Maharashtra Police ने प्रयागराज से 2 को दबोचा, 139 करोड़ का Drugs रैकेट बेनकाब
पालघर, दो सितंबर मीरा-भायंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस ने 139 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मेफेड्रोन और रसायनों की जब्ती के सिलसिले में प्रयागराज से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के पकड़े जाने के साथ ही इस मामले में अब तक कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
इस साल जून में नालासोपारा पूर्व में दो लोगों के पास से 3.36 लाख रुपये मूल्य का मेफेड्रोन जब्त होने के बाद, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में यह अभियान चलाया गया। इसके बाद पुलिस ने 69.759 किलोग्राम मादक पदार्थ, रसायन, प्रयोगशाला उपकरण और नकदी जब्त की, जिसकी कुल कीमत 139 करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोइफोडे ने कहा, हमारी टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के माध्यम से पूरी आपूर्ति श्रृंखला का व्यवस्थित रूप से पर्दाफाश किया।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान गुजरात के कच्छ क्षेत्र के खेत में संचालित हो रही मेफेड्रोन की एक निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया गया, जबकि महाराष्ट्र से प्रयोगशाला के उपकरण जब्त किए गए। डोइफोडे ने कहा कि मुंबई के कुर्ला और जलगांव से भी जब्ती की गई लेकिन अधिकांश प्रतिबंधित सामग्री, रसायन और उपकरण प्रयागराज में एक अवैध कारखाने से बरामद किए गए। उन्होंने कहा, रसायन आपूर्तिकर्ताओं, लैब तकनीशियनों और क्षेत्रीय वितरकों से लेकर जमीनी स्तर पर तस्करों सहित कुल 21 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
जांच टीम उनके वित्तीय लेनदेन और मादक पदार्थ नेटवर्क से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की सक्रियता से जांच कर रही है।
ट्रंप फिर करेंगे रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौते की कोशिश, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिए पुतिन के साथ बैठक के संकेत
Trump-Putin Meeting: यूक्रेन और रूस के बीच पिछले साढ़े चार से चल रही जंग को खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक और कोशिश कर सकते हैं. दरअसल, ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे यूक्रेन में शांति समझौते के लिए पुतिन के साथ एक और बैठक कर सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि वह अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ एक और शिखर सम्मेलन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन केवल तभी जब क्रेमलिन यूक्रेन के साथ 'शांति समझौते' की दिशा में काम करने के लिए तैयार हो.
इस बैठक का मकसद फरवरी 2022 से चल रहे उनके संघर्ष को खत्म करना है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बातचीत सही समय पर होगी, क्योंकि उनका मानना है कि रूस और यूक्रेन के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना अमेरिका के हित में है.
बिजनेस के लिए रूस और यूक्रेन के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना ठीक- ट्रंप
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "वह ऐसा करेंगे. मैं भी यही चाहता हूं, लेकिन मैं यह तब करना चाहता हूं जब हम शांति समझौता करने के लिए तैयार हों." "हम रूस, यूक्रेन और सभी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं. यह बिजनेस के लिए बहुत अच्छा होगा."
- इसके साथ ही ट्रंप ने अपने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर भी भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद वे सत्ता में लौटते तो रूस-यूक्रेन युद्ध नहीं होता. उन्होंने दावा किया कि 2016 से 2020 तक अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुतिन से बातचीत की थी और उनका मानना था कि उस समय युद्ध की "कोई संभावना नहीं" थी.
पुतिन और जेलेंस्की के बीच बहुत गहरी दुश्मनी- ट्रंप
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस समय पुतिन और यूक्रेनी नेता वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच "बहुत ज्यादा दुश्मनी" है. उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी नहीं होना चाहिए था. अगर 2020 के चुनाव में धांधली नहीं हुई होती, तो यह युद्ध कभी नहीं होता. और चार साल तक ऐसा नहीं हुआ. मैं 2016 से 2020 तक वहां था, और मैं पुतिन से बात करता था; ऐसा कभी नहीं होता. कोई संभावना नहीं थी. और जब मैं वहां से निकला, तो मैंने देखा कि क्या हो रहा है और मैंने कहा, 'मुझे लगता है कि ये लोग युद्ध करने जा रहे हैं.' मुझे यह पागलपन लगा; ऐसा नहीं होना चाहिए था."
पिछले साल अलास्का में हुई थी ट्रंप-पुतिन की बैठक
बता दें कि यूक्रेन जंग को खत्म करने के लिए ट्रंप पहले भी कोशिश कर चुके हैं. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की ये कोशिश नाकाम रही थी. पिछले साल अगस्त में ट्रंप और पुतिन के बीच अलास्का में बैठक हुई थी. हालांकि इस बैठक को दोनों नेताओं ने सकारात्मक बताया था. उस समय एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, पुतिन ने ट्रंप को एक और समिट के लिए मॉस्को आने का न्योता भी दिया था. हालांकि, इसके बाद कोई और बैठक नहीं हुई और तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. ऐसे में ट्रंप ने एक बार फिर से दोनों देशों के बीच चल रही जंग को खत्म करने का मन बना लिया है.
बता दें कि पिछले साढ़े चार साल से रूस और यूक्रेन एक-दूसरे पर हमले करते रहे हैं, जबकि जेलेंस्की ने मदद के लिए अपने यूरोपीय सहयोगियों से संपर्क किया है. ऐसी अटकलें भी जोरों पर थीं कि रूस NATO (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन) के किसी सदस्य देश को निशाना बना सकता है, लेकिन ट्रंप और क्रेमलिन दोनों ने इन खबरों को गलत बताते हुए इससे इनकार किया है.
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