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हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले

सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने "रामधुन" गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। विरोध करने वाली एक छात्रा ने कहा - इस हॉस्टल के खाने में कीड़े और खराब पानी के अलावा भी कई समस्याएं हैं। ये विरोध हमारी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। इससे पहले 11 अगस्त को किया था प्रदर्शन इससे पहले, 11 अगस्त को छात्रों ने खाने की क्वालिटी, साफ - सफाई, पानी की पर्याप्त सप्लाई और हॉस्टल वार्डन के खराब व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल में परोसे जाने वाले खाने में कीड़े और दूसरी चीजें मिली थीं। हॉस्टल परिसर के आस-पास कैमरे लगाने की मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की भावनगर जिला इकाई की अध्यक्ष दीपिका कचोट ने आरोप लगाया कि गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को अपने खाने में प्लास्टिक और सिगरेट के टुकड़े मिले हैं। उन्होंने कहा - पानी की क्वालिटी खराब है। नौ मंजिल के इस हॉस्टल में सिर्फ दो या तीन मंजिलों पर ही पानी मिलता है। ABVP अध्यक्ष ने यह भी कहा कि हॉस्टल परिसर के आस-पास CCTV कैमरे लगाने चाहिए। कॉलेज जाने के लिए हॉस्टल से बाहर निकलने पर छात्राओं को लड़कों की छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है। वार्डन के बुरे बर्ताव से परेशान छात्राएं एक छात्रा ने आरोप लगाया कि जब छात्राओं ने वार्डन से घर जाने की इजाजत मांगी, तो वार्डन ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने यह भी कहा कि खाने में कीड़े मिलने की उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। डिप्टी कलेक्टर ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। खराब पानी पीने से कई बार बीमारी हुई छात्राएं इतना ही नहीं छात्राओं ने हॉस्टल के पानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पहले भी छात्राओं ने कहा था कि पानी का रंग कई बार हरा दिखाई देता है। इस पानी को पीने से कई छात्राओं की तबियत खराब हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि जब हॉस्टल में निरीक्षण के लिए अधिकारी आते हैं, तो अचानक सारी व्यवस्था सुधर जाती हैं। 1200 महिलाओं के लिए सिर्फ 1 घंटे आता है पानी हॉस्टल और मेस की साफ-सफाई को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। पानी की सप्लाई यहां सिर्फ एक घंटे के लिए होती है। छह मंजिला इस हॉस्टल की तीन मंजिल तक भी पानी नहीं चढ़ता। फिलहाल यहां 1200 महिलाएं रहती है। हॉस्टल अथॉरिटी का कहना है कि एक घंटे जो पानी आता है, उसी दौरान महिलाएं नहा लें, अपने कपड़े वगैरह भी धो लें और उसी टाइम लिमिट के अंदर पानी स्टोर करके भी रखें। सब्जियों में तेल और पानी ज्यादा होना आम समस्या कई बार अगर हमारे फ्लोर पर पानी नहीं आता है तो दूसरे फ्लोर से पानी लेकर आना पड़ता है। इस वजह से बहुत ज्यादा तकलीफें हो रही हैं। यहां खीर में अजीब तरह की स्मेल आना आम बात है। यहां बनने वाली छाछ में पानी ज्यादा हो जाना और रोज सिर्फ आलू की सब्जी बनना, सब्जियों में तेल ज्यादा, पानी ज्यादा, रोटी इतनी कड़क होती है जो टूटती नहीं हैं। छात्रा ने आगे कहा कि इस हॉस्टल में समस्याएं इतनी सारी हैं कि मैं बोलते-बोलते थक जाऊंगी लेकिन यहां की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। ----------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें बिहार में 32,388 पदों पर निकली टीचर भर्ती स्थगित:आज से शुरू थी आवेदन प्रक्रिया, आयोग के फैसले से उम्मीदवारों के बीच फिर छाई मायूसी बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 पदों पर निकली टीचर भर्ती को स्थगित कर दिया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होना थी। आयोग ने इसके पीछे प्रक्रिया में किए बदलाव को वजह बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें

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Prabhasakshi NewsRoom: Modi Pezeshkian Meeting से बुरी तरह भड़का अमेरिका, Marco Rubio ने दे डाली सख्त चेतावनी

बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात के बाद अमेरिका भड़क उठा है। वॉशिंगटन ने खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने या राजस्व जुटाने में मदद करेगा, उस पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और ईरान के बीच संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

फॉक्स न्यूज रेडियो के द ब्रायन किल्मीड शो में रुबियो से प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन की मुलाकात के बारे में सवाल किया गया। कार्यक्रम में यह भी पूछा गया कि क्या भारत और ईरान किसी व्यापार समझौते की दिशा में बढ़ रहे हैं। इस पर रुबियो ने कहा कि उन्हें भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते की जानकारी नहीं है।

इसे भी पढ़ें: SCO के मंच से चीन और पाकिस्तान को एक साथ धोकर मोदी ने दुनिया की वाहवाही लूट ली

उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देश अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाते हैं और कई देश ईरानी शासन के साथ बातचीत करते हैं। रुबियो ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका का भी ईरानी शासन के कुछ तत्वों के साथ विभिन्न मुद्दों पर संपर्क रहा है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दे डाली। रुबियो ने कहा कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करे और न ही ऐसी व्यवस्था तैयार करे, जिससे तेहरान राजस्व जुटा सके। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस राजस्व का इस्तेमाल आतंकवाद को प्रायोजित करने और परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों में कर सकता है। उन्होंने साफ कहा, “अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाने होंगे।”

अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात SCO सम्मेलन के इतर हुई। दोनों नेताओं की यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच हुई है। संघर्ष को छह महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन शांति समझौते की संभावना अभी भी दूर दिखाई दे रही है।

हम आपको याद दिला दें कि SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को साफ कहा कि किसी एक क्षेत्र का संघर्ष केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय संघर्ष वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित करता है, जबकि इसका सबसे बड़ा बोझ ग्लोबल साउथ के देशों को उठाना पड़ता है। मोदी ने भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि सभी तनावों और संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। भारत लगातार पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की वकालत करता रहा है।

राष्ट्रपति पेजेशकियन भी SCO सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक पहुंचे थे। रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी आक्रमण का जवाब वह “ताकत और दृढ़ संकल्प” के साथ देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में अस्थिरता सभी देशों के लिए नुकसानदेह होगी। पेजेशकियन ने आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने SCO बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख नेता शामिल हैं और यह वैश्विक मंच पर विविध तथा स्वतंत्र आवाजों के अस्तित्व का प्रतीक है।

हम आपको यह भी बता दें कि भारत और ईरान के बीच संपर्क केवल मौजूदा बैठक तक सीमित नहीं है। मार्च में भी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच बातचीत हुई थी। उस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय घटनाक्रम की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी थी। मोदी ने भारत की चिंताओं को स्पष्ट करते हुए क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया था। साथ ही ऊर्जा और वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी उठाई थी।

अब बिश्केक में मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात और उसके तुरंत बाद अमेरिका की प्रतिबंधों वाली धमकी ने भू-राजनीतिक समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। एक तरफ भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और संवाद-कूटनीति के सिद्धांत पर कायम है, तो दूसरी ओर अमेरिका ईरान के साथ आर्थिक सहयोग या प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली किसी भी व्यवस्था पर कड़ा रुख दिखा रहा है।

बहरहाल, सवाल उठता है कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में क्या अमेरिका की चेतावनी देशों की स्वतंत्र विदेश नीति को प्रभावित करेगी, या फिर SCO जैसे मंचों पर उभरती स्वतंत्र आवाजें नई भू-राजनीतिक दिशा तय करेंगी। फिलहाल, मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात के बाद वॉशिंगटन की तीखी प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि ईरान का मुद्दा केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहा, उसकी गूंज अब वैश्विक कूटनीति और भारत जैसे प्रमुख देशों की विदेश नीति तक पहुंच चुकी है।

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  Sports

Mithali Raj से आगे निकलीं Smriti Mandhana, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली Indian Player बनीं

दुबई में भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने गुरुवार को महिला क्रिकेट की दुनिया में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर इतिहास रच दिया। हांगकांग के खिलाफ महिला एशिया कप के मुकाबले में उतरते ही मंधाना ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के साथ कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। उन्होंने भारतीय क्रिकेट की दिग्गज मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

मंधाना ने यह उपलब्धि अपने 303वें अंतरराष्ट्रीय पारी में हासिल की। उन्होंने मिताली राज के 10,868 रन के आंकड़े को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 10,740 रन के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स 10,273 रन और वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर 10,007 रन के साथ अगले स्थानों पर हैं।

गौरतलब है कि रिकॉर्ड बनाने के साथ मंधाना ने मुकाबले में बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 64 गेंदों में 124 रन की तूफानी पारी खेली। आखिरी ओवर में रन आउट होने से पहले उनकी पारी में चौकों और छक्कों की बारिश देखने को मिली। मंधाना की इस पारी के दम पर भारत ने निर्धारित ओवरों में पांच विकेट पर 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

यह पारी मंधाना के अंतरराष्ट्रीय करियर का 18वां शतक भी रहा। इसके साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में 17 शतक थे। मंधाना अब इस सूची में अकेले शीर्ष पर हैं। दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट भी 17 शतकों के साथ उनके करीब हैं, जबकि वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज के नाम 15 शतक हैं।

मंधाना ने अपनी इस पारी के दौरान एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 या उससे अधिक रन बनाने वाली पारियों की संख्या 93 हो गई है। इस मामले में उन्होंने मिताली राज की बराबरी कर ली है। दोनों के नाम अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 93 ऐसी पारियां हैं।

छोटे प्रारूप में भी मंधाना का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके नाम 37 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी 33 ऐसी पारियों के साथ इस सूची में उनके पीछे हैं।

बता दें कि हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी महिला एशिया कप के इतिहास में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू के नाम था, जिन्होंने 2024 में डंबुला में मलेशिया के खिलाफ नाबाद 119 रन बनाए थे।

मंधाना का 124 रन महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज का भी सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इसके अलावा वह महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक से ज्यादा शतक लगाने वाली पहली भारतीय बल्लेबाज बन गई हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मंधाना का यह रिकॉर्ड उनके लगातार मजबूत होते करियर का हिस्सा है। वह महज 280 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 10 हजार रन पूरे करने वाली महिला क्रिकेट की सबसे तेज बल्लेबाज भी बनी थीं। इतना ही नहीं, वह तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं।

महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में अब स्मृति मंधाना 10,880 रन के साथ सबसे ऊपर हैं। उनके पीछे मिताली राज 10,868, सूजी बेट्स 10,740, चार्लोट एडवर्ड्स 10,273 और स्टेफनी टेलर 10,007 रन के साथ मौजूद हैं। मंधाना की इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है, बल्कि विश्व क्रिकेट में उनकी लगातार बढ़ती विरासत को भी और मजबूत किया।
Thu, 03 Sep 2026 22:31:00 +0530

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