CVC Annual Report: सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की 70,584 शिकायतें; करप्शन के मामलों में बैंक और रेलवे सबसे आगे
पारदर्शिता और ईमानदारी की निगरानी करने वाली देश की शीर्ष संस्था केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की नवीनतम रिपोर्ट में सरकारी महकमों की कार्यप्रणाली को लेकर बड़े आंकड़े सामने आए हैं।
आयोग के तहत काम करने वाले मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVOs) को वर्ष 2025 के दौरान कुल 70,584 शिकायतें मिली थीं। हालांकि, इनमें से 64,905 शिकायतों का त्वरित निपटारा 31 दिसंबर 2025 तक कर दिया गया, जबकि 5,679 मामले साल के अंत तक लंबित रहे।
बैंकिंग और रेलवे सेक्टर में भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि बैंकिंग क्षेत्र के खिलाफ सर्वाधिक 9,933 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 9,520 का निपटारा हुआ और 413 मामले पेंडिंग रह गए। इसके ठीक बाद रेलवे से जुड़ी 9,381 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 8,754 मामलों को निपटाया गया और 627 शिकायतें लंबित रहीं। इन दोनों ही विभागों के पास आम नागरिकों और सार्वजनिक लेनदेन का सबसे बड़ा दायरा होने के कारण शिकायतों का आंकड़ा सबसे ऊंचा रहा।
आवास, स्थानीय निकाय और अन्य मंत्रालयों की स्थिति
बैंक और रेलवे के अलावा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से संबंधित 6,531 शिकायतें सामने आईं। वहीं दिल्ली सरकार को छोड़कर अन्य स्थानीय निकायों के खिलाफ 4,834 शिकायतें दर्ज हुईं। इनके अलावा कोयला क्षेत्र (4,118), वित्त क्षेत्र (3,107), दिल्ली सरकार (2,804), पेट्रोलियम मंत्रालय (2,722) और दिल्ली पुलिस (2,633) के कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के मामले आयोग तक पहुंचे।
तीन महीने की तय समयसीमा और पेंडिंग मामलों की चुनौती
सीवीसी के नियमों के अनुसार, मुख्य सतर्कता अधिकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे किसी भी शिकायत की प्राथमिक जांच और निपटारा तीन महीने के भीतर पूरा करें। इसके बावजूद, वर्ष 2025 के अंत तक 2,002 ऐसी शिकायतें पाई गईं जो निर्धारित तीन महीने की समयसीमा से अधिक समय से लंबित चल रही थीं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वे लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
IMD Weather Alert: देश भर में पहाड़ से मैदान तक बारिश का प्रकोप; अगले 4 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मानसून का विकराल रूप देखने को मिल रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक लगातार बारिश की स्थिति बनी रहेगी और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
12 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर भारत और मध्य भारत के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में तेज हवाओं व गर्जना के साथ बारिश का अलर्ट है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का कहर, 200 से अधिक सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 200 से ज्यादा संपर्क मार्ग मलबे के कारण बंद हो चुके हैं। उत्तराखंड में तवाघाट-गुंजी सड़क बंद होने से व्यास घाटी का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार में उफनाईं नदियां, सोन बैराज के सभी 69 गेट खोले गए
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और बिहार के मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से राज्य की नदियां उफान पर हैं। जलस्तर के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए रोहतास जिले के इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज के सभी 69 फाटकों को खोल दिया गया है। इससे निचले और तटीय इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।
प्रशासनिक अलर्ट और राहत-बचाव कार्य तेज
बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है। बंद पड़ी सड़कों से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का काम जारी है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
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