तिलक वर्मा की टीम ने मारी फाइनल में एंट्री, अब साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच होगा दलीप ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला
Duleep Trophy Final : तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में जगह बना ली है. साउथ जोन ने दलीप ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में नॉर्थ जोन को चौथे दिन 7 विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया है. अब तिलक वर्मा की टीम की टक्कर ईस्ट जोन से होगी, जहां ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी की लीडरशिप में टीम खेलती हुई नजर आएगी. दलीप ट्रॉफी 2026-27 का फाइनल मुकाबला 6 अक्टूबर से चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा.
साउथ जोन ने बनाई फाइनल में जगह
दलीप ट्रॉफी का दूसरा सेमीफाइनल मैच साउथ जोन और नॉर्थ जोन के बीच खेला गया. इस मैच में नॉर्थ जोन की टीम ने पहली पारी में 59.1 ओवर में 10 विकेट गंवाकर 195 रन बनाए. इसके जवाब में साउथ जोन ने पहली पारी में 100.3 ओवर में 10 विकेट खोकर 312 रन बनाए. साउथ जोन ने पहली पारी के आधार पर नॉर्थ जोन ने 117 रनों की बढ़त बानाई.
नॉर्थ जोन ने दूसरी पारी में 72.4 ओवर में 10 विकेट के नुकसान पर 279 रन बनाए. इसके साथ ही साउथ जोन को जीत के लिए चौथी पारी में 181 रनों की लक्ष्य जीत के लिए मिला. इस लक्ष्य को तिलक वर्मा की साउथ जोन ने 43.1 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाकर हासिल कर लिया और मुकाबले को 7 विकेट से जीतकर फाइनल में जगह बना ली.
South Zone cruise into the final ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 2, 2026
They chase down 181 and beat North Zone by 7 wickets ????
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साउथ जोन और ईस्ट जोन में होगा फाइनल
साउथ जोन की जीत के साथ ही तय हो गया कि दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइलन मैच किन दो टीमों के बीच होगा. अब फाइनल मैच 6 अक्टूबर से साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खेला जाएगा. ईस्ट जोन ने रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. अब साउथ जोन भी फाइनल में पहुंच चुकी है. इन दोनों टीमों के बीच टक्कर अब तमिलनाडु में होगी. जहां चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में दोनों के बीच मुकाबला खेला जाएगा.
Gritty. Resolute. Class ????
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Watch ???? Tilak Varma's brilliant 116* that helped South Zone take the lead ????
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तिलक वर्मा ने मचाया बल्ले के साथ धमाल
साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने पहली पारी में 250 बॉल में 9 चौकों के साथ 116 रनों की शतकीय पारी खेली. इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद रहते हुए 79 बॉल में 8 चौकों के साथ 51 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली. वो नाबाद रहे और उनके बल्ले से ही विनिंग शॉट निकला. इसके अलावा तिलक कप्तानी में भी कापी शानदार नजर आए. उन्होंने अपने गेंदबाजों को सही तरीके से इस्तेमाल किया.
इन खिलाड़ियों ने भी दिया शानदार योगदान
टीम के लिए तिलक के अलावा बल्ले के साथ श्रेयस गोपाल ने पहली पारी में 87 रनों की पारी खेली. वहीं दूसरी पारी में रिकी भुई ने 42 और एन जगदीशन ने 43 रनों की पारी खेली. वहीं बॉल के साथ पहली पारी में विद्वाथ कवरप्पा ने गेंद के साथ 4 विकेट चटकाए और दूसरी पारी में एमडी निधीश ने 5 विकेट हासिल किए.
नॉर्थ जोन के लिए पहली पारी में कमरैन इकबाल ने 182 बॉल में 10 चौके और 1 छक्के के साथ 76 रनों की पारी खेली. वहीं दूसरी पारी में सनत सांगवान ने 76 और आयुष दोसेजा ने 52 रनों का योगदान दिया. गेंद के साथ गुरनूर बराड़ ने पहली पारी में 4 और 1 विकेट हासिल किया. वहीं अर्शदीप सिंह ने पहली पारी में 2 विकेट अपने नाम किए.
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भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2029 तक बढ़कर 6 गीगावाट होने की उम्मीद
नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। भारत का डेटा सेंटर इंडस्ट्री की क्षमता जून 2026 तक 1.6 गीगावाट की क्षमता से बढ़कर 2029 तक 6 गीगावाट होने की उम्मीद है। इसके लिए करीब 110 अरब डॉलर की पूंजी की जरूरत होगी। इस वृद्धि को एआई वर्कलोड और हाइपरस्केल क्लाउड की तैनाती से बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
जेएलएल की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में डेटा सेंटर क्षेत्र में 101 मेगावाट की मांग दर्ज की गई, जो पिछले तीन वर्षों के पहली छमाही के औसत से 20 प्रतिशत से अधिक है।
इस अवधि में आपूर्ति भी मजबूत रही और 85 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई, जो मुख्य रूप से मुंबई और चेन्नई में केंद्रित रही। पहले से बुक की गई क्षमता की तेजी से डिलीवरी के कारण डेटा सेंटर में मौजूद खाली क्षमता घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर 2.8 प्रतिशत पर आ गई, जो बाजार की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक हाइपरस्केलर कंपनियां बाजार की गतिशीलता को मूल रूप से बदल रही हैं। वे नई क्षमता का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा सेल्फ-बिल्ड सुविधाओं के जरिए विकसित करने की प्रतिबद्धता जता रही हैं।
हाइपरस्केल सेल्फ-बिल्ड परियोजनाओं के तहत 2029 तक 1.4 गीगावाट क्षमता उपलब्ध होने की उम्मीद है। बड़े निवेश के चलते हैदराबाद और विशाखापत्तनम जैसे शहर गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर हब में बदल रहे हैं, जबकि मुंबई और चेन्नई जैसे स्थापित बाजार भी तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
हालिया केंद्रीय बजट में विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए 20 साल की टैक्स हॉलिडे की घोषणा की गई है, जिसे 31 मार्च, 2047 तक बढ़ाया गया है। इससे निवेश प्रतिबद्धताओं में काफी तेजी आई है।
इस नीति के तहत 50 अरब डॉलर से अधिक की विदेशी पूंजी निवेश प्रतिबद्धताएं आकर्षित हुई हैं। यह पहल भारत को वैश्विक एआई और क्लाउड सेवाओं की रूटिंग के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ लंबी अवधि के पूंजी निवेश के जोखिम को कम करने में मदद कर रही है।
इस विस्तार के लिए रियल एस्टेट निर्माण पर 4 अरब डॉलर, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग (एमईपी) बुनियादी ढांचे पर 18 अरब डॉलर तथा सर्वर और रैक समेत आईटी उपकरणों पर 88 अरब डॉलर की जरूरत होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2033 तक छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) विकसित होने से बड़े डेटा सेंटर कैंपस के लिए ऑफ-ग्रिड बिजली समाधान की भविष्य में संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।
—आईएएनएस
एबीएस
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