'विराट में कंगारुओं जैसी भूख, रोहित अमूल्य धरोहर...,' भारतीय दिग्गजों के मुरीद हुए महान फील्डर जॉन्टी रोड्स
साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर जॉन्टी रोड्स ने भारतीय टीम के तीन बड़े स्टार खिलाड़ी रोहित शर्मा, विराट कोहली और शुभमन गिल को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. रोहित शर्मा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए एक बहुत बड़ी ताकत है. वहीं, विराट कोहली की तारीफ में उन्होंने कहा कि कोहली में जीत के लिए एक जबरदस्त भूख और आक्रामकता नजर आती है. इसके अलावा, शुभमन गिल को लेकर जॉन्टी रोड्स का मानना है कि उन्होंने एक कप्तान के तौर पर अपनी ऊर्जा के स्तर और व्यवहार में गजब की निरंतरता दिखाई है.
जॉन्टी रोड्स ने रोहित शर्मा को बताया टीम इंडिया की ताकत
साउथ अफ्रीका के महान क्रिकेटर जॉन्टी रोड्स का कहना है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मैचों में रोहित शर्मा का अनुभव भारतीय टीम के लिए बहुत कीमती है. उन्होंने अपने चार वर्ल्ड कप खेलने के अनुभव से बताया कि इन मैचों में खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा दबाव होता है. रोड्स के मुताबिक, ऐसे तनाव के समय रोहित शर्मा जैसा सीनियर खिलाड़ी टीम को बिखरने से बचाता है और मुश्किल हालातों को संभालते हुए आगे ले जाता है, लेकिन अक्सर लोग अनुभव की इस कीमत को समझ नहीं पाते.
विराट कोहली में है टीम को जीत दिलाने की भूख - जॉन्टी रोड्स
जॉन्टी रोड्स ने विराट कोहली को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि विराट कोहली में अपनी टीम को मैच जिताने का वैसा ही गजब का भूख और आक्रामकता है, जैसी कई वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में होती थी. रोड्स के मुताबिक, एक लीडर के तौर पर लगातार दुनिया का सबसे बेहतरीन चेजर बने रहना कोहली के मजबूत इरादे को दिखाता है, जो हर हाल में टीम को जीत दिलाकर ही दम लेते हैं.
What Jonty Rhodes said on Virat Kohli, Rohit Sharma and Shubman Gill ????#IndiaCricket #ViratKohli #RohitSharma #ShubmanGill pic.twitter.com/lKbns3Mgea
— Cricbuzz (@cricbuzz) September 2, 2026
शुभमन गिल पर क्यो बोले जॉन्टी रोड्स?
वहीं जॉन्टी रोड्स ने भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल की भी तरीफों की पूल बांधी. उन्होंने का कहना है कि शुभमन गिल ने कप्तान के तौर पर अपने जोश और बर्ताव में गजब का तालमेल दिखाया है. रोड्स के मुताबिक, रोहित और विराट जैसे सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी में खुद आगे बढ़कर आखिरी फैसला लेना सबसे मुश्किल काम होता है, जिसे शुभमन बहुत अच्छे से कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक शुभमन किसी और की नकल करने की कोशिश नहीं करते, तब तक वे बिल्कुल सही रास्ते पर हैं और उन्होंने बहुत कम समय में एक बेहतरीन कप्तान के रूप में खुद को ढाल लिया है.
27 सितंबर से एक्शन में नजर आएंगे रोहित-कोहली और गिल
वेस्टइंडीज की टीम इसी महीने भारतीय दौरे पर आ रही है, जहां दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की वनडे और 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी. भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 27 सितंबर से होगी. इस सीरीज के जरिए रोहित शर्मा और विराट कोहली एक्शन में नजर आ सकते हैं. वहीं वनडे सीरीज में शुभमन गिल टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे.
उत्तराखंड के 26 मदरसों को मिली मान्यता, CM धामी बोले- आधुनिक शिक्षा से ही बच्चों का भविष्य होगा उज्ज्वल
देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए. आईआरडीटी सभागार में आयोजित इस समारोह की थीम “नई पहचान, नया सम्मान. आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य” रखी गई. मुख्यमंत्री ने इसे अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत बताते हुए मान्यता प्राप्त संस्थानों के संचालकों और प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं.
परंपरा के साथ आधुनिक शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परंपराओं और संस्कारों का अपना महत्व है, लेकिन आज का दौर ज्ञान-विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है. ऐसे समय में बच्चों को केवल पारंपरिक या किताबी ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है. उन्हें बदलती दुनिया की जरूरतों के अनुसार आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि बच्चों में ऐसी क्षमता विकसित करना होना चाहिए, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें.
डॉक्टर, इंजीनियर से वैज्ञानिक तक बनने का अवसर
सीएम ने कहा कि हर बच्चे के भीतर अलग-अलग प्रतिभा और क्षमता होती है. बेहतर शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिलने पर कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, लेखक या प्रशासनिक अधिकारी बन सकता है. वहीं कृषि क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थी आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से खेती को नई दिशा दे सकते हैं.
उन्होंने शिक्षण संस्थानों से बच्चों को व्यावहारिक, रोजगारपरक और तकनीकी शिक्षा देने पर विशेष ध्यान देने की अपील की.
AI और टेक्नोलॉजी को अपनाना समय की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही है और नई तकनीक लगातार जीवन के हर क्षेत्र को बदल रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च और इनोवेशन आने वाले समय में रोजगार और विकास के महत्वपूर्ण आधार होंगे. ऐसे में बच्चों को इन क्षेत्रों की जानकारी और कौशल से लैस करना जरूरी है.
उन्होंने नई पीढ़ी की डिजिटल समझ का उदाहरण देते हुए कहा कि कम उम्र के बच्चे भी आज ऐसी तकनीकी जानकारी रखते हैं, जिसे कई बार बड़े लोग भी नहीं जानते. इसलिए बच्चों की क्षमता को पहचानकर उसे सकारात्मक दिशा देना जरूरी है.
सभी वर्गों को समान अवसर देने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसी समुदाय या वर्ग को निशाना बनाना नहीं है. सरकार चाहती है कि सभी वर्गों को समान अवसर मिले और बच्चों को आगे बढ़ने का उचित मंच उपलब्ध हो.
उन्होंने समान नागरिक संहिता और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों व्यवस्थाओं को किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए. सरकार का उद्देश्य व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है.
शिक्षा संस्थानों से जिम्मेदारी निभाने की अपील
सीएम धामी ने कहा कि केवल मान्यता प्रमाण-पत्र मिलना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है. असली सफलता तब होगी, जब इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा, कौशल और भविष्य में वास्तविक बदलाव दिखाई देगा.
उन्होंने शिक्षण संस्थानों से गांव-गांव और घर-घर तक आधुनिक शिक्षा का संदेश पहुंचाने तथा सरकार के साथ सहयोग से इस व्यवस्था को मजबूत बनाने की अपील की.
देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर के संस्थान शामिल
मान्यता पाने वाले संस्थानों में देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जिलों के विभिन्न मदरसे और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान शामिल हैं. कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री खजान दास, उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी समेत विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
नई व्यवस्था से शिक्षा में बदलाव की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मान्यता प्राप्त संस्थान आधुनिक शिक्षा, तकनीक, कौशल और अच्छे संस्कारों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे.
उनके मुताबिक, आज शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड के लिए एक नई पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
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