसद खुद को निर्दोष साबित करना नहीं है। इसका मकसद सही जिम्मेदारी तय करना है। अपनी गलतियों, कमजोरियों को समझना है, लेकिन खुद को दोष देना और जिम्मेदार ठहराना नहीं है। सप्ताह 2 सेल्फ ब्लेम को चुनौती दें हर बार जब आपके मन में विचार आए- “मुझमें क्या कमी थी?” तो उसकी जगह खुद से पूछें: “मैं ऐसा क्यों सोच रही हूं। इस सोच के पीछे क्या प्रमाण है?” फिलहाल आप अपने साथ ये 6 जरूरी काम करें- सप्ताह 3 जीवन को रिलेशनशिप से बड़ा बनाइए जीवन की ये कुछ जरूरी बुनियादी बातें समझना जरूरी है कि- सप्ताह 4 अगली रिलेशनशिप के लिए सबक अब आपके लिए सवाल यह नहीं होना चाहिए- “अगली बार मैं ऐसी कैसे बनूं कि कोई मुझे छोड़े नहीं?” सही और जरूरी सवाल ये है- “अगली बार हम दोनों ये कैसे सुनिश्चित करेंगे कि प्रॉब्लम्स छिपी न रहें? हम उन पर कैसे खुलकर बात करेंगे?” भविष्य के साथी के साथ रिश्ता गंभीर होने पर कुछ जरूरी बातों पर खुलकर चर्चा करें। प्रोफेशनल हेल्प कब जरूरी? अगर उदासी लगातार बनी हुई है, काम और रिश्तों पर असर पड़ रहा है, या आप अकेले इससे नहीं निकल पा रही हैं, तो मनोवैज्ञानिक, परामर्शदाता या मनोचिकित्सक से बात करें। अंतिम बात हर रिश्ता अपनी मंजिल तक पहुंचे, यह जरूरी नहीं। कुछ रिश्ते यह समझाने के लिए भी आते हैं कि हमें अपने लिए क्या चाहिए और क्या स्वीकार नहीं करना है। इसलिए किसी के चले जाने को अपनी कीमत का पैमाना न बनाएं। एक व्यक्ति का फैसला आपकी पूरी कहानी तय नहीं करता। आगे भी आपकी जिंदगी में नए रिश्ते, नए अनुभव और नई खुशियां आ सकती हैं। आपको उसके लिए खुद को तैयार करना है।
US ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय को राहत:फैमिली कैटेगरी की तारीखें बढ़ीं; 1 अक्टूबर से नए वीजा नंबर मिलेंगे
अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार-आधारित कई श्रेणियों में ग्रीन कार्ड मिलने की तारीखें काफी आगे बढ़ी हैं। हालांकि, EB-1 श्रेणी में खास बदलाव नहीं हुआ है। EB-1 श्रेणी में असाधारण प्रतिभा वाले लोग, बेहतरीन प्रोफेसर-रिसर्चर और एमएनसी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत के लिए सितंबर में इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 है। सितंबर का वीजा बुलेटिन मौजूदा वित्त वर्ष का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। नए वार्षिक वीजा नंबर 1 अक्टूबर से उपलब्ध होंगे। F-1 में 13 महीने की बढ़त सितंबर वीजा बुलेटिन में भारत और चीन के लिए F-1 श्रेणी की फाइनल एक्शन डेट 15 दिसंबर 2018 से बढ़कर 22 जनवरी 2020 हो गई है। यह श्रेणी अमेरिकी नागरिकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए है। F-2B में करीब 20 महीने की राहत ग्रीन कार्ड धारकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए F-2B की तारीख 1 जनवरी 2018 से बढ़कर 22 अगस्त 2019 हो गई है। यानी एक महीने में करीब 20 महीने की बढ़त मिली है। F-3 में करीब 29 महीने की बढ़त अमेरिकी नागरिकों के विवाहित बेटे-बेटियों के लिए F-3 की फाइनल एक्शन डेट 15 मई 2012 से बढ़कर 22 अक्टूबर 2014 हो गई है। इसमें करीब 29 महीने की बढ़त हुई है। F-2A में एक महीने की बढ़त ग्रीन कार्ड धारकों के पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों के लिए F-2A की तारीख 22 जुलाई 2026 से बढ़कर 22 अगस्त 2026 हो गई है। वित्त वर्ष 2026 में परिवार आधारित इमिग्रेशन की कुल सीमा 2.26 लाख और रोजगार आधारित इमिग्रेशन की सीमा 1,86,317 है। प्रति देश 7% यानी 28,862 वीजा की सीमा है। कुल मिलाकर इस महीने परिवार आधारित ग्रीन कार्ड की कई श्रेणियों में अच्छी प्रगति हुई है, जबकि EB-1 में कोई बदलाव नहीं हुआ। अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश इससे पहले अमेरिकी सीनेट में एक ऐसा विधेयक पेश किया गया थआ, जिसमें पिछले 7 साल से लगातार अमेरिका में रह रहे लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देने वाला आधिकारिक दस्तावेज है। इसे आधिकारिक तौर पर परमानेंट रेजिडेंट कार्ड कहा जाता है। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए यह प्रस्ताव क्यों अहम है? यह प्रस्ताव भारतीयों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। फिलहाल रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर हर देश के लिए एक तय सीमा (पर-कंट्री कैप) लागू है। इसी वजह से हजारों भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने में कई-कई साल लग जाते हैं। अगर यह विधेयक कानून बन जाता है, तो पिछले 7 साल से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का एक नया विकल्प मिल जाएगा।
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