केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि भारत के पास दुनिया की नंबर एक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बनने के लिए ज़रूरी पैमाना, इंजीनियरिंग टैलेंट, बढ़ता हुआ बाज़ार और महत्वाकांक्षा है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की अपनी मौजूदा स्थिति से आगे बढ़ सकता है। नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 66वें सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि भारत दुनिया की नंबर एक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बनेगा। आज हम तीसरे नंबर पर हैं।
गडकरी ने कहा कि भारत के लिए मौके सिर्फ़ घरेलू बाज़ार तक सीमित नहीं हैं और उन्होंने इंडस्ट्री से अपील की कि वे ग्लोबल ऑटोमोटिव वैल्यू चेन में देश की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करें। उन्होंने कहा, "भारत के लिए मौके घरेलू बाज़ार से कहीं बड़े हैं। हमारे पास पैमाना, क्षमता, इंजीनियरिंग टैलेंट, बढ़ता हुआ बाज़ार और आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए हमें ग्लोबल वैल्यू चेन में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार ऑटोमोटिव सेक्टर के विकास के लिए ज़रूरी पॉलिसी माहौल और संस्थागत मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।
गडकरी ने साफ़-सुथरे ट्रांसपोर्ट, खासकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बायोफ़्यूल की ओर बदलाव को तेज़ करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बदलाव बहुत तेज़ी से होना चाहिए... हमें बहुत तेज़ी से आगे बढ़ना होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि साफ़-सुथरे फ़्यूल की ओर बदलाव तेज़ी से ज़रूरी होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बायोफ़्यूल ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें भारत के पास काफ़ी क्षमता है, जबकि ग्रीन हाइड्रोजन भी नए मौके दे सकता है। उन्होंने भारी वाहनों, खासकर ट्रकों और बसों को एक अहम क्षेत्र बताया, जहाँ इस बदलाव को तेज़ करने की ज़रूरत है।
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