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Raghav Chadha का आरोप: Punjab की वोटर लिस्ट में जानबूझकर दर्ज हुआ 'स्थानांतरित'

चंडीगढ़, तीन सितंबर पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने बृहस्पतिवार को कहा कि मसौदा मतदाता सूची में उनके नाम के आगे ‘‘स्थानांतरित’’ लिखा गया है जबकि उनका मतदाता पहचान पत्र मोहाली में पंजीकृत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार राजनीतिक बदले की भावना से चुनावी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। ‘आप’ ने पलटवार करते हुए चड्ढा पर ‘‘पिछली तारीख की प्रक्रिया अपनाकर’’ दिल्ली में अपना मतदाता पंजीकरण कराने की कोशिश करने और इसका पूरा दोष पंजाब सरकार पर मढ़ने का आरोप लगाया।

पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची में चड्ढा के नाम के आगे ‘‘स्थानांतरित’’ दर्ज किया गया है। चड्ढा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब की ‘आप’ सरकार अब बदले की राजनीति को मसौदा मतदाता सूची तक ले आई है। मैं पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सदस्य हूं और मेरा मतदाता पहचान पत्र पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है।

इसके बावजूद मसौदा मतदाता सूची में मेरे नाम के आगे ‘स्थानांतरित’ लिखा गया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सिर्फ लिपिकीय गलती नहीं लगती। यह स्पष्ट तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है।’’ अप्रैल में ‘आप’ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए चड्ढा ने कहा कि वह एसआईआर दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं। चड्ढा ने कहा, ‘‘अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ एक मसौदा सूची हैं, अंतिम मतदाता सूची नहीं।

‘दावे और आपत्तियों’ की प्रक्रिया के दौरान नाम में सुधार किया जाता है और यह प्रक्रिया अभी जारी है। अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर में जारी की जाएगी। मैं पहले से ही एआईआर के दिशानिर्देश के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में हूं।’’ उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उन्हें ‘‘स्थानांतरित’’ किसने दर्ज किया, इस वर्गीकरण का सत्यापन किसने किया और उच्च स्तर पर इसे किसने मंजूरी दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में पंजाब सरकार के अधिकारी शामिल थे। चड्ढा ने आरोप लगाया, ‘‘मुझे स्थानांतरित के तौर पर किसने चिह्नित किया? ‘आप’ सरकार के एक अधिकारी ने।

उस वर्गीकरण को किसने सत्यापित किया? फिर से, ‘आप’ सरकार के ही एक अधिकारी ने। उच्च स्तर पर इसकी प्रक्रिया किसने पूरी की?

एक बार फिर, उसी ‘आप’ सरकार के अधिकारी ने।’’ उन्होंने दावा किया कि बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक, एसआईआर प्रक्रिया के संचालन के हर स्तर पर पंजाब सरकार के अधिकारी तैनात होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बीएलओ आम तौर पर पंजाब सरकार का एक कनिष्ठ कर्मचारी होता है। बीच में आने वाले एईआरओ, ईआरओ और डीईओ भी पंजाब सरकार के अधिकारी होते हैं।

सबसे ऊपर पंजाब-कैडर का आईएएस अधिकारी होता है जो मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर काम करता है।’’ उन्होंने दावा किया कि ऐसे अधिकारी राजनीतिक दबाव में आ सकते हैं क्योंकि उनके तबादले, तैनाती और करियर राज्य सरकार के नियंत्रण में होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इन अधिकारियों को पता होता है कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद ‘आप’ सरकार ही उनके तबादले, तैनाती और करियर को नियंत्रित करती है। वे जानते हैं कि कौन उनका तबादला कर सकता है और कौन उनकी जिंदगी मुश्किल बना सकता है।

इस तरह ‘आप’ सरकार राजनीतिक बदला लेने के लिए राज्य के अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डालती है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जब से उन्होंने ‘‘भ्रष्ट’’ आम आदमी पार्टी छोड़ी है तब से पार्टी का नेतृत्व गुस्से में है। उन्होंने कहा, ‘‘भले ही पंजाब में ‘आप’ की सरकार हो लेकिन मतदाता सूची का मसौदा उसकी निजी संपत्ति नहीं है।’’ चड्ढा की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘आप’ की पंजाब इकाई के प्रवक्ता ने कहा कि निर्वाचन आयोग एआईआर करवाता है, न कि राज्य सरकार। उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता सूची में किसका नाम शामिल करना है या किसका हटाना है, इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह सार्वजनिक जानकारी है कि राघव चड्ढा दिल्ली में रह रहे हैं, पंजाब में नहीं।

अगर वह अब पंजाब में नहीं रहते हैं तो अपने मतदाता पंजीकरण को बनाए रखना या उसे दूसरी जगह स्थानांतरित करवाना उनकी अपनी जिम्मेदारी थी। मतदाता सूची से नाम हटने के लिए वह अब ‘आप’ या पंजाब सरकार को दोष नहीं दे सकते।’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘आप’ को निर्वाचन आयोग के सूत्रों से जानकारी मिली थी कि चड्ढा ‘‘पुरानी तारीख की प्रक्रिया’’ के जरिए दिल्ली के राजेंद्र नगर में अपना मतदाता पंजीकरण करवाने की कोशिश कर रहे थे।

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मायावती का बड़ा फैसला: BSP 2027 UP चुनाव अकेले लड़ेगी, Akash Anand को बड़ी जिम्मेदारी नहीं

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को घोषणा की कि पार्टी पूरे भारत में आने वाले सभी चुनाव अकेले लड़ेगी, जिसमें 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं। बीएसपी की अखिल भारतीय बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी चुनाव के लिए गठबंधन पर निर्भर नहीं रहेगी, चाहे चुनाव बड़ा हो या छोटा। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें पार्टी में सक्रिय रहने की इजाज़त है, लेकिन उन्हें और अधिक परिपक्वता लाने की ज़रूरत है और फिलहाल उन्हें कोई बड़ी ज़िम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी।
 

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उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पार्टी का मुख्य ध्यान बहुजन समाज के हितों और शोषित समुदायों को शासक वर्ग बनाने के मिशन पर है, और इस लक्ष्य को पाने के लिए राजनीतिक सत्ता हासिल करना जरूरी है। यह घोषणा BSP के 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अकेले चुनाव लड़ने के बाद आई है, जिसमें उसने सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे 12.88 प्रतिशत वोट के साथ सिर्फ़ एक सीट मिली थी।

इसके अलावा, 2027 के चुनावों से पहले बुधवार को लखनऊ में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्व नेता आसिम वक़ार इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल हो गए। वक़ार ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के ख़िलाफ़ AIMIM के पिछले चुनावी मुक़ाबलों की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्य चुनौती भारतीय जनता पार्टी का विरोध करना होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश विधानसभा में अभी 403 सदस्य हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 258, समाजवादी पार्टी के 107 और अपना दल के 13 सदस्य शामिल हैं। 
 

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समाजवादी पार्टी की सहयोगी कांग्रेस 2027 के चुनावों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाना चाहती है। 2022 में, कांग्रेस ने 399 सीटों पर चुनाव लड़ा और दो सीटें जीतीं, जबकि AIMIM कोई भी सीट नहीं जीत पाई; हालांकि, 2025 के बिहार चुनाव नतीजों के बाद वह मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।
 
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  Sports

Mithali Raj से आगे निकलीं Smriti Mandhana, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली Indian Player बनीं

दुबई में भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने गुरुवार को महिला क्रिकेट की दुनिया में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर इतिहास रच दिया। हांगकांग के खिलाफ महिला एशिया कप के मुकाबले में उतरते ही मंधाना ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के साथ कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। उन्होंने भारतीय क्रिकेट की दिग्गज मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

मंधाना ने यह उपलब्धि अपने 303वें अंतरराष्ट्रीय पारी में हासिल की। उन्होंने मिताली राज के 10,868 रन के आंकड़े को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 10,740 रन के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स 10,273 रन और वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर 10,007 रन के साथ अगले स्थानों पर हैं।

गौरतलब है कि रिकॉर्ड बनाने के साथ मंधाना ने मुकाबले में बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 64 गेंदों में 124 रन की तूफानी पारी खेली। आखिरी ओवर में रन आउट होने से पहले उनकी पारी में चौकों और छक्कों की बारिश देखने को मिली। मंधाना की इस पारी के दम पर भारत ने निर्धारित ओवरों में पांच विकेट पर 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

यह पारी मंधाना के अंतरराष्ट्रीय करियर का 18वां शतक भी रहा। इसके साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में 17 शतक थे। मंधाना अब इस सूची में अकेले शीर्ष पर हैं। दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट भी 17 शतकों के साथ उनके करीब हैं, जबकि वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज के नाम 15 शतक हैं।

मंधाना ने अपनी इस पारी के दौरान एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 या उससे अधिक रन बनाने वाली पारियों की संख्या 93 हो गई है। इस मामले में उन्होंने मिताली राज की बराबरी कर ली है। दोनों के नाम अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 93 ऐसी पारियां हैं।

छोटे प्रारूप में भी मंधाना का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके नाम 37 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी 33 ऐसी पारियों के साथ इस सूची में उनके पीछे हैं।

बता दें कि हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी महिला एशिया कप के इतिहास में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू के नाम था, जिन्होंने 2024 में डंबुला में मलेशिया के खिलाफ नाबाद 119 रन बनाए थे।

मंधाना का 124 रन महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज का भी सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इसके अलावा वह महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक से ज्यादा शतक लगाने वाली पहली भारतीय बल्लेबाज बन गई हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मंधाना का यह रिकॉर्ड उनके लगातार मजबूत होते करियर का हिस्सा है। वह महज 280 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 10 हजार रन पूरे करने वाली महिला क्रिकेट की सबसे तेज बल्लेबाज भी बनी थीं। इतना ही नहीं, वह तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं।

महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में अब स्मृति मंधाना 10,880 रन के साथ सबसे ऊपर हैं। उनके पीछे मिताली राज 10,868, सूजी बेट्स 10,740, चार्लोट एडवर्ड्स 10,273 और स्टेफनी टेलर 10,007 रन के साथ मौजूद हैं। मंधाना की इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है, बल्कि विश्व क्रिकेट में उनकी लगातार बढ़ती विरासत को भी और मजबूत किया।
Thu, 03 Sep 2026 22:31:00 +0530

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