रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे
पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बात कही। अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन दरअसल, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 अहम क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है। तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है। SCO में मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंध, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। मोदी ने कहा था कि भारत ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों को इसमें शामिल करने पर भी जोर दिया गया था। पश्चिम एशिया के तनाव पर बातचीत BRICS और SCO में सहयोग जारी रखेगा भारत मोदी ने कहा था कि भारत BRICS और SCO जैसे मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने पेजेश्कियन को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।
गिरिराज, ललन, चिराग... किसकी कुर्सी खतरे में?:मोदी कैबिनेट से कौन हटेगा, कौन बनेगा, अंदरखाने की पूरी कहानी
मोदी कैबिनेट के संभावित विस्तार और फेरबदल की चर्चा जोरों पर है। कौन हटेगा, कौन बनेगा, इसको लेकर इन दिनों दिल्ली से पटना तक खूब अटकलें लगाई जा रही है। बिहार से कौन और क्यों मंत्री हट सकते हैं, अंदरखाने चर्चा क्या है, जानेंगे; बूझे की नाही में…। अभी हिन्दू कैलेंडर में भादो का महीना चल रहा है, जो 26 सितंबर तक रहेगा। इसके बाद 15 दिन पितृपक्ष रहेगा, जो 10 अक्टूबर को खत्म होगा। भादो और पितृपक्ष में कोई शुभ काम नहीं होता है। ऐसे में ज्यादा संभव है कि मोदी कैबिनेट का संभावित विस्तार और फेरबदल 10 अक्टूबर के बाद ही हो। अब जानिए, किसकी कुर्सी जा सकती है और कौन बन सकता है गिरिराज सिंहः लगातार 12 साल से मंत्री, बढ़ती उम्र के कारण हो सकती है छुट्टी केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह को लेकर चर्चा है कि उनको मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। उनकी जगह पर भूमिहार कोटे से नवादा सांसद विवेक ठाकुर को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। हालांकि, गिरिराज सिंह को लेकर हटने और बने रहने, दोनों तरह की चर्चा है। उनको लेकर हर बार चर्चा होती है, लेकिन वह पद पर बने रहते हैं। गिरिराज सिंह की क्यों हो सकती है छुट्टी, 3 तर्क गिरिराज सिंह क्यों मंत्री बने रह सकते हैं गिरिराज की जगह विवेक ठाकुर क्यों हालांकि, केंद्रीय स्तर पर बड़े मंत्रालय को संभालने का उनके पास पहले का कोई प्रशासनिक या कैबिनेट अनुभव नहीं है। ललन सिंहः बने रहेंगे, बड़ा मंत्रालय मिल सकता है JDU कोटे से केंद्रीय मंत्री बने राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मंत्री बने रहेंगे। अभी उनके पास पंचायती राज मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की जिम्मेदारी है। अंदरखाने चर्चा है कि ललन सिंह को दूसरा बड़ा विभाग मिल सकता है। मतलब एक तरह से प्रमोशन हो सकता है। ललन सिंह के साथ-साथ JDU कोटे से मंत्री बने रामनाथ ठाकुर का भी मंत्रालय बरकरार रहेगा। मतलब वह मंत्री बने रहेंगे। चिराग पासवानः पिता वाला विभाग भी मिल सकता है NDA के सहयोगी LJP(R) सुप्रीमो चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री बने रहेंगे। वह अपनी पार्टी के इकलौते मंत्री हैं, ऐसे में उनके बदले जाने का सवाल ही नहीं है। अंदरखाने चर्चा है कि चिराग पासवान को पिता दिवंगत रामविलास पासवान वाला विभाग मिल सकता है। अभी चिराग के पास खाद्य प्रसंस्करण और उद्योग मंत्रालय है। जीतन राम मांझीः पार्टी के इकलौते सांसद, मंत्री बने रहेंगे हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) यानी HAM सुप्रीमो जीतन राम मांझी केंद्रीय मंत्री बने रहेंगे। वह अपनी पार्टी के इकलौते सांसद हैं। ऐसे में उनका मंत्री बने रहना लगभग तय है। नित्यानंद रायः मिल सकता है प्रमोशन बिहार BJP के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का मंत्री बने रहना लगभग तय है। उन्हें गृह मंत्री अमित शाह का काफी करीबी नेता माना जाता है। अंदरखाने चर्चा है कि इस बार नित्यानंद राय का प्रमोशन हो सकता है। अभी वह राज्य मंत्री हैं, संभव है कि स्वतंत्र प्रभार या केंद्रीय मंत्री बन जाए। कुछ दिन पहले ही अमित शाह दिल्ली स्थित उनके आवास पर गए थे। तब से तरह-तरह की चर्चा है। सतीश चंद्र दुबेः हट सकते हैं, पूर्वांचल से एक ब्राह्मण को बनना है मंत्री केंद्रीय कोयला और खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे को लेकर चर्चा है कि उनको मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। चंपारण और ब्राह्मण समाज के भीतर सतीश चंद्र दुबे की पकड़ मजबूत है। वे जमीन से जुड़े नेता हैं और पार्टी के वफादार रहे हैं। अंदरखाने चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में जनवरी-फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में UP के पूर्वांचल से एक ब्राह्मण नेता को मंत्री बनाया जाना है। दुबे जिस इलाके चंपारण से आते हैं, उसका एक हिस्सा पूर्वांचल से लगता है। अगर दुबे को हटाया भी जाएगा तो बहुत इम्पैक्ट नहीं होगा। साथ ही बिहार में अगले 3 साल तक कोई चुनाव भी नहीं है। राजभूषण निषादः नॉन परफॉर्मर मंत्री, हट सकते हैं मुजफ्फरपुर से 2024 में BJP के टिकट पर पहली बार सांसद बने राजभूषण निषाद केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री हैं। अंदरखाने चर्चा है कि इनका प्रदर्शन ठीक नहीं है। निषाद समाज से आने के कारण मोदी कैबिनेट में शामिल हैं। इनको लेकर 2 तरह की चर्चा है। कुल मिलाकर राजभूषण निषाद को लेकर ज्यादा संभावना है कि उनका मंत्री पद जा सकता है। JDU ने मांगा हरिवंश की जगह एक मंत्री पद सियासी हलके में चर्चा है कि JDU ने मोदी कैबिनेट में एक और मंत्रालय की डिमांड की है। बताया जा रहा है कि JDU ने तर्क दिया है कि पहले हमारे कोटे से हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उप सभापति थे। अब वह भाजपा कोटे से हैं। ऐसे में उनकी जगह एक मंत्री पद दिया जाए। चर्चा है कि JDU ने इसके बदले एक कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार वाला मंत्रालय मांगा है। चर्चा यह भी है कि अगर JDU को एक कैबिनेट मंत्रालय मिला तो संजय झा मंत्री बन सकते हैं। अगर स्वतंत्र प्रभार वाला मंत्रालय मिला तो कोई दूसरा नेता मंत्री बन सकता है। कैबिनेट फेरबदल में राजपूत नेता की हो सकती है एंट्री मोदी कैबिनेट में राजपूत कोटे से एक भी मंत्री नहीं है। चर्चा है कि अबकी बार एक राजपूत नेता को मंत्री बनाया जा सकता है। इस वक्त 3 राजपूत सांसद हैं- राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूड़ी और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल। राधामोहन सिंह पिछली कैबिनेट में मंत्री थे। उनकी उम्र 77 साल हो चुकी है। ऐसे में बताया जा रहा है कि उनके मंत्री बनने की संभावना कम है। राजीव प्रताप रूड़ी और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल में से कोई एक मंत्री बन सकता है।
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