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टाइगर वुड्स का ड्राइविंग लाइसेंस 5 साल के लिए सस्पेंड:अमेरिकी गोल्फर को जेल नहीं जाना पड़ेगा, 27 मार्च को रोड एक्सीडेंट हुआ था

फ्लोरिडा के स्टुअर्ट में टाइगर वुड्स ने मार्च में हुई DUI गिरफ्तारी का केस खत्म करने के लिए समझौता किया है। इससे उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। समझौते के तहत DUI आरोप को दूसरी बार लापरवाही से ड्राइविंग के आरोप में बदला गया है। वुड्स 5 साल तक गाड़ी नहीं चला सकेंगे। समझौते की शर्तों में जेल की सजा का प्रावधान भी है। बुधवार को कोर्ट में पेश हुए वुड्स वुड्स बुधवार को मार्टिन काउंटी कोर्ट में आरोप बदलने की सुनवाई के लिए पहुंचे। वे सुबह 8 बजे के कुछ देर बाद कोर्ट में दाखिल हुए। उनकी गर्लफ्रेंड वैनेसा ट्रंप भी उनके साथ थीं। यह मामला 27 मार्च को हुए हादसे से जुड़ा है। 50 साल के वुड्स की गाड़ी एक पिकअप ट्रक से टकरा गई थी, जिसके बाद उनकी कार पलट गई। वुड्स और ट्रक के ड्राइवर, दोनों ने हादसे में चोट लगने की जानकारी नहीं दी। वुड्स ने पुलिस को बताया था कि हादसे के समय उन्होंने अपना फोन नीचे देखा और रेडियो स्टेशन बदल रहे थे। सोब्रायटी टेस्ट में फेल होने के बाद गिरफ्तारी सोब्रायटी टेस्ट में फेल होने के बाद वुड्स को गिरफ्तार किया गया था। ब्रीथलाइजर टेस्ट में शराब का कोई अंश नहीं मिला, लेकिन वुड्स ने यूरिन टेस्ट कराने से इनकार कर दिया। अफसरों के मुताबिक, वुड्स ने बताया था कि उन्होंने ‘कुछ गोलियां’ ली थीं। मार्टिन काउंटी शेरिफ ऑफिस की ओर से जारी गिरफ्तारी के हलफनामे के मुताबिक, वुड्स की जेब से बाद में हाइड्रोकोडोन की दो गोलियां मिली थीं। यह हलफनामा द एथलेटिक ने देखा है। अफसरों ने वुड्स को ‘सुस्त’ बताया था। इसके बाद उन पर प्रॉपर्टी डैमेज के साथ DUI और कानूनी यूरिन जांच कराने से इनकार करने का आरोप लगाया गया था। वकील ने दोनों आरोपों में निर्दोष बताया था वुड्स के वकील डगलस डंकन ने 31 मार्च को उनकी ओर से दोनों आरोपों में निर्दोष होने की दलील दी थी। उन्होंने जूरी ट्रायल की मांग भी की थी। उसी दिन वुड्स ने कुछ समय के लिए ‘खुद को अलग करने’ और ‘इलाज कराने’ की बात कही थी। उन्हें देश से बाहर जाने की अनुमति दी गई थी और उन्होंने स्विट्जरलैंड के एक रिहैब सेंटर में कई हफ्ते बिताए थे। 2017 में भी DUI केस हुआ था डगलस डंकन 2017 के DUI केस में भी वुड्स के वकील थे। उस केस में वुड्स ने लापरवाही से ड्राइविंग का आरोप स्वीकार किया था और DUI डायवर्जन प्रोग्राम पूरा किया था। उन्हें निगरानी पर रखा गया था और 50 घंटे की सामुदायिक सेवा करनी पड़ी थी। वापसी के बाद कम ही नजर आए वुड्स वापसी के बाद वुड्स को कभी-कभार ही सार्वजनिक तौर पर देखा गया है। जून में वे PGA टूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में थोड़ी देर के लिए नजर आए थे, जहां उन्होंने नया शेड्यूल जारी किया था। उन्होंने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के जवाब नहीं दिए थे। पिछले हफ्ते उन्होंने अपने दोस्त और स्टैनफोर्ड के पूर्व साथी नोटाह बेगे के लिए एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। बेगे को अटलांटा में हुए टूर चैंपियनशिप के दौरान पेन स्टुअर्ट अवॉर्ड मिला था। इस खबर को अपडेट किया जाएगा।

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  Sports

ICC Women’s Champions Trophy 2027: भारत की मेजबानी में शुरू होगा महिला क्रिकेट का नया युग, Jay Shah ने दी मंजूरी

महिला क्रिकेट के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बुधवार को घोषणा की कि पहली आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 का आयोजन भारत में किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 14 से 28 फरवरी 2027 तक मुंबई और वडोदरा में खेला जाएगा। प्रतियोगिता का फाइनल 28 फरवरी को आयोजित होगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और वडोदरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को टूर्नामेंट के लिए चुना गया है। इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में दुनिया की छह मजबूत महिला क्रिकेट टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका शामिल हैं।

इन छह टीमों का चयन 6 जुलाई की निर्धारित योग्यता तिथि पर आईसीसी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम रैंकिंग में उनकी स्थिति के आधार पर हुआ है। सभी टीमें लीग चरण में एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। इसके बाद अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान पर रहने वाली टीमें खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी।

बता दें कि महिला चैंपियंस ट्रॉफी का पहला संस्करण पहले श्रीलंका में आयोजित किया जाना था। हालांकि श्रीलंका क्रिकेट को आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में जुलाई में तय किए गए सुधारों को पूरा करना है। इसी वजह से आयोजन की मेजबानी बदलने का फैसला किया गया।

मेजबान देश के चयन के लिए आईसीसी ने बांग्लादेश, भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्तावों का मूल्यांकन किया। इसके लिए तय मेजबानी मानकों के आधार पर तीनों देशों की व्यवस्थाओं और क्षमताओं को परखा गया। इसके बाद भारत को नए मेजबान के रूप में चुने जाने की सिफारिश की गई। आईसीसी बोर्ड ने 2 सितंबर को इस फैसले को मंजूरी दे दी।

आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 महिला क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। उनके अनुसार पहली बार होने वाला यह टूर्नामेंट दुनिया की शीर्ष टीमों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी मंच देगा। साथ ही टीमों के लिए विश्व रैंकिंग में ऊपर पहुंचने और वैश्विक स्तर पर अपनी जगह मजबूत करने की प्रेरणा भी बढ़ेगी।

गौरतलब है कि आईसीसी महिला क्रिकेट में लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा है। हर साल एक प्रमुख महिला प्रतियोगिता आयोजित होने से खिलाड़ियों को नियमित रूप से उच्च स्तर के मुकाबले खेलने का अवसर मिलेगा। इससे महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहां महिला क्रिकेट को लेकर दर्शकों की रुचि लगातार बढ़ी है। मुंबई और वडोदरा जैसे क्रिकेट केंद्रों में आयोजन से खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अनुभव मिलेगा।

आईसीसी ने कहा है कि टूर्नामेंट के टिकटों की बिक्री और सभी मुकाबलों का विस्तृत कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। फिलहाल छह टीमों के बीच होने वाली इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता को लेकर महिला क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें फरवरी 2027 पर टिकी हुई हैं।
Wed, 02 Sep 2026 22:08:00 +0530

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