भारत का सर्विसेज पीएमआई अगस्त में बढ़कर 54.1 रहा, रोजगार वृद्धि 15 महीनों के उच्च स्तर पर
नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के सर्विसेज सेक्टर में अगस्त में जोरदार वृद्धि देखने को मिली है और एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बढ़कर 54.1 पर पहुंच गया है। इससे रोजगार वृद्धि भी 15 महीनों के उच्च स्तर पर रही है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक निजी सर्वेक्षण में दी गई।
इससे पहले जुलाई में एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई 53.3 पर था।
सर्वेक्षण में सेवा प्रदाताओं ने बढ़त की वजह अच्छी मांग और बाजार पहलों से नए बिजनेस में वृद्धि होने को बताया है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से मांग भी बनी रही है और नए निर्यात ऑर्डर करीब जुलाई के समान ही बढ़े हैं।
एचएसबीसी के डेटा के मुताबिक, अगस्त में भारतीय सेवा प्रदाताओं को ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, जापान, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई से नए निर्यात ऑर्डर मिले थे।
इसके अलावा, भारत की सेवा अर्थव्यवस्था में रोजगार तेजी से बढ़ा है। सर्वेक्षण में शामिल लगभग 11 प्रतिशत कंपनियों ने बताया कि उनके यहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है। साथ ही, पिछले 15 महीनों में नौकरी पैदा होने की दर सबसे ज्यादा रही, क्योंकि कंपनियां अपनी कस्टमर सर्विस, सेल्स और डिजिटल ऑपरेशन को बेहतर बना रही हैं।
एचएसबीसी की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि अगस्त में सर्विस सेक्टर की गतिविधियां तेजी से बढ़ीं, जिसमें बेहतर आउटपुट और नए बिजनेस का योगदान रहा।
भंडारी ने कहा, रोजगार में तेजी से बढ़ोतरी हुई और नौकरियां पैदा होने का आंकड़ा 15 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने यह भी कहा कि कीमतों का दबाव बहुत कम बढ़ा।
इसके अलावा, अगस्त में एचएसबीसी इंडिया कम्पोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स 54.3 पर रहा, जो जुलाई के बराबर ही है, क्योंकि सर्विस सेक्टर में तेज ग्रोथ ने मैन्युफैक्चरिंग में आई सुस्ती की भरपाई कर दी।
एचएसबीसी के डेटा से यह भी पता चला कि कुल रोजगार में 14 महीनों में सबसे तेजी से बढ़ोतरी हुई। सर्विस सेक्टर में जबरदस्त हायरिंग ने मैन्युफैक्चरिंग में रोजगार की कमी की भरपाई से कहीं ज्यादा असर दिखाया है।
कुल नए ऑर्डर की मात्रा में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई, जबकि कम्पोजिट इनपुट लागत महंगाई सात महीने के निचले स्तर पर आ गई है।
--आईएएनएस
एबीएस
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पाकिस्तान में हिंदुओं का जीना दूभर, फिर एक हिंदू लड़की का अपहरण, रेप के बाद धर्म परिवर्तन का आरोप
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संगहार जिले में 21 साल की हिंदू युवती रीता के कथित अपहरण, धर्म परिवर्तन और शादी का मामला सामने आया है. हालांकि, पुलिस ने रीता को बरामद कर लिया है और उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया. सुनवाई के दौरान रीता ने अपनी इच्छा से माता-पिता के पास लौटने की बात कही.
24 अगस्त को घर से हुई थी लापता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रीता संगहार जिले के राणा राजपूत कॉलोनी की रहने वाली है. 24 अगस्त तो वह अचानक अपने घर से लापता हो गई थी. उसके भाई रविशंकर ने पुलिस थाने में बहन के गायब होने की शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोग रीता को घर से अपने साथ लेकर गए थे. परिवार ने शिकायत में बताया कि घर के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग उसे अपने साथ लेकर जा रहे हैं. इसके बाद कथित रूप से रीता को सिंध से पंजाब के गुजरांवाला लाया गया.
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धर्म परिवर्तन और शादी का आरोप
परिवार का आरोप है कि रीता पर जबरन इस्लाम धर्म अपनाने और नजीर हुसैन नाम के व्यक्ति से जबरन शादी करने का दबाव बनाया गया. रिपोर्ट के अनुसार, नजीर हुसैन पहले से ही शादीशुदा है. पुलिस की कार्रवाई के बाद रीता को बरामद किया गया. मामले की आगे की प्रक्रिया के लिए इसे अदालत में पेश किया गया.
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जांच अधिकारी ने कोर्ट में पेश किया गलत तथ्य
सुनवाई के दौरान, जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि रीता अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहती. पुलिस ने उनको सरकारी महिला आश्रय गृह दार-उल-अमान भेजने का सुझाव दिया. हालांकि, रीता के वकील असद जमाल और खेता राम ने इसका विरोध किया. उन्होंने अदालत को बताया कि रीता अपने भाई के साथ घर लौटना चाह रही थी. उनका भाई भी अदालत में ही मौजूद था. विरोध के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने रीता को शपथ दिलाई को उसका बयान सुना. बयान में रीता ने कहा कि वह अपनी इच्छा से अपने माता-पिता के पास लौटना चाहती है.
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भाई को सौंपा रीता का संरक्षण
रीता के बयान के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनको परिवार के साथ रहने की अनुमति दी थी. अदालत ने रीता का संरक्षण उसके भाई को सौंपा और निर्देश दिया कि उनको सुरक्षित रूप से संगहार स्थित उनके घर पहुंचाया जाए. पुलिस रीता वाले केस की जांच में जुट गई है.
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पाकिस्तान पर हिंदुओं के साथ होता है अन्याय
यह मामला पाकिस्तान में हिंदू सहित अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर जारी बहस के बीच सामने आया है. पाकिस्तान पर आए दिन हिंदू-सिख महिलाओं के साथ रेप, धर्म परिवर्तन और जबरन शादी के आरोप लगते हैं. पाकिस्तान भले ही इन खबरों को कितना ही दबा ले लेकिन सच्चाई सामने आ ही जाती है. पाकिस्तान में मानवाधिकार संगठन लंबे वक्त से अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों और महिलाओं के कथित अपहरण, धर्म परिवर्तन और जबरन विवाह जैसे मामलों पर चिंता जाहिर कर चुके हैं.
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