'गुजरात सबसे गतिशील राज्यों में से एक', वीजीजीएस 2027 रोड शो में बोले कॉरपोरेट लीडर्स
मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार द्वारा वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) 2027 से पहले देश की आर्थिक राजधानी में आयोजित रोडशो में गुरुवार को शीर्ष कॉरपोरेट लीडर्स ने गुजरात को देश के सबसे गतिशील राज्यों में से एक बताया और राज्य में अपनी मौजूदगी का विस्तार करने में रुचि व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में महिंद्रा एंड महिंद्रा के सीईओ और प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने कहा कि गुजरात देश के सबसे गतिशील राज्यों में से एक है और समूह की राज्य में कई उद्योगों में मौजूदगी है।
शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, गुजरात सरकार के साथ साझेदारी में हमारी ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात में है। गुजरात में क्लब महिंद्रा के हमारे पांच रिसॉर्ट हैं, वहां हमारा बड़ा रिन्यूएबल बिजनेस है और हमारे लाइफस्पेसेज बिजनेस का एक औद्योगिक पार्क भी वहां है।
उन्होंने कहा कि रोडशो में बड़े औद्योगिक पार्कों, गिफ्ट सिटी, मैन्युफैक्चरिंग, रिसॉर्ट्स और गुजरात की संस्कृति को बढ़ावा देने से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई।
इस बीच, स्वान एनर्जी के प्रबंध निदेशक निखिल वी. मर्चेंट ने कहा कि कंपनी गुजरात में मौजूदगी को लेकर बेहद संतुष्ट है और उन्होंने राज्य सरकार की सक्रिय नीतियों की सराहना की।
स्वान एनर्जी के गुजरात में तीन कारोबार हैं, जिसमें एक एलएनजी टर्मिनल, पिपावाव शिपयार्ड, जिसे अब स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज के नाम से जाना जाता है, और नारोल में उसकी टेक्सटाइल मिल है।
मर्चेंट ने पत्रकारों से कहा, तीनों कारोबार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार के समर्थन तथा सक्रिय नीतियों के साथ मुझे लगता है कि हम अच्छी स्थिति में रहेंगे।
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने याद किया कि पहला वाइब्रेंट गुजरात रोडशो, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में आयोजित हुआ था, इसी स्थान पर हुआ था।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस स्थान पर दोबारा लौटकर गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने पहले रोडशो के बाद से गुजरात द्वारा तय की गई विकास यात्रा का भी जिक्र किया।
आज का कार्यक्रम वीजीजीएस 2027 के लिए नई दिल्ली में आयोजित कर्टेन रेजर कार्यक्रम के बाद हुआ है। गुजरात अपने प्रमुख निवेश शिखर सम्मेलन के अगले संस्करण की तैयारियों को तेज कर रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस
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श्रीकृष्ण के दिखाए रास्ते से संवरेगा उत्तराखंड, जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर CM धामी का खास संदेश
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं दी हैं. उन्होंने इस पावन पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में नमन करते हुए प्रार्थना की कि देवभूमि के हर नागरिक का जीवन सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली से भरा रहे. जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर राज्य की जनता के नाम जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल एक युगपुरुष नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की अमर प्रेरणा हैं. उनका दिव्य जीवन हर काल में मानव समाज को जीवन जीने की सही राह दिखाता रहा है.
मानवता के सच्चे संरक्षक और मार्गदर्शक हैं श्रीकृष्ण
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण मानवता के सच्चे संरक्षक, पथ प्रदर्शक और संपूर्ण जीवन दर्शन के प्रेरणास्रोत हैं. उनका पूरा जीवन हमें सिखाता है कि किस तरह प्रेम, त्याग, करुणा, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपनाकर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है. उन्होंने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का उदाहरण पेश किया. कान्हा का जीवन हमें यह भी सिखाता है कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े, वंचित और उपेक्षित लोगों के प्रति संवेदनशीलता रखना कितना आवश्यक है. जब तक समाज के हर वर्ग का कल्याण नहीं होगा, तब तक किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं हो सकता.
आज भी राह दिखा रहा गीता का निष्काम कर्म संदेश
श्रीमद्भगवद्गीता के अमर दर्शन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र के मैदान में दिया गया निष्काम कर्म का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना महाभारत काल में था. उन्होंने गीता के माध्यम से दुनिया भर के इंसानों को अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ पालन करने का रास्ता दिखाया. फल की चिंता किए बिना अपना कर्म करते रहना ही जीवन का सबसे बड़ा रहस्य है. जब कोई व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के अपना काम करता है, तो उसे मानसिक शांति और सफलता दोनों मिलती हैं.
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जीवन में संतुलन और आत्मविश्वास जगाता है गीता का ज्ञान
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गीता में समाया हुआ भक्ति, ज्ञान, योग और कर्म का अद्भुत संगम इंसान के भीतर सकारात्मक ऊर्जा भरता है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब इंसान तनाव और भ्रम के दौर से गुजरता है, तब गीता का संदेश उसे आंतरिक शक्ति, अटूट आत्मविश्वास और संतुलन प्रदान करता है. श्रीकृष्ण के उपदेश हमें किसी भी कठिन परिस्थिति में विचलित न होने और धैर्य के साथ सही निर्णय लेने की सीख देते हैं. यह आध्यात्मिक शक्ति हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने की ऊर्जा देती है.
समाज में भाईचारा बढ़ाकर राज्य के विकास में बनें भागीदार
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी नागरिकों से एक विशेष आह्वान किया. उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध संस्कृति, शांति और अध्यात्म के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है. ऐसे में हम सभी का दायित्व बनता है कि हम भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लें और आपस में प्रेम, भाईचारे और समरसता की भावना को मजबूत करें. उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होगा और हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकेगा. मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य को सशक्त और अग्रणी बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लेने को कहा.
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