घर को सीलन से बचाने का असरदार और आसान तरीका
मकान इंसान की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है. लोग अपने सपनों के घर के लिए जीवन भर की कमाई लगा देते हैं. लेकिन निर्माण के समय जल्दबाजी और लापरवाही के कारण दीवारों में सीलन आ जाती है. इससे घर की खूबसूरती खराब होती है और आर्थिक नुकसान भी होता है. जहानाबाद के अनुभवी राजमिस्त्री बैजू कुमार ने सीलन से बचने का बहुत ही अचूक उपाय बताया है. उनके अनुसार घर के फाउंडेशन के समय ही इस पर ध्यान देना चाहिए. जब जमीन से मकान का लेवल 3 फीट ऊपर आ जाए, तब डीपीसी (डैम प्रूफ कंक्रीट) का काम कराएं. डीपीसी के बाद उस पर वॉटरप्रूफिंग का घोल जरूर लगाएं. यह वॉटरप्रूफ केमिकल बाजार में आसानी से मिल जाता है. घोल पूरी तरह सूख जाने के बाद ही ऊपर ईंटों की जुड़ाई शुरू करवाएं. अक्सर लोग थोड़ा सा पैसा बचाने के लिए डीपीसी के तुरंत बाद जुड़ाई कर देते हैं. इस तरह की लापरवाही से बचना बहुत जरूरी है. शुरुआत में किया गया सही निवेश आपको सीलन की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा दिलाएगा.
मजबूत फर्नीचर के लिए किसकी लकड़ी है बेस्ट, शीशम या सागवान, कारीगर से जानें
घर की सुंदरता बढ़ाने में सही फर्नीचर का महत्वपूर्ण योगदान होता है, लेकिन सही जानकारी न होने पर पैसे बर्बाद हो जाते हैं. जहानाबाद के अनुभवी फर्नीचर विक्रेता अमलेश कुमार पिछले 12 सालों से अपनी 40 साल पुरानी पुश्तैनी दुकान संभाल रहे हैं. वे अपने ग्राहकों को अक्सर खास सलाह देते हैं. उनके अनुसार धोखे से बचने के लिए फर्नीचर हमेशा अपनी देखरेख में ही बनवाना चाहिए. मजबूत और टिकाऊ फर्नीचर के लिए शीशम और सागवान की लकड़ी सबसे बेहतर मानी जाती है. शीशम की लकड़ी लाल रंग की और बेहद मजबूत होती है, जिसकी कीमत लगभग 2200 रुपये प्रति घन फीट है. वहीं सागवान की लकड़ी लाल-पीले रंग के मिश्रण वाली होती है, जो पॉलिश के बाद बेहतरीन चमक और टिकाऊपन देती है. अच्छी क्वालिटी का सागवान 3200 से 3600 रुपये प्रति घन फीट तक मिलता है. यदि आप दीवान पलंग, सोफा और ड्रेसिंग का एक सेट बनवाते हैं, तो शीशम में इसकी कीमत लगभग 70,000 और सागवान में करीब 80,000 आती है. अधिक मांग और बेहतर गुणवत्ता के कारण ये दोनों लकड़ियां थोड़ी महंगी जरूर हैं, लेकिन लंबे समय तक चलती हैं.
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