मानसून अपने साथ ठंडी हवाएं और राहत जरूर लेकर आता है, लेकिन कार चालकों के लिए यह मौसम कई नई चुनौतियां भी पैदा करता है। तेज बारिश के दौरान विंडशील्ड पर पानी की बूंदें जम जाना, शीशों पर धुंध छा जाना, केबिन में नमी बढ़ना और कार के अंदर कीचड़ पहुंचना आम समस्याएं हैं। इन वजहों से ड्राइविंग मुश्किल होने के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। अच्छी बात यह है कि बाजार में कुछ ऐसी किफायती कार एक्सेसरीज उपलब्ध हैं, जो न केवल आपकी कार को साफ-सुथरा रखेंगी बल्कि हर सफर को पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक भी बनाएंगी।
हाई-प्रेशर वाटर स्प्रे से मिनटों में करें सफाई
बारिश के मौसम में सड़क का कीचड़ और धूल कार की बॉडी, व्हील और अंडरबॉडी पर तेजी से जमा हो जाती है। ऐसे में हाई-प्रेशर वाटर स्प्रे एक उपयोगी उपकरण साबित होता है। इसकी तेज पानी की धार जमी हुई गंदगी को आसानी से हटा देती है, जिससे कार की चमक बनी रहती है और जंग लगने की संभावना भी कम होती है।
वाइपर डिटर्जेंट टैबलेट बढ़ाएगी विजिबिलिटी
सिर्फ वाइपर चलाना पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि कई बार शीशे पर धूल और चिकनाई की परत बनी रहती है। वाइपर वॉटर टैंक में डिटर्जेंट टैबलेट डालने से पानी अधिक प्रभावी तरीके से सफाई करता है। इससे विंडशील्ड पर जमा दाग, धूल और गंदगी आसानी से हट जाती है और सामने का दृश्य साफ दिखाई देता है।
रेन रिपेलेंट से पानी की बूंदें नहीं टिकेंगी
रेन रिपेलेंट लिक्विड विंडशील्ड पर एक अदृश्य सुरक्षात्मक परत बना देता है। इसके बाद बारिश की बूंदें शीशे पर रुकने की बजाय फिसलकर नीचे गिर जाती हैं। खासकर हाईवे ड्राइविंग के दौरान यह एक्सेसरी विजिबिलिटी को काफी बेहतर बनाती है और कई बार हल्की बारिश में वाइपर चलाने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
एंटी-रेन वाटरप्रूफ फिल्म का बढ़ता क्रेज
आजकल कार मालिकों के बीच एंटी-रेन वाटरप्रूफ फिल्म काफी लोकप्रिय हो रही है। इसे साइड ग्लास, रियर ग्लास और ओआरवीएम (साइड मिरर) पर लगाया जाता है। यह फिल्म पानी की बूंदों को शीशे पर जमने नहीं देती, जिससे लेन बदलते समय और पार्किंग के दौरान आसपास का दृश्य स्पष्ट दिखाई देता है। यही फिल्म बाइक हेलमेट के वाइजर पर भी उपयोग की जा सकती है।
एंटी-फॉग स्प्रे देगा क्रिस्टल क्लियर व्यू
बारिश के दौरान कार के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने से शीशों पर धुंध जम जाती है। एंटी-फॉग स्प्रे इस समस्या का आसान समाधान है। इसे शीशों पर लगाने से फॉग बनने की संभावना काफी कम हो जाती है और रात या सुबह की ड्राइविंग भी सुरक्षित रहती है।
इन जरूरी एक्सेसरीज को भी रखें कार में
मानसून के दौरान केवल विजिबिलिटी ही नहीं, बल्कि केबिन की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। वॉटरप्रूफ सीट कवर और रबर फ्लोर मैट कार के इंटीरियर को गीला और गंदा होने से बचाते हैं। वहीं वायरलेस डोर वार्निंग लाइट रात के समय दरवाजा खुलने पर अन्य वाहनों को सतर्क करती है। इसके अलावा टॉर्च, फर्स्ट एड किट, टो रोप, जंप स्टार्ट केबल और पोर्टेबल एयर पंप (टायर इन्फ्लेटर) जैसी इमरजेंसी एक्सेसरीज किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में बेहद काम आती हैं।
मानसून में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अपनाएं ये स्मार्ट तैयारी
बरसात के मौसम में केवल अच्छी ड्राइविंग ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सही कार एक्सेसरीज भी आपकी सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती हैं। थोड़े से निवेश से आप अपनी कार को साफ, सुरक्षित और हर मौसम के लिए तैयार रख सकते हैं। यदि आप मानसून में बिना किसी परेशानी के आरामदायक और सुरक्षित सफर करना चाहते हैं, तो इन उपयोगी एक्सेसरीज को अपनी कार का स्थायी हिस्सा जरूर बनाएं।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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मारुति सुज़ुकी ने घोषणा की है कि फ्रॉन्क्स (Fronx) ने 38 महीने से भी कम समय में 2 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा पार कर लिया है। यह 'मेड-इन-इंडिया' SUV के लिए एक नया रिकॉर्ड है। मारुति ने जून 2023 में फ्रॉन्क्स का एक्सपोर्ट शुरू किया था। पहले 1 लाख वाहन 25 महीने से भी कम समय में एक्सपोर्ट किए गए और अगले 1 लाख यूनिट लगभग 13 महीनों में एक्सपोर्ट किए गए। फ्रॉन्क्स का निर्माण गुजरात में मारुति सुज़ुकी की हंसलपुर फैसिलिटी में किया जाता है। इसे लगभग 90 देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है, जिसमें ब्रांड का घरेलू बाज़ार जापान भी शामिल है।
मारुति सुज़ुकी के MD और CEO, हिसाशी ताकेउची ने कहा कि फ्रॉन्क्स, मारुति सुज़ुकी की एक्सपोर्ट सफलता में एक अहम योगदानकर्ता रही है। FY 24-25 से यह भारत की नंबर 1 एक्सपोर्ट होने वाली पैसेंजर गाड़ी रही है और अब इसे लगभग 90 देशों में भेजा जाता है। रिकॉर्ड समय में 1 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा पार करने के बाद, फ्रॉन्क्स ने बहुत तेज़ी से 2 लाख का आंकड़ा छुआ, जो इंटरनेशनल मार्केट में इसकी बढ़ती मांग को दिखाता है।
मारुति सुजुकी पिछले 5 सालों से लगातार पैसेंजर गाड़ियों की सबसे बड़ी निर्यातक रही है। यह कंपनी लगभग 120 देशों में 17 मॉडल एक्सपोर्ट करती है। FY2026-27 की पहली तिमाही में Fronx, Jimny 5-door, e Vitara, Dzire और Baleno सबसे ज़्यादा एक्सपोर्ट किए जाने वाले मॉडल थे। इसी तिमाही में, भारत से होने वाले PV एक्सपोर्ट में कंपनी की हिस्सेदारी 55% से ज़्यादा थी। फ्रोंक्स के पांच वेरिएंट- सिग्मा, डेल्टा, डेल्टा +, जीटा और अल्फा में पेश किया गया था। एक है 1.0 लीटर 3 सिलेंडर टर्बो पैट्रोल बूस्टर जेट इंजन जबकि दूसरा है
1.2 लीटर 4 सिलेंडर। 1.0 टर्बो पैट्रोल 3 सिलेंडर वाला 100 एचपी की पावर और 147.6 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। दूसरे वैरिंट की बात करें तो यह 90 एचपी की पावर और 113 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट कर सकता है। इसे मैनुअल और ऑटोमेटिक गियर बॉक्स विकल्प के साथ मार्केट में लाया गया है। फ्रोंक्स की बाहरी विशेषताओं में एलईडी डीआरएल के साथ एलईडी मल्टी-रिफ्लेक्टर हेडलैंप, स्वचालित हेडलैंप, एलईडी रियर कॉम्बिनेशन लैंप, शार्क फिन एंटीना और 16 इंच के अलॉय व्हील हैं।
नए फ्रोंक्स के केबिन के अंदर, 9-इंच एचडी स्मार्ट प्ले प्रो + इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस ऐप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन के साथ हेड-अप डिस्प्ले, 360-डिग्री व्यू कैमरा और वायरलेस चार्जर जैसी विशेषताएं हैं। एसयूवी में छह एयरबैग हैं। अन्य सुरक्षा सुविधाओं में तीन-बिंदु ELR सीटबेल्ट, हिल-होल्ड असिस्ट और रोलओवर मिटिगेशन के साथ ESP, EBD और ब्रेक असिस्ट के साथ ABS और Isofix चाइल्ड सीट माउंट शामिल हैं। कार के पिछले हिस्से में एक तराशी हुई सीधी प्रोफाइल है जिसमें व्यापक स्वीपिंग कनेक्टेड एलईडी रियर है। अंदर, एसयूवी में केबिन में ब्लैक और बोर्डो कॉन्ट्रास्टिंग कलर स्कीम और डैशबोर्ड पर मेटल जैसी मैट फिनिश है।
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