पणजी, दो सितंबर गोवा विधानसभा ने गोवा बाल (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया, जिसमें राज्य के बाल संरक्षण संबंधी कानून से ‘‘कुष्ठ रोग’’ के संदर्भ हटाने का प्रावधान किया गया है, ताकि इस बीमारी से प्रभावित लोगों के प्रति सामाजिक कलंक और भेदभाव को खत्म किया जा सके। राज्य के महिला एवं बाल विकास मंत्री विश्वजीत राणे ने मंगलवार को विधानसभा में गोवा बाल अधिनियम, 2003 में संशोधन के लिए यह विधेयक पेश किया। बाद में सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, यह संशोधन कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति सामाजिक कलंक और भेदभाव खत्म करने तथा राज्य के कानून को सात मई, 2025 के उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुरूप बनाने के लिए लाया गया है। विधेयक में मूल अधिनियम के दो प्रावधानों से ‘‘कुष्ठ रोग’’ शब्द हटाने का प्रस्ताव किया गया था। अधिनियम की धारा-2 तहत पहले कुष्ठ रोग और एचआईवी को ऐसी बीमारियों के रूप में संदर्भित किया गया था, जिनसे सामाजिक कलंक जुड़ा हुआ है।
संशोधन के जरिए इस प्रावधान से कुष्ठ रोग का उल्लेख हटा दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा।
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बुधवार, 2 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) भारी गिरावट के साथ खुले। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों ने घरेलू बाजार के मूड को बिगाड़ दिया। जहाँ 30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 472.96 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 76,471.32 पर खुला, वहीं निफ्टी 196.60 अंक की गिरावट के साथ 23,859.20 पर खुला।
पिछले ट्रेडिंग सेशन में, सेंसेक्स 76,944.28 पर और निफ्टी 50 24,055.80 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में व्यापक इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। जहाँ BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 191.17 अंक नीचे था, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 95.48 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 9,117.94 पर ट्रेड कर रहा था।
शुरुआती कारोबार में बाज़ार का रुख नकारात्मक रहा, जिसमें NSE पर 1,336 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,180 शेयरों में गिरावट देखी गई। 132 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया?
निफ्टी 50 के लिए शुरुआती संकेत देने वाले गिफ्ट निफ्टी ने आज सतर्क शुरुआत का संकेत दिया, क्योंकि यह पिछले बंद भाव 24,051 की तुलना में 25 अंक की गिरावट के साथ 24,026 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) मंगलवार को खरीदार रहे और उन्होंने 1 सितंबर, 2026 को 1,143.38 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी खरीदार बने रहे और उन्होंने 1,846.94 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा, "मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने ₹1,143 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की, जिससे दो सेशन से जारी बिकवाली का दौर खत्म हुआ। वहीं, घरेलू संस्थाओं ने ₹1,847 करोड़ की खरीदारी की, जो निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट का संकेत है। रुपया भी लगातार तीन सेशन से मजबूत हुआ है और मंगलवार को डॉलर के मुकाबले ₹94.95 के दो महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। साथ ही, 7.8 प्रतिशत की हालिया GDP ग्रोथ घरेलू मांग और साइक्लिकल सेक्टर के लिए मजबूत आधार को और पुख्ता कर रही है।"
आज एशियाई बाजार
अमेरिकी शेयरों में व्यापक गिरावट के बाद एशियाई शेयरों पर फिर से दबाव देखा गया। ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के एक और दौर से तेल की कीमतें बढ़ गईं और लगातार ऊंची महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। रिपोर्ट लिखे जाने के समय जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1,837.34 अंक या 2.77 प्रतिशत गिरकर 64,378 पर था। इसी तरह, हांगकांग का हैंग सेंग 294.73 अंक या 1.16 प्रतिशत नीचे आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 231.88 अंक या 3.39 प्रतिशत गिरा और शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 32.63 अंक या 0.83 प्रतिशत नीचे रहा।
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