किआ Sorento की एंट्री से मचेगा तहलका! हाइब्रिड इंजन और ADAS के साथ 4 सितंबर को होगी लॉन्च
Kia Sorento Hybrid: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में किआ अपनी नई और शानदार कार सोरेंटो को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. चार सितंबर को लॉन्च होने वाली यह एसयूवी कंपनी को प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में एक नई पहचान दिलाएगी. यह एक थ्री-रो एसयूवी है जिसका निर्माण भारत में ही किया जा रहा है. आंध्र प्रदेश के अनंतपुर प्लांट में इसका प्रोडक्शन हो रहा है. सबसे खास बात यह है कि सोरेंटो भारतीय बाजार में किआ की पहली हाइब्रिड कार होने जा रही है, जो ग्राहकों को हाइब्रिड और डीजल दोनों विकल्पों में उपलब्ध होगी.
जानें किआ सोरेंटो की क्या रहेगी खासियत
सोरेंटो के हाइब्रिड वर्जन में 1.6 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया जाएगा, जो एक इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी पैक के शानदार कॉम्बिनेशन के साथ आएगा. इस पावरट्रेन को 6-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन से जोड़ा गया है. कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि हाइब्रिड मॉडल में ऑल-व्हील ड्राइव का सपोर्ट मिलेगा. इसके ग्लोबल मॉडल की बात करें तो यह 227 एचपी की दमदार पावर और 349 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है. हालांकि भारत में इसकी पावर क्षमता क्या होगी, इस पर अभी रहस्य बरकरार है. इसके अलावा डीजल पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए 2.2 लीटर का टर्बो चार्ज्ड इंजन मिलेगा, जो 8-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ आएगा.
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कार में यात्रियों को मिलेगी स्पेस
यह किआ की एक प्रीमियम 7 सीटर एसयूवी है, जिसे काफी मस्कुलर लुक दिया गया है. इसकी लंबाई 4815 एमएम, चौड़ाई 1900 एमएम और व्हीलबेस 2815 एमएम है. बड़े व्हीलबेस की वजह से केबिन में यात्रियों को काफी अच्छी स्पेस मिलेगी. कंपनी ने इसके केबिन को अपनी दूसरी कार 'कारेन्स' से बिल्कुल अलग और ज्यादा लग्जरी रखा है. डैशबोर्ड को मॉडर्न लुक देने के लिए इसमें 12.3 इंच की दो बड़ी स्क्रीन्स दी गई हैं, जो इन्फोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का काम करेंगी.
कार में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
फीचर्स के मामले में यह कार पूरी तरह से लोडेड होगी. लग्जरी का अहसास कराने के लिए इसमें पैनोरोमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट और सेकंड रो सीट्स, पावर्ड सीट एडजस्टमेंट, शानदार एंबिएंट लाइटिंग, स्मार्टफोन के लिए वायरलेस चार्जिंग और बेहतरीन म्यूजिक एक्सपीरियंस के लिए प्रीमियम बोस ऑडियो सिस्टम जैसी सुविधाएं मिलेंगी. इसके हाई-एंड वेरिएंट्स में दूसरी पंक्ति में कैप्टन सीट्स का विकल्प भी दिया जा सकता है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस एसयूवी को लेवल 2 एडास (ADAS) तकनीक से भी लैस किए जाने की उम्मीद है.
जानें क्या रहेगी इस कार की कीमत
भारतीय बाजार में किआ सोरेंटो को लगभग 35 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया जा सकता है. इस सेगमेंट में कदम रखते ही सोरेंटो का सीधा और कड़ा मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर, स्कोडा कोडियाक, जीप मेरिडियन और फॉक्सवैगन टेरॉन जैसी दिग्गज एसयूवी से होगा. इसके साथ ही, हाल ही में बाजार में उतरी एमजी हेक्टर टॉमाहॉक प्लगइन हाइब्रिड भी इसे कड़ी चुनौती दे सकती है.
पति की तालाक याचिका को हाईकोर्ट ने किया मंजूर, बूढ़ी मां को छोड़कर अलग घर में रहने को मजबूर करती थी पत्नी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर कोई पति अपनी बूढ़ी और बीमार मां छोड़कर कहीं और रहने से इनकार करता है तो यह कोई क्रूरता नहीं है. कोर्ट ने कहा कि शादी के बाद माता-पिता के प्रति किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारियां खत्म नहीं होती हैं. जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी ने अपनी पत्नी से तालाक चाहने वाले व्यक्ति की अपील को मंजूरी दे दी. उन्होंने पति की तालाक की अर्जी खारिज करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करके शादी को खत्म कर दिया.
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अब जानें हाई कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने पत्नी की जिद (उसका पति उसके साथ किसी दूसरे घर में रहे) पर ध्यान देते हुए कहा कि अलग घर की मांग को हमेशा क्रूरता नहीं माना जा सकता है. क्योंकि जीवनसाथी के पास अलग घर चाहने के वाजिब कारण हो सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि यह देखना जरूरी था कि क्या यह जिद हालात के हिसाब से सही थी या फिर पति को अपने माता-पिता से रिश्ता तोड़ने या फिर उसे बदलने के लिए मजबूर करने की अनुचित कोशिश थी. मामले में अदालत ने पाया कि पीड़ित पति की मां बूढ़ी और बहुत बीमार थी.
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पति का अलग न होना अनुचित नहीं था- हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने कहा कि पति का यह कहना कि वह अपनी मां से दूर नहीं होना चाहता है, यह न तो अप्राकृतिक था और न ही अनुचित. बल्कि यह परिवार के प्रति एक वाजिब जिम्मेदारी को दर्शाता है. पति के पास ऐसे हालात में पूरा हक था कि वह खुद तय कर सके कि वह अपनी मां के साथ रहना चाहता है या फिर पत्नी के साथ किसी दूसरे घर में.
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बूढ़े या बीमार मां-बाप के प्रति जिम्मदारी खत्म नहीं हो जाती- हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि वैवाहिक रिश्ता किसी भी जीवनसाथी को दूसरे को पहले से चली आ रही पारिवारिक जिम्मेदारियों को छोड़ने या फिर उनसे मुंह मोड़ने के लिए मजबूत करने का असीमित अधिकार नहीं देता है. अदालत ने कहा कि शादी से एक नया परिवार बनता है लेकिन इससे उसकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारियां खत्म नहीं हो जाती हैं, जो किसी व्यक्ति की अपने बूढ़े या फिर बीमार माता-पिता के प्रति हो सकती है.
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